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Shahjahanpur News: पिपरिया घासी में कलश यात्रा के भागवतकथा का शुभारंभ
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पिपरिया घासी में कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। संवाद
पुवायां। बंडा के गांव पिपरिया घासी में रविवार को कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।
कथास्थल गांव के ब्रह्मदेव बाबा स्थान से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। बैंडबाजों के साथ देवताओं की जय जयकार करते हुए श्रद्धालु सुनासिरनाथ मंदिर पहुंचे और यहां गोमती नदी में स्नान करने के बाद कलशों में जल भरकर वापस कथा स्थल पहुंचे। इसके बाद शाम को कथा व्यास मायाराम त्रिवेदी ने कहा कि भागवत सुनने से परीक्षित को स्वर्ग मिला। धुंधकारी जैसे प्रेत के भाई गोकर्ण ने भागवत कथा का आयोजन कराया। धुंधकारी भी सूक्ष्म रूप में आकर कथा सुनता रहा। कथा के विश्राम लेने तक धुंधकारी प्रेत योनि से मुक्त हो गया।
कलश यात्रा में यजमान उमाशशि, कौशल, अजय, सुमित, गुड्डी देवी, हैप्पी, सुलभ, ऋतिक, मोहन सहित तमाम लोगों का सहयोग रहा। यजमान ने बताया कि भागवत कथा 20 सितंबर तक रोजाना दिन में दो से पांच बजे तक और रात में आठ से 11 बजे तक होगी। संवाद
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रोजा में भी निकाली गई कलश यात्रा
रोजा। रेती के मनोकरण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा आरंभ होने से पहले रविवार को दोपहर श्रद्धालुओं ने वहां से हनुमत धाम तक कलश यात्रा निकाली। धाम पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने कलशों में खन्नात नदी से जल भरा और कई मार्गों से होकर मनोकरण मंदिर पहुंचे। वहां शाम चार बजे वृंदावन से आए कथा व्यास पंडित राहुल कृष्ण दीक्षित ने वेदी पूजन कराकर कथा आरंभ की। संवाद
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शुकदेव जन्म का प्रसंग सुनाया
शाहजहांपुर। पुलिस चौकी उस्मान बाग स्थित श्री रुद्र बालाजी धाम में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा दूसरे दिन भी जारी रही। आचार्य पंडित अंकुर शुक्ल ने राजा परीक्षित संवाद, शुकदेव जन्म सहित अन्य प्रसंग सुनाए। कथा व्यास ने शुकदेव परीक्षित संवाद का वर्णन भी किया। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। इस मौके पर डॉ. आरके अवस्थी, डॉ.शालू अवस्थी, सुरेंद्र सेठी आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथास्थल गांव के ब्रह्मदेव बाबा स्थान से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। बैंडबाजों के साथ देवताओं की जय जयकार करते हुए श्रद्धालु सुनासिरनाथ मंदिर पहुंचे और यहां गोमती नदी में स्नान करने के बाद कलशों में जल भरकर वापस कथा स्थल पहुंचे। इसके बाद शाम को कथा व्यास मायाराम त्रिवेदी ने कहा कि भागवत सुनने से परीक्षित को स्वर्ग मिला। धुंधकारी जैसे प्रेत के भाई गोकर्ण ने भागवत कथा का आयोजन कराया। धुंधकारी भी सूक्ष्म रूप में आकर कथा सुनता रहा। कथा के विश्राम लेने तक धुंधकारी प्रेत योनि से मुक्त हो गया।
कलश यात्रा में यजमान उमाशशि, कौशल, अजय, सुमित, गुड्डी देवी, हैप्पी, सुलभ, ऋतिक, मोहन सहित तमाम लोगों का सहयोग रहा। यजमान ने बताया कि भागवत कथा 20 सितंबर तक रोजाना दिन में दो से पांच बजे तक और रात में आठ से 11 बजे तक होगी। संवाद
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रोजा में भी निकाली गई कलश यात्रा
रोजा। रेती के मनोकरण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा आरंभ होने से पहले रविवार को दोपहर श्रद्धालुओं ने वहां से हनुमत धाम तक कलश यात्रा निकाली। धाम पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने कलशों में खन्नात नदी से जल भरा और कई मार्गों से होकर मनोकरण मंदिर पहुंचे। वहां शाम चार बजे वृंदावन से आए कथा व्यास पंडित राहुल कृष्ण दीक्षित ने वेदी पूजन कराकर कथा आरंभ की। संवाद
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शुकदेव जन्म का प्रसंग सुनाया
शाहजहांपुर। पुलिस चौकी उस्मान बाग स्थित श्री रुद्र बालाजी धाम में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा दूसरे दिन भी जारी रही। आचार्य पंडित अंकुर शुक्ल ने राजा परीक्षित संवाद, शुकदेव जन्म सहित अन्य प्रसंग सुनाए। कथा व्यास ने शुकदेव परीक्षित संवाद का वर्णन भी किया। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। इस मौके पर डॉ. आरके अवस्थी, डॉ.शालू अवस्थी, सुरेंद्र सेठी आदि मौजूद रहे। संवाद

पिपरिया घासी में कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। संवाद