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Shahjahanpur News: चीन से मंगाई जाएंगीं ई बसों की बैटरियां व माॅड्यूल, 20 दिन बाद होगा संचालन
Sat, 27 Jul 2024 03:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 27 Jul 2024 03:03 AM IST
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शाहजहांपुर। बाढ़ आने के बाद से ई-बसों का संचालन पटरी से उतर गया है। पानी भरने से ई-बसों की खराब बैटरी व मॉडयूल को बदला जाना है। इसे चीन से मंगाया जाएगा। फिलहाल 25 में 12 ई-बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। भीषण गर्मी में बसों के न चलने से यात्री परेशान हैं। उन्हें अभी 20 दिन और समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने पर न्यू सिटी ककरा में बाढ़ आ गई थी। बाढ़ का पानी ई-बस चार्जिंग स्टेशन के परिसर में भर गया था। यहां पर खड़ीं ई-बसों की बैटरी और मॉडयूल पानी में डूबने से खराब हो गए थे। इनकी जांच के लिए गाजियाबाद, लखनऊ और बरेली से टीमें बुलाई गई थीं। जांच के बाद अब तक 12 ई-बसों की बैटरी आदि सही कर ली गई हैं, लेकिन 13 ई-बसों की बैटरी व मॉडयूल ठीक नहीं हो पाए।
टीम के अधिकारियों की मानें तो ये पूरी तरह से खराब हो गए हैं। सुखाने पर भी यह काम नहीं कर रहे। इसलिए बदले जाने के बाद ही ई-बसों का संचालन शुरू हो पाएगा। ई-बस संचालन प्रबंधक संदीप लाहा के अनुसार ई-बसों की बैटरी और मॉडयूल को बदलने के लिए बीमा कंपनी के समक्ष क्लेम किया जाएगा। उसके बाद चीन से बैटरी व मॉडयूल आएंगे। इस प्रक्रिया में करीब 20 दिन लग सकते हैं।
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पुवायां, जलालाबाद व निगोही मार्ग पर चलाई गईं 12 ई-बसें
- चार्जिंग स्टेशन पर खड़ीं 25 ई-बसों में 12 की बैटरी और मॉडयूल जांच में सही पाए गए हैं। इन ई-बसों का संचालन शुरू करवाया गया है। इनमें तीन ई-बसें को निगोही, चार को जलालाबाद, तीन को पुवायां, तीन को बंडा और एक बस को खुटार के लिए चलाया जा रहा है। पहले निगोही के लिए सात, जलालाबाद के लिए छह, पुवायां के लिए पांच, खुटार और बंडा के लिए तीन-तीन ई-बसें संचालित हो रहीं थीं।
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2400 किमी हो रहा संचालन
- बाढ़ आने से पहले सभी 25 ई-बसों का संचालन किया जाता था। ये ई-बसें निगोही, जलालाबाद, पुवायां, खुटार व बंडा रूट पर संचालित थीं और रोजाना 5000 किमी चलतीं थीं। वर्तमान में 12 ई-बसों का ही संचालन हो पा रहा है। ये कुल 2400 किमी की दूरी तय कर रहीं हैं। हालांकि लोड फैक्टर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, यह पहले की तरह 80 प्रति बस का आ रहा है।
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सभी 25 ई-बसें 15 अगस्त के बाद ही संचालित हो सकेंगी। 13 ई-बसों की बैटरी और मॉडयूल खराब हो गए हैं, इनको चीन से मंगवाया जाएगा। इससे पहले बीमा कंपनी के समक्ष क्लेम भी किया जाना है। बाढ़ खत्म होने के बाद 12 ई-बसों का संचालन शुरू करवा दिया गया है। - संदीप लाहा, प्रबंधक संचालक, ई-बस सेवा
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गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने पर न्यू सिटी ककरा में बाढ़ आ गई थी। बाढ़ का पानी ई-बस चार्जिंग स्टेशन के परिसर में भर गया था। यहां पर खड़ीं ई-बसों की बैटरी और मॉडयूल पानी में डूबने से खराब हो गए थे। इनकी जांच के लिए गाजियाबाद, लखनऊ और बरेली से टीमें बुलाई गई थीं। जांच के बाद अब तक 12 ई-बसों की बैटरी आदि सही कर ली गई हैं, लेकिन 13 ई-बसों की बैटरी व मॉडयूल ठीक नहीं हो पाए।
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टीम के अधिकारियों की मानें तो ये पूरी तरह से खराब हो गए हैं। सुखाने पर भी यह काम नहीं कर रहे। इसलिए बदले जाने के बाद ही ई-बसों का संचालन शुरू हो पाएगा। ई-बस संचालन प्रबंधक संदीप लाहा के अनुसार ई-बसों की बैटरी और मॉडयूल को बदलने के लिए बीमा कंपनी के समक्ष क्लेम किया जाएगा। उसके बाद चीन से बैटरी व मॉडयूल आएंगे। इस प्रक्रिया में करीब 20 दिन लग सकते हैं।
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पुवायां, जलालाबाद व निगोही मार्ग पर चलाई गईं 12 ई-बसें
- चार्जिंग स्टेशन पर खड़ीं 25 ई-बसों में 12 की बैटरी और मॉडयूल जांच में सही पाए गए हैं। इन ई-बसों का संचालन शुरू करवाया गया है। इनमें तीन ई-बसें को निगोही, चार को जलालाबाद, तीन को पुवायां, तीन को बंडा और एक बस को खुटार के लिए चलाया जा रहा है। पहले निगोही के लिए सात, जलालाबाद के लिए छह, पुवायां के लिए पांच, खुटार और बंडा के लिए तीन-तीन ई-बसें संचालित हो रहीं थीं।
2400 किमी हो रहा संचालन
- बाढ़ आने से पहले सभी 25 ई-बसों का संचालन किया जाता था। ये ई-बसें निगोही, जलालाबाद, पुवायां, खुटार व बंडा रूट पर संचालित थीं और रोजाना 5000 किमी चलतीं थीं। वर्तमान में 12 ई-बसों का ही संचालन हो पा रहा है। ये कुल 2400 किमी की दूरी तय कर रहीं हैं। हालांकि लोड फैक्टर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, यह पहले की तरह 80 प्रति बस का आ रहा है।
सभी 25 ई-बसें 15 अगस्त के बाद ही संचालित हो सकेंगी। 13 ई-बसों की बैटरी और मॉडयूल खराब हो गए हैं, इनको चीन से मंगवाया जाएगा। इससे पहले बीमा कंपनी के समक्ष क्लेम भी किया जाना है। बाढ़ खत्म होने के बाद 12 ई-बसों का संचालन शुरू करवा दिया गया है। - संदीप लाहा, प्रबंधक संचालक, ई-बस सेवा