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भारी वाहनों के लिए बंद किया गया पुवायां खुटार हाईवे का भैंसी पुल
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पुवायां खुटार रोड स्थित भैंसी नदी का जर्जर पुल (फाइल फोटो)
- फोटो : POWAYAN
पुवायां (शाहजहांपुर)। खुटार-पुवायां स्थित बेहद जर्जर हो चुके भैंसी नदी के पुल को भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले पीडब्लूडी मंत्री ने पुल का मुआयना किया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के इंजीनियरों ने पुल के निरीक्षण के बाद रिपोर्ट दी थी। इसके आधार पर पुल को भारी वाहनों के लिए बंद करने का फैसला लिया है।
शाहजहांपुर पलिया नेशनल हाईवे पर पुवायां-खुटार के बीच भैंसी नदी का अंग्रेजों के जमाने का पुल है। पुल के ईंटों के पिलर पर लोहे के एंगिलों के ऊपर लकड़ी के पटले पड़े हैं। पटलों पर लोहे की चारद डली है। इससे ओवरलोड और ओवरवेट वाहन गुजरते हैं। लगभग दस वर्ष पहले ही पुल को भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित घोषित तो कर दिया, लेकिन वाहनों के निकलने का सिलसिला जारी था।
दुधवा नेशनल पार्क और नेपाल तक सीधे जाने वाले हाईवे के इस पुल की कई बार मरम्मत के नाम पर अब तक करोड़ों की राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन की दशा अब भी बेहद खराब है। पुल पर पड़े लकड़ी के कई पटले टूट गए हैं। पुवायां के थाना प्रभारी की आख्या पर एसडीएम कोर्ट में एनएचएआई बरेली पर एक वाद भी विचाराधीन है। 26 फरवरी को एसडीएम ने एनएचएआई बरेली के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर पुल की मरम्मत को कहा था।
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मरम्मत के नाम पर लोहे की चादर सीमेंट, मौरंग डालकर दबा दबा दी थी, लेकिन लकड़ी के पटले नहीं बदले गए। दो अप्रैल को पीडब्लूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने पुल का मुआयना कर जर्जर पुल से आवागमन होने और मरम्मत नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद एनएचएआई के इंजीनियरों की टीम ने निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को दी। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर अमित रंजन चित्रांशी ने बताया कि पुल को भारी वाहनों के लिए बंद करने का फैसला किया गया है।
पुल के नीचे से है कच्चा रास्ता, मररम्मत की दरकार
पुवायां। भैंसी नदी के पुल के पास से कच्चा रास्ता है, जिससे हाईवे पर आना जाना होता है, लेकिन भारी वाहन इस रास्ते से निकलने में बड़ी समस्या यह है कि रास्ता रेतीला और ऊबड़ खाबड़ है। ऐसे में यहां भारी वाहन, लोड ट्राली आदि फंस जाते हैं। अगर रास्ते को समतल करा दिया जाए और हाईवे पर चढ़ने के स्थान को समतल करा दिया जाए तो छोटे वाहन कच्चे रास्ते से निकलते रहेंगे।
बंडा की ओर से जाने वालों को होगा नुकसान
पुवायां से खुटार की दूरी 23 किमी है। अगर वाहनों को पुवायां से बंडा होते हुए खुटार की ओर निकाला गया तो यह दूरी लगभग 40 किमी हो जाएगी। इसके अलावा एक टोल टैक्स भी देना पड़ेगा। इसका विकल्प पुल के पास से कच्चे रास्ते को आवागमन लायक बनाकर वाहनों को निकलना है।
रोजाना नेपाल जाते हैं सौ से अधिक टैंकर
शाहजहांपुर के बंथरा से डिपो से रोजाना सौ टैंकरों के करीब डीजल, पेट्रोल नेपाल आयल कंपनी को जाता है। दूरी बढ़ने से तेल की सप्लाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। अभी तक टैंकर भैंसी पुल के ऊपर से ही शाहजहांपुर की ओर आते जाते हैं।
