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बैंकों से खूब निकले दो हजार रुपये के करारे नोट
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:21 PM IST
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बैंक में लगी भीड़
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केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए गए पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट जमा करने वालों को बैंक शाखाओं ने बुधवार को दो हजार के करारे नोट दिल खोलकर जारी किए। इस बीच, विभिन्न बैंक शाखाओं ने करीब 90 करोड़ रुपये का लेन-देन किया। नोट बदलवाने के लिए बार-बार लाइनों में लगने वालों की पहचान के लिए शुक्रवार से ऐसे सभी लोगों के हाथों पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। बैंकों में कार्तिक पूर्णिमा अवकाश के बाद बुधवार को ट्रांजक्शन शुरू होने पर शाम तक विभिन्न शाखाओं और एटीएम के माध्यम से शाम तक करीब 35 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। इस वजह से बृहस्पतिवार को केवल 20 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन इसी अवधि में खातेदारों ने 60 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराए और करीब दस करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट बदले। गत कई दिनों की तरह बुधवार को भी बैंकें खुलने से पहले ही उनकी शाखाओं और एटीएम के सामने भीड़ जुटने लगी। हालांकि, बैंक स्टाफ समय से अपनी सीटों पर जम गया, लेकिन कतारों में लगे लोगों में कई तरह के लोग शामिल रहने से अन्य बैंकिंग कार्य में बाधा पड़ी। चेक जमा करने, पासबुक पर इंट्री कराने, लॉकर में जेवर की जमा-निकासी आदि कामों से बैंक गए लोगों को काफी मशक्कत करने पर अंदर जाने का रास्ता मिला। तमाम लोगों को भारी भीड़ के कारण बाहर से ही लौटना पड़ गया।
शनिवार को बैंकों से निकलेगा पांच सौ का नोट
जिले में अभी तक आरबीआई से पांच सौ के नए नोट की खेप नहीं भेजे जाने से सौ रुपये और इससे कम मूल्य वर्ग के नोटों को लेकर बाजार में बुधवार को भी संकट बना रहा। बैंक से मिले दो हजार रुपये वाले नोट कम से कम 50 फीसदी अर्थात एक हजार की खरीदारी करने पर ही दुकानदार तोड़ रहे हैं। पांच सौ के नोट के संकट को देखते व्यवसायी सौ रुपये के नोट उन सभी ग्राहकों को देने से बच रहे हैं जो दो हजार का नोट दिखाकर 100-200 रुपये का सौदा लेना चाह रहे हैं। परिचित ग्राहकों को भी दुकानदार फुटकर लौटाने के बजाय सामान उधार देना पसंद कर रहे हैं। बैंक अधिकारियों के अनुसार पांच सौ के नए नोट शुक्रवार शाम तक यहां आ जाने की उम्मीद है।
कुछ देर चलकर बंद हो गए एटीएम
नई करेंसी की कमी और उसकी मशीन में सेटिंग नहीं हो पाने से जिले के अधिकांश एटीएम अधिकतर समय शो पीस बने रहे। अग्रणी बैंक प्रबंधन के दावों के विपरीत तमाम बॉब के तमाम एटीएम ठप रहे। हालांकि, सुबह के वक्त एसबीआई मेन ब्रांच समेत एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, केनरा बैंक आदि के कुछ एटीएम सिर्फ उतनी देर चले, जब तक उनमें सौ रुपये के नोट रहे। ज्यादातर एटीएम दो-तीन घंटे चलने के बाद बंद हुए तो भीड़ दूसरे एटीएम खंगालने मुड़ गई। देर शाम गोविंदगंज और लोधीपुर में एनटीआई के पास बॉब के एटीएम चालू होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली।
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स्याही लगाने का आरबीआई से मिला सर्कुलर
