भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के कार्यकर्ताओं ने पिछले रबी सीजन में हुए फसली नुकसान के मुआवजा के चेक और बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान दिलाने के लिए शनिवार को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। इससे पहले, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में पंचायत की और किसान हित के मुद्दों पर चर्चा कर शासन-प्रशासन को उदासीनता बताया। पंचायत में जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि रबी की मुख्य फसल गेहूं मंडियों में पहुंचने लगी है, लेकिन खरीद के लिए संबंधित एजेंसियों ने कोई तैयारी नहीं की। मंडियों में सक्रिय बिचौलिए और गल्ला आढ़ती समर्थन मूल्य से कम रेट देने के बाद वही गेहूं खरीद एजेंसियों को बिक्री करके मुनाफे का बंदरबांट कर रहे हैं। यही नहीं, आढ़ती नगद भुगतान के बदले एक माह का एक से डेढ़ प्रतिशत ब्याज वसूल रहे हैं। पंचायत के बाद रिक्शे पर लाउडस्पीकर लगाकर जुलूस के रूप में भाकियू कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शन कर धरना दिया। इस मौके पर डीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में सभी केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू कराकर किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने, बंडा की मंडी में नीलामी चबूतरे व्यापारियों के कब्जे से मुक्त कराने, आपदा राहत के अवशेष चेकों का वितरण कराने, गन्ना का शेष भुगतान शीघ्र कराने आदि मांगों का उल्लेख है। प्रदर्शन में रंजीत सिंह, छुट्टन अंसारी, रामप्रताप वर्मा, जयेंद्र सिंह, अनिल यादव, श्रीकृष्ण जाटव, कुलदीप सिंह, उदयवीर यादव आदि शामिल रहे।