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भैंसी नदी पुल की फिर हुई मरम्मत
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:33 PM IST
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मरम्मत
- फोटो : अमर उजाला
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खेतों से होकर निकाले गए वाहन
खुटार-पुवायां मार्ग पर भैंसी नदी के पुल की मरम्मत में 34 लाख रुपये खर्च किए जाने के बाद भी पुल से आवागमन सुचारु नहीं हो पा रहा है। कई संगठनों के मरम्मत में अनियमितता का मामला उठाने के बाद एसडीएम जयपाल सिंह भी चार नवंबर को डीएम को पुल की मरम्मत में धांधली की रिपोर्ट भेज चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को पुल की फिर से मरम्मत की गई। इससे आवागमन बंद रहा। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से होकर निकाला गया। पुल के नजदीक पहुंच गए हल्के वाहन खेतों से होकर निकले। गौरतलब है कि भैंसी नदी का पुल बेहद जर्जर हो गया है। पुल की मरम्मत के नाम पर कई बार लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं। जुलाई में पुल का लकड़ी का पटला टूट जाने से आवागमन बाधित हो गया था। तब मरम्मत के लिए 34 लाख रुपये स्वीकृत कराके मरम्मत कराई गई। मरम्मत के समय तमाम संगठनों ने घटिया और पुरानी सामग्री लगाकर धन की बंदरबांट की शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में लकड़ी के पटलों पर लोहे की चादर लगाकर कोलतार रोड बनवा दिया गया। रोड बनने के कुछ घंटे बाद ही भारी वाहन निकलने से पटले लपके तो रोड उखड़ गई। सितंबर और अक्तूबर में चार बार रोड बनाई जा चुकी है, लेकिन रोड हर बार कुछ ही घंटों में उखड़ जाती है।
बृहस्पतिवार को पुल के ऊपर पड़ी लोहे की चादर में बैल्ंिडग का काम किए जाने के कारण पुल से आवागमन बंद कर दिया गया। अब पुल में नीचे की तरफ भी लोहे की चादर लगाई गई है। पूरे दिन पुल पर काम चलता रहा, जिस कारण वाहन खेत से होकर निकले।
एसडीएम ने ठेकेदार को लगाई फटकार
पुवायां। भैंसी नदी पुल की बृहस्पतिवार को फिर से मरम्मत होने और वाहनों को खेत से गुजारे जाने की जानकारी पाकर एसडीएम जयपाल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार संजय को कड़ी फटकार लगाई। एसडीएम ने कहा कि बड़ी राशि मिलने के बाद भी पुल की मरम्मत ठीक से नहीं की गई है। इससे आए दिन आवागमन बंद होता है। एसडीएम ने कहा कि पुल पर अगर कोई हादसा हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी के जेई निर्मल कुमार ने बताया कि ठेकेदार को भुगतान काम से संतुष्ट होने के बाद ही किया जाता है। हाइट गेज के संबंध में जिलाधिकारी ने रिपोर्ट मांगी थी जो भेज दी गई है।
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ठेकेदार ने कहा नहीं मिला एक भी रुपया
पुवायां। ठेकेदार संजय ने बताया कि उसने पुल मरम्मत के लिए 25 लाख रुपये का टेंडर डाला था। टेंडर पास होने के बाद उसने स्टीमेट के अनुसार काम कराया, लेकिन तीन महीने बाद भी उसे भुगतान नहीं किया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कहते हैं कि पुल की मरम्मत में तमाम शिकायतें आई हैं। शिकायतों का निस्तारण होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।
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खुटार-पुवायां मार्ग पर भैंसी नदी के पुल की मरम्मत में 34 लाख रुपये खर्च किए जाने के बाद भी पुल से आवागमन सुचारु नहीं हो पा रहा है। कई संगठनों के मरम्मत में अनियमितता का मामला उठाने के बाद एसडीएम जयपाल सिंह भी चार नवंबर को डीएम को पुल की मरम्मत में धांधली की रिपोर्ट भेज चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को पुल की फिर से मरम्मत की गई। इससे आवागमन बंद रहा। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से होकर निकाला गया। पुल के नजदीक पहुंच गए हल्के वाहन खेतों से होकर निकले। गौरतलब है कि भैंसी नदी का पुल बेहद जर्जर हो गया है। पुल की मरम्मत के नाम पर कई बार लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं। जुलाई में पुल का लकड़ी का पटला टूट जाने से आवागमन बाधित हो गया था। तब मरम्मत के लिए 34 लाख रुपये स्वीकृत कराके मरम्मत कराई गई। मरम्मत के समय तमाम संगठनों ने घटिया और पुरानी सामग्री लगाकर धन की बंदरबांट की शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में लकड़ी के पटलों पर लोहे की चादर लगाकर कोलतार रोड बनवा दिया गया। रोड बनने के कुछ घंटे बाद ही भारी वाहन निकलने से पटले लपके तो रोड उखड़ गई। सितंबर और अक्तूबर में चार बार रोड बनाई जा चुकी है, लेकिन रोड हर बार कुछ ही घंटों में उखड़ जाती है।
बृहस्पतिवार को पुल के ऊपर पड़ी लोहे की चादर में बैल्ंिडग का काम किए जाने के कारण पुल से आवागमन बंद कर दिया गया। अब पुल में नीचे की तरफ भी लोहे की चादर लगाई गई है। पूरे दिन पुल पर काम चलता रहा, जिस कारण वाहन खेत से होकर निकले।
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एसडीएम ने ठेकेदार को लगाई फटकार
पुवायां। भैंसी नदी पुल की बृहस्पतिवार को फिर से मरम्मत होने और वाहनों को खेत से गुजारे जाने की जानकारी पाकर एसडीएम जयपाल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार संजय को कड़ी फटकार लगाई। एसडीएम ने कहा कि बड़ी राशि मिलने के बाद भी पुल की मरम्मत ठीक से नहीं की गई है। इससे आए दिन आवागमन बंद होता है। एसडीएम ने कहा कि पुल पर अगर कोई हादसा हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी के जेई निर्मल कुमार ने बताया कि ठेकेदार को भुगतान काम से संतुष्ट होने के बाद ही किया जाता है। हाइट गेज के संबंध में जिलाधिकारी ने रिपोर्ट मांगी थी जो भेज दी गई है।
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ठेकेदार ने कहा नहीं मिला एक भी रुपया
पुवायां। ठेकेदार संजय ने बताया कि उसने पुल मरम्मत के लिए 25 लाख रुपये का टेंडर डाला था। टेंडर पास होने के बाद उसने स्टीमेट के अनुसार काम कराया, लेकिन तीन महीने बाद भी उसे भुगतान नहीं किया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कहते हैं कि पुल की मरम्मत में तमाम शिकायतें आई हैं। शिकायतों का निस्तारण होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।