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भाकियू ने तीन घंटे तक कोतवाली घेरी
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
Updated Sun, 28 May 2017 12:35 AM IST
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kisan
- फोटो : amar ujala
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गेट पर धरना-प्रदर्शन कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी
दर्ज रिपोर्ट में दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने से थे नाराज
एसडीएम और सीओ ने समझाकर समाप्त कराया धरना
पीड़ित ग्रामीण को इंसाफ नहीं मिलने पर भाकियू (भानु गुट) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को तीन घंटे तक कोतवाली का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कोतवाली में लोगों को आने-जाने के लिए पिछले दरवाजे का इस्तेमाल करना पड़ा। दोपहर बाद चार बजे कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर कार्यकर्ताओं ने बमुश्किल धरना-प्रदर्शन समाप्त किया।
गांव जड़ौली के भाकियू कार्यकर्ता जागन ने बताया कि मार्च में उनके झोपड़ीनुमां घर में कब्जा करने की नियत से गांव के ही कुछ लोगों ने झोपड़ी में रखा सारा सामान भर लिया था। कब्जा करने की नियत से ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी कर दी थी। एएसपी के निर्देश पर 27 मार्च को रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन अब तक कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया और ट्रैक्टर ट्रॉली आदि भी नहीं हटवायी। भाकियू ने 16 मई को ज्ञापन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा 26 मई को गांव लालपुर में किसान नवाब सिंह ने कुछ लोगों पर जान से मारने की नियत से फायर करने और अपहरण का प्रयास करने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। दोनों मामलों में कार्रवाई नहीं होने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में दोपहर एक बजे कोतवाली का गेट बंद कर धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
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एसआई नासिर खां ने प्रदर्शन कर रहे लोगों की सीओ सुमित शुक्ला और एसडीएम अजय कुमार तिवारी से वार्ता कराई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद दोनों अधिकारी कोतवाली पहुंचे और किसान नेताओं ने वार्ता की। तय हुआ कि जड़ौली का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकती है, लेकिन जागन की जगह पर खड़ा ट्रैक्टर आदि हटवाया जाएगा और कोर्ट का फैसला आने तक दोनों पक्ष यथास्थित बनाए रखेंगे। लालपुर के किसान नवाब सिंह के मामले में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। इसके बाद चार बजे धरना समाप्त कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान सौ से अधिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वीडियोग्राफी करने वाले सिपाही को दौड़ाया
भाकियू कार्यकर्ताओं के कोतवाली का गेट बंद कर धरना प्रदर्शन करने और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के दौरान एक सिपाही धरना स्थल पर वीडियोग्राफी करने लगा। इस पर धरने में शामिल होने आई महिलाओं ने सिपाही को दौड़ा लिया। एसआई नासिर खां ने महिलाओं को समझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन की वीडियो बनवाने को प्रयास नहीं किया।
आवागमन के लिए लेना पड़ा पिछले गेट का सहारा
भाकियू के धरना-प्रदर्शन के दौरान कोतवाली के मेन गेट को पूरी तरह से बंद कर देने के कारण फरियादी और पुलिस स्टाफ अंदर नहीं जा सका। कोतवाली से आवागमन के लिए लोगों को रोडवेज बस स्टैंड के पास लगे पिछले गेट का सहारा लेना पड़ा।
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दर्ज रिपोर्ट में दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने से थे नाराज
एसडीएम और सीओ ने समझाकर समाप्त कराया धरना
पीड़ित ग्रामीण को इंसाफ नहीं मिलने पर भाकियू (भानु गुट) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को तीन घंटे तक कोतवाली का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कोतवाली में लोगों को आने-जाने के लिए पिछले दरवाजे का इस्तेमाल करना पड़ा। दोपहर बाद चार बजे कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर कार्यकर्ताओं ने बमुश्किल धरना-प्रदर्शन समाप्त किया।
गांव जड़ौली के भाकियू कार्यकर्ता जागन ने बताया कि मार्च में उनके झोपड़ीनुमां घर में कब्जा करने की नियत से गांव के ही कुछ लोगों ने झोपड़ी में रखा सारा सामान भर लिया था। कब्जा करने की नियत से ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी कर दी थी। एएसपी के निर्देश पर 27 मार्च को रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन अब तक कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया और ट्रैक्टर ट्रॉली आदि भी नहीं हटवायी। भाकियू ने 16 मई को ज्ञापन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इसके अलावा 26 मई को गांव लालपुर में किसान नवाब सिंह ने कुछ लोगों पर जान से मारने की नियत से फायर करने और अपहरण का प्रयास करने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। दोनों मामलों में कार्रवाई नहीं होने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में दोपहर एक बजे कोतवाली का गेट बंद कर धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
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एसआई नासिर खां ने प्रदर्शन कर रहे लोगों की सीओ सुमित शुक्ला और एसडीएम अजय कुमार तिवारी से वार्ता कराई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद दोनों अधिकारी कोतवाली पहुंचे और किसान नेताओं ने वार्ता की। तय हुआ कि जड़ौली का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकती है, लेकिन जागन की जगह पर खड़ा ट्रैक्टर आदि हटवाया जाएगा और कोर्ट का फैसला आने तक दोनों पक्ष यथास्थित बनाए रखेंगे। लालपुर के किसान नवाब सिंह के मामले में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। इसके बाद चार बजे धरना समाप्त कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान सौ से अधिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वीडियोग्राफी करने वाले सिपाही को दौड़ाया
भाकियू कार्यकर्ताओं के कोतवाली का गेट बंद कर धरना प्रदर्शन करने और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के दौरान एक सिपाही धरना स्थल पर वीडियोग्राफी करने लगा। इस पर धरने में शामिल होने आई महिलाओं ने सिपाही को दौड़ा लिया। एसआई नासिर खां ने महिलाओं को समझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन की वीडियो बनवाने को प्रयास नहीं किया।
आवागमन के लिए लेना पड़ा पिछले गेट का सहारा
भाकियू के धरना-प्रदर्शन के दौरान कोतवाली के मेन गेट को पूरी तरह से बंद कर देने के कारण फरियादी और पुलिस स्टाफ अंदर नहीं जा सका। कोतवाली से आवागमन के लिए लोगों को रोडवेज बस स्टैंड के पास लगे पिछले गेट का सहारा लेना पड़ा।