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Shahjahanpur News: नगर निगम बोर्ड में भाजपा बहुमत के पार, सपा साफ
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शाहजहांपुर। नगर निगम बोर्ड में भाजपा ने बहुमत हासिल कर लिया है। 60 वार्डों में से 41 में भाजपा के प्रत्याशी चुनाव जीतने में सफल हुए हैं। पहली बार सपा का सदन से प्रतिनिधित्व पूरी तरह खत्म हो गया है। सपा का एक भी प्रत्याशी जीतने में सफल नहीं हो सका। 14 निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। कांग्रेस के तीन, बसपा और आम आदमी पार्टी का एक-एक प्रत्याशी जीता है।
पिछली बार नगर पालिका परिषद के चुनाव में 44 वार्डों में सपा समर्थित करीब 22 समर्थित प्रत्याशी जीते थे। भाजपा का प्रदर्शन उस चुनाव में भी ठीक ही रहा था। भाजपा के 20 सभासद जीते थे। कार्यकाल शुरू होने के बाद बोर्ड की एक बैठक जैसे-तैसे हो सकी थी। इस बीच नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिलने पर बोर्ड भंग हो गया था। इससे पालिकाध्यक्ष समेत सभासदों को झटका लगा था। शनिवार को आए परिणाम में नगर निगम से सपा का सूपड़ा साफ हो गया है। 44 वार्डों में उतारे गए सपा प्रत्याशियों में से एक भी जीत हासिल करने में कायमाब नहीं हो सका है।
दूसरी ओर भाजपा ने अपने प्रदर्शन से सभी को चकित कर दिया। महापौर पद पर कब्जे के साथ ही भाजपा के 41 पार्षद प्रत्याशी भी चुनाव जीतकर सदन में पहुंच गए हैं। केवल भाजपा ने ही सभी 60 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे। 14 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जनता का विश्वास जीतने में कामयाबी हासिल की ली। कांग्रेस के तीन पार्षद बने हैं। बसपा और आम आदमी पार्टी ने भी एक-एक सीट पर कब्जा कर अपना खाता खोल लिया है।
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सपा के टिकट वितरण में रही झोल, जिलाध्यक्ष के भाई तक हारे
भाजपा ने सर्वे के बाद पार्षद टिकट के आवेदकों की हकीकत परखने के बाद टिकट दिया। वहीं दूसरी ओर सपा ने टिकट वितरण में झोल कर दिया। सपा जिलाध्यक्ष ने अपने भाई, प्रतिनिधि व अपने साथ चलने वालों तक को टिकट दे दिया। जिताऊ प्रत्याशियों के टिकट काटकर दूसरों को थमा दिए जाने के चलते सपा का सूपड़ा साफ हो गया। जिलाध्यक्ष तनवीर खान के भाई पप्पी तक चुनाव हार गए। वह तीसरे स्थान पर रहे हैं।
साइकिल से उतरने के बाद चुनाव जीत गए कई नेता
टिकट न मिलने के बाद साइकिल से उतरने वाले कई नेता चुनाव जीतकर पार्षद बन गए हैं। जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने अपने करीबी तालिब खां का टिकट काटकर पूर्व में चुनाव जीते कयूम को निसरजई वार्ड से टिकट दिया। तालिब ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर टिकट पा लिया। उन्हें वरिष्ठ नेता अशफाक उल्ला खां चुनाव लड़ा रहे थे। मतगणना में तालिब ने जीत दर्ज कर ली। इसी तरह टिकट न मिलने पर सपा नेता मोहम्मद रजी मंसूरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत गए।
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पिछली बार नगर पालिका परिषद के चुनाव में 44 वार्डों में सपा समर्थित करीब 22 समर्थित प्रत्याशी जीते थे। भाजपा का प्रदर्शन उस चुनाव में भी ठीक ही रहा था। भाजपा के 20 सभासद जीते थे। कार्यकाल शुरू होने के बाद बोर्ड की एक बैठक जैसे-तैसे हो सकी थी। इस बीच नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिलने पर बोर्ड भंग हो गया था। इससे पालिकाध्यक्ष समेत सभासदों को झटका लगा था। शनिवार को आए परिणाम में नगर निगम से सपा का सूपड़ा साफ हो गया है। 44 वार्डों में उतारे गए सपा प्रत्याशियों में से एक भी जीत हासिल करने में कायमाब नहीं हो सका है।
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दूसरी ओर भाजपा ने अपने प्रदर्शन से सभी को चकित कर दिया। महापौर पद पर कब्जे के साथ ही भाजपा के 41 पार्षद प्रत्याशी भी चुनाव जीतकर सदन में पहुंच गए हैं। केवल भाजपा ने ही सभी 60 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे थे। 14 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जनता का विश्वास जीतने में कामयाबी हासिल की ली। कांग्रेस के तीन पार्षद बने हैं। बसपा और आम आदमी पार्टी ने भी एक-एक सीट पर कब्जा कर अपना खाता खोल लिया है।
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सपा के टिकट वितरण में रही झोल, जिलाध्यक्ष के भाई तक हारे
भाजपा ने सर्वे के बाद पार्षद टिकट के आवेदकों की हकीकत परखने के बाद टिकट दिया। वहीं दूसरी ओर सपा ने टिकट वितरण में झोल कर दिया। सपा जिलाध्यक्ष ने अपने भाई, प्रतिनिधि व अपने साथ चलने वालों तक को टिकट दे दिया। जिताऊ प्रत्याशियों के टिकट काटकर दूसरों को थमा दिए जाने के चलते सपा का सूपड़ा साफ हो गया। जिलाध्यक्ष तनवीर खान के भाई पप्पी तक चुनाव हार गए। वह तीसरे स्थान पर रहे हैं।
साइकिल से उतरने के बाद चुनाव जीत गए कई नेता
टिकट न मिलने के बाद साइकिल से उतरने वाले कई नेता चुनाव जीतकर पार्षद बन गए हैं। जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने अपने करीबी तालिब खां का टिकट काटकर पूर्व में चुनाव जीते कयूम को निसरजई वार्ड से टिकट दिया। तालिब ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर टिकट पा लिया। उन्हें वरिष्ठ नेता अशफाक उल्ला खां चुनाव लड़ा रहे थे। मतगणना में तालिब ने जीत दर्ज कर ली। इसी तरह टिकट न मिलने पर सपा नेता मोहम्मद रजी मंसूरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत गए।