पुल का निर्माण होना है। टेंडर हो गया है। दो से ढाई माह में काम शुरू हो जाएगा। पुल की स्थित कमजोर होने और भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा होने से हादसे की आशंका के चलते भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारी वाहन पुवायां से बंडा होते हुए खुटार और खुटार से बंडा होते हुए पुवायां जाएंगे। -अमित रंजन चित्रांशी, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर एनएचएआई बरेली
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शाहजहांपुर पलिया नेशनल हाईवे पर पुवायां-खुटार के बीच भैंसी नदी का अंग्रेजों के जमाने का पुल है। पुल के ईंटों के पिलर पर लोहे के एंगिलों के ऊपर लकड़ी के पटले पड़े हैं। पटलों पर लोहे की चारद डली है। इससे ओवरलोड और ओवरवेट वाहन गुजरते हैं। लगभग दस वर्ष पहले ही पुल को भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित घोषित तो कर दिया, लेकिन वाहनों के निकलने का सिलसिला जारी था।
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दुधवा नेशनल पार्क और नेपाल तक सीधे जाने वाले हाईवे के इस पुल की कई बार मरम्मत के नाम पर अब तक करोड़ों की राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन की दशा अब भी बेहद खराब है। पुल पर पड़े लकड़ी के कई पटले टूट गए हैं। पुवायां के थाना प्रभारी की आख्या पर एसडीएम कोर्ट में एनएचएआई बरेली पर एक वाद भी विचाराधीन है। 26 फरवरी को एसडीएम ने एनएचएआई बरेली के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर पुल की मरम्मत को कहा था।
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मरम्मत के नाम पर लोहे की चादर सीमेंट, मौरंग डालकर दबा दबा दी थी, लेकिन लकड़ी के पटले नहीं बदले गए। दो अप्रैल को पीडब्लूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने पुल का मुआयना कर जर्जर पुल से आवागमन होने और मरम्मत नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद एनएचएआई के इंजीनियरों की टीम ने निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को दी। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर अमित रंजन चित्रांशी ने बताया कि पुल को भारी वाहनों के लिए बंद करने का फैसला किया गया है।
पुल के नीचे से है कच्चा रास्ता, मररम्मत की दरकार
पुवायां। भैंसी नदी के पुल के पास से कच्चा रास्ता है, जिससे हाईवे पर आना जाना होता है, लेकिन भारी वाहन इस रास्ते से निकलने में बड़ी समस्या यह है कि रास्ता रेतीला और ऊबड़ खाबड़ है। ऐसे में यहां भारी वाहन, लोड ट्राली आदि फंस जाते हैं। अगर रास्ते को समतल करा दिया जाए और हाईवे पर चढ़ने के स्थान को समतल करा दिया जाए तो छोटे वाहन कच्चे रास्ते से निकलते रहेंगे।
बंडा की ओर से जाने वालों को होगा नुकसान
पुवायां से खुटार की दूरी 23 किमी है। अगर वाहनों को पुवायां से बंडा होते हुए खुटार की ओर निकाला गया तो यह दूरी लगभग 40 किमी हो जाएगी। इसके अलावा एक टोल टैक्स भी देना पड़ेगा। इसका विकल्प पुल के पास से कच्चे रास्ते को आवागमन लायक बनाकर वाहनों को निकलना है।
रोजाना नेपाल जाते हैं सौ से अधिक टैंकर
शाहजहांपुर के बंथरा से डिपो से रोजाना सौ टैंकरों के करीब डीजल, पेट्रोल नेपाल आयल कंपनी को जाता है। दूरी बढ़ने से तेल की सप्लाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। अभी तक टैंकर भैंसी पुल के ऊपर से ही शाहजहांपुर की ओर आते जाते हैं।
पुल का निर्माण होना है। टेंडर हो गया है। दो से ढाई माह में काम शुरू हो जाएगा। पुल की स्थित कमजोर होने और भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा होने से हादसे की आशंका के चलते भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारी वाहन पुवायां से बंडा होते हुए खुटार और खुटार से बंडा होते हुए पुवायां जाएंगे। -अमित रंजन चित्रांशी, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर एनएचएआई बरेली