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Shahjahanpur News: गांधी भवन प्रेक्षागृह में नहीं हो पाया सुंदरीकरण का काम
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शाहजहांपुर। गांधी भवन प्रेक्षागृह के सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार की रफ्तार बेहद सुस्त है। प्रेक्षागृह की कुर्सियां टूटने लगीं हैं। पर्दे भी फट गए हैं। साउंड व्यवस्था के लिए वायरिंग का काम भी अब तक पूरा नहीं हुआ है। इसकी वजह से नाटकों के मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तुतिकरण में रंगकर्मियों व कलाकारों को परेशानी होती है।
गांधी भवन प्रेक्षागृह के जीर्णोद्धार का कार्य आठ नवंबर 2022 से हो रहा है। डीएम की ओर से जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी अतुल पाठक को जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी दी गई है। तमाम रंग-रोगन कर पुराने को नया बनाने का कार्य किया गया। साउंड सिस्टम लगाए गए पर उनके सुचारू रूप से संचालन करने के लिए वायरिंग नहीं की गई।
प्रकाश व्यवस्था का कार्य मार्च में शुरू होना था, लेकिन अब तक शुरू नहीं हुआ है। इसका कोई जवाब भी परियोजना अधिकारी के पास नहीं है। फरवरी में परियोजना अधिकारी को 24.41 लाख रुपये की धनराशि आवंटित कर दी गई थी। कार्य को पूरा कराए जाने के लिए पिछले दिनों कलाकार एसोसिएशन के पदाधिकारी शमीम आजाद, मनोज मंजुल, हंसराज विकल, शिवा सक्सेना, कप्तान कर्णधार की ओर से नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी दिया गया था।
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सड़ी फोम वाली कुर्सियां कवर बदलकर दोबारा लगीं
तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह ने बारिश में भीग रहीं लाल रंग की 200 कुर्सियों को लेकर नाराजगी जताई थी। बावजूद इसके सड़ी फोम वाली कुर्सियों के कवर बदलकर उन्हें ही दोबारा लगा दिया गया। कुर्सियों की हालत अब भी जर्जर है। बहुत-सी कुर्सियों के हत्थे टूटे हैं। मंच के पर्दे रोलर से नहीं खुलने पर उन्हें खींचकर फाड़ दिया गया। उन्हें सही दिखाने के लिए स्टेप्लर पिन से जोड़ लगा दिया गया है। मंच के विंग्स, पर्दे इत्यादि का कार्य नहीं हुआ है। वर्तमान समय तक 60-70 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन स्थिति अत्यंत दयनीय है।
लाइट का काम पूरा नहीं हो पाया है। ठेकेदार की कोई पारिवारिक समस्या है, इसलिए वह नहीं आ रहा। कुर्सियों की मरम्मत का कार्य कराने के लिए बोला गया था, जोकि पूरा हो गया है। जिनके हत्थे निकल रहे हैं, उनको ठीक करवा दिया जाएगा। बाकी काम भी जल्द ही पूरा करवा दिया जाएगा। - अतुल पाठक, परियोजना अधिकारी, डूडा
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गांधी भवन प्रेक्षागृह के जीर्णोद्धार का कार्य आठ नवंबर 2022 से हो रहा है। डीएम की ओर से जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना अधिकारी अतुल पाठक को जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी दी गई है। तमाम रंग-रोगन कर पुराने को नया बनाने का कार्य किया गया। साउंड सिस्टम लगाए गए पर उनके सुचारू रूप से संचालन करने के लिए वायरिंग नहीं की गई।
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प्रकाश व्यवस्था का कार्य मार्च में शुरू होना था, लेकिन अब तक शुरू नहीं हुआ है। इसका कोई जवाब भी परियोजना अधिकारी के पास नहीं है। फरवरी में परियोजना अधिकारी को 24.41 लाख रुपये की धनराशि आवंटित कर दी गई थी। कार्य को पूरा कराए जाने के लिए पिछले दिनों कलाकार एसोसिएशन के पदाधिकारी शमीम आजाद, मनोज मंजुल, हंसराज विकल, शिवा सक्सेना, कप्तान कर्णधार की ओर से नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी दिया गया था।
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सड़ी फोम वाली कुर्सियां कवर बदलकर दोबारा लगीं
तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह ने बारिश में भीग रहीं लाल रंग की 200 कुर्सियों को लेकर नाराजगी जताई थी। बावजूद इसके सड़ी फोम वाली कुर्सियों के कवर बदलकर उन्हें ही दोबारा लगा दिया गया। कुर्सियों की हालत अब भी जर्जर है। बहुत-सी कुर्सियों के हत्थे टूटे हैं। मंच के पर्दे रोलर से नहीं खुलने पर उन्हें खींचकर फाड़ दिया गया। उन्हें सही दिखाने के लिए स्टेप्लर पिन से जोड़ लगा दिया गया है। मंच के विंग्स, पर्दे इत्यादि का कार्य नहीं हुआ है। वर्तमान समय तक 60-70 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन स्थिति अत्यंत दयनीय है।
लाइट का काम पूरा नहीं हो पाया है। ठेकेदार की कोई पारिवारिक समस्या है, इसलिए वह नहीं आ रहा। कुर्सियों की मरम्मत का कार्य कराने के लिए बोला गया था, जोकि पूरा हो गया है। जिनके हत्थे निकल रहे हैं, उनको ठीक करवा दिया जाएगा। बाकी काम भी जल्द ही पूरा करवा दिया जाएगा। - अतुल पाठक, परियोजना अधिकारी, डूडा