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बीएलओ की कारगुजारी के खिलाफ भड़के ग्रामीण
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:30 PM IST
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कांट क्षेत्र के गांव मरेना, सदर क्षेत्र की ग्राम पंचायत शहामतगंज गौंटिया और भावलखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत गौरी कलां में पंचायत चुनाव के मद्देनजर वोटर लिस्टों में बीएलओ द्वारा फर्जी तरीके से नाम घटाए-बढ़ाए जाने पर वहां के ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने ग्राम प्रधान और पूर्व प्रधान के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। बाद में डीएम और एसडीएम के नाम ज्ञापन देकर संबंधित बीएलओ पर कार्रवाई के साथ गांव की मतदाता सूचियों में जरूरी संशोधन कराने की मांग की।
मरेना की सूची में मृतकों और बाहरी लोग शामिल
गांव मरेना के रहने वाले जगदीश पाल, शकुंतला देवी, सावित्री, कौशल्या, मनोजा देवी, रजनी, रामकिशोर, राजकुमार मौर्य, जगदीश पाल, मनोज सिंह, ब्रजेश राठौर, प्रेमपाल आदि ने ग्राम प्रधान सरिता सिंह और उनके पति योगेंद्र पाल के नेतृत्व में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान सरिता ने एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय को बताया कि पंचायत चुनाव में लगाए गए बीएलओ ने पहले विभिन्न वार्डों में फर्जी वोट बनाए। अब दावा और आपत्तियों के निस्तारण में भी पुराने बीएलओ की ड्यूटी लगा दी गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत मरेना की कुल आबादी 3059 है और 2326 वोट हैं। गांव की मतदाता सूची में 90 मृतकों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें हटाया नहीं गया है। इसके अतिरिक्त अन्य स्थानों पर रहने वाले 170 वोट मरेना की मतदाता सूची में जोड़ दिए गए। ग्राम प्रधान ने किसी सक्षम अधिकारी की देखरेख में समिति गठित करके मतदाता सूची का पुलिस की देखरेख में सत्यापन कराने की मांग की।
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शहामतगंज गौंटिया की कॉलोनियों का नहीं हुआ सर्वे
निगोही रोड पर सैनिक कॉलोनी और शांतिपुरम् कॉलोनी को मिलाकर नवसृजित ग्राम पंचायत शहामतगंज गौंटिया के अरशद खां, हिदाकत शाह, राजकुमार, इरफान, यामीन खां, उसमान अली, छोटे लाल, बच्चू लाल, दिनेश शर्मा, राजेश शर्मा, भजन लाल, छविनाथ शर्मा आदि ने एसडीएम को बताया कि दोनों कॉलोनियों में नियुक्त बीएलओ ने वहां मतदाता सर्वे किए बगैर ग्राम पंचायत में 1550 वोट बनाए, जो कुल आबादी के अनुपात में ठीक नहीं है। ज्ञापन में क्षेत्र का दोबारा सर्वे कराकर मतदाता सूची में संशोधन किए जाने की मांग की गई है।
गौरी कलां की सूची से पूर्व प्रधान समेत कई नाम गायब
ग्राम पंचायत गौरी कलां के पूर्व प्रधान छोटे सिंह डीएम के नाम ज्ञापन और शपथ पत्र देकर अधिकारियों को बताया कि वह गांव के मूल निवासी होने के नाते वर्ष 1990 से 94 तक प्रधान रहे और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ा। इस बार मतदाता सर्वे के नाम पर क्षेत्र के बीएलओ ने मनमानी करके वोटर लिस्ट से उनका और गांव के ही रहने वाले धर्मवीर, शिवनंदन सिंह, बड़काई, राजीव कुमार, सुभाष, सरोजिनी आदि तमाम ग्रामीणों के नाम काट दिए। पूर्व प्रधान ने मामले की जांच कराकर बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया है।
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मरेना की सूची में मृतकों और बाहरी लोग शामिल
गांव मरेना के रहने वाले जगदीश पाल, शकुंतला देवी, सावित्री, कौशल्या, मनोजा देवी, रजनी, रामकिशोर, राजकुमार मौर्य, जगदीश पाल, मनोज सिंह, ब्रजेश राठौर, प्रेमपाल आदि ने ग्राम प्रधान सरिता सिंह और उनके पति योगेंद्र पाल के नेतृत्व में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान सरिता ने एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय को बताया कि पंचायत चुनाव में लगाए गए बीएलओ ने पहले विभिन्न वार्डों में फर्जी वोट बनाए। अब दावा और आपत्तियों के निस्तारण में भी पुराने बीएलओ की ड्यूटी लगा दी गई है।
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ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत मरेना की कुल आबादी 3059 है और 2326 वोट हैं। गांव की मतदाता सूची में 90 मृतकों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें हटाया नहीं गया है। इसके अतिरिक्त अन्य स्थानों पर रहने वाले 170 वोट मरेना की मतदाता सूची में जोड़ दिए गए। ग्राम प्रधान ने किसी सक्षम अधिकारी की देखरेख में समिति गठित करके मतदाता सूची का पुलिस की देखरेख में सत्यापन कराने की मांग की।
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शहामतगंज गौंटिया की कॉलोनियों का नहीं हुआ सर्वे
निगोही रोड पर सैनिक कॉलोनी और शांतिपुरम् कॉलोनी को मिलाकर नवसृजित ग्राम पंचायत शहामतगंज गौंटिया के अरशद खां, हिदाकत शाह, राजकुमार, इरफान, यामीन खां, उसमान अली, छोटे लाल, बच्चू लाल, दिनेश शर्मा, राजेश शर्मा, भजन लाल, छविनाथ शर्मा आदि ने एसडीएम को बताया कि दोनों कॉलोनियों में नियुक्त बीएलओ ने वहां मतदाता सर्वे किए बगैर ग्राम पंचायत में 1550 वोट बनाए, जो कुल आबादी के अनुपात में ठीक नहीं है। ज्ञापन में क्षेत्र का दोबारा सर्वे कराकर मतदाता सूची में संशोधन किए जाने की मांग की गई है।
गौरी कलां की सूची से पूर्व प्रधान समेत कई नाम गायब
ग्राम पंचायत गौरी कलां के पूर्व प्रधान छोटे सिंह डीएम के नाम ज्ञापन और शपथ पत्र देकर अधिकारियों को बताया कि वह गांव के मूल निवासी होने के नाते वर्ष 1990 से 94 तक प्रधान रहे और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ा। इस बार मतदाता सर्वे के नाम पर क्षेत्र के बीएलओ ने मनमानी करके वोटर लिस्ट से उनका और गांव के ही रहने वाले धर्मवीर, शिवनंदन सिंह, बड़काई, राजीव कुमार, सुभाष, सरोजिनी आदि तमाम ग्रामीणों के नाम काट दिए। पूर्व प्रधान ने मामले की जांच कराकर बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया है।