नेताओं, धन्ना सेठों के पुराने नोट बदलने के लिए उनसे दिहाड़ी लेकर बार-बार बैंकों के सामने कतार में खड़े होने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए उनके हाथ पर जल्दी न मिटने वाली स्याही लगाने का काम बृहस्पतिवार से शुरू कर दिया जाएगा। अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक बीएम गुप्ता ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से इस संबंध में जारी सर्कुलर दोपहर बाद प्राप्त होते ही शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि नोट बदलने वालों के हाथ पर जल्दी न छूटने वाली स्याही लगाने के लिए सभी काउंटरों पर मार्करों की व्यवस्था कर लें।
डीसीबी में करेंसी संकट से किसान परेशान
गेहूं की बुवाई के दौर में खाद-बीज के लिए किसान भटक रहे हैं। जिला सहकारी बैंक शाखाएं उनके खातों में पांच सौ व एक हजार के पुराने नोट जमा नहीं कर रही हैं। यही नहीं, करेंसी के संकट से किसान खातों में जमा धनराशि निकाल भी नहीं पा रहे हैं। इस संबंध में डीसीबी के पूर्व चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने डीएम को पत्र देकर बताया कि सहकारी बैंक के पास करेंसी चेस्ट नहीं होने से वह नोटों के लिए भारतीय स्टेट बैंक पर निर्भर है, लेकिन एसबीआई से डीसीबी को मांग के अनुरूप कैश नहीं मिल पाता। इस कारण डीसीबी की सभी 22 शाखाओें पर भुगतान में बाधा पड़ रही है।
नोट बंदी से देश में फैल रही अराजकता
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नूरी मरकज के अध्यक्ष इम्तियाज अली खां ने कहा कि तीन तलाक, समान सिविल कोर्ट जैसे मुद्दों को उछालने के साथ नोट बंदी कर प्रधानमंत्री मोदी देश में अराजकता फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार्डर पर देश के फौजी पहले से ज्यादा शहीद हो रहे हैं, महंगाई आसमान छू रही है, महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, लोग घर-बार छोड़कर दिन भर लाइनों में लगने को मजबूर हैं और मोदी स्वयं मियां मिट्ठू बन रहे हैं।
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शनिवार को बैंकों से निकलेगा पांच सौ का नोट
जिले में अभी तक आरबीआई से पांच सौ के नए नोट की खेप नहीं भेजे जाने से सौ रुपये और इससे कम मूल्य वर्ग के नोटों को लेकर बाजार में बुधवार को भी संकट बना रहा। बैंक से मिले दो हजार रुपये वाले नोट कम से कम 50 फीसदी अर्थात एक हजार की खरीदारी करने पर ही दुकानदार तोड़ रहे हैं। पांच सौ के नोट के संकट को देखते व्यवसायी सौ रुपये के नोट उन सभी ग्राहकों को देने से बच रहे हैं जो दो हजार का नोट दिखाकर 100-200 रुपये का सौदा लेना चाह रहे हैं। परिचित ग्राहकों को भी दुकानदार फुटकर लौटाने के बजाय सामान उधार देना पसंद कर रहे हैं। बैंक अधिकारियों के अनुसार पांच सौ के नए नोट शुक्रवार शाम तक यहां आ जाने की उम्मीद है।
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कुछ देर चलकर बंद हो गए एटीएम
नई करेंसी की कमी और उसकी मशीन में सेटिंग नहीं हो पाने से जिले के अधिकांश एटीएम अधिकतर समय शो पीस बने रहे। अग्रणी बैंक प्रबंधन के दावों के विपरीत तमाम बॉब के तमाम एटीएम ठप रहे। हालांकि, सुबह के वक्त एसबीआई मेन ब्रांच समेत एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, केनरा बैंक आदि के कुछ एटीएम सिर्फ उतनी देर चले, जब तक उनमें सौ रुपये के नोट रहे। ज्यादातर एटीएम दो-तीन घंटे चलने के बाद बंद हुए तो भीड़ दूसरे एटीएम खंगालने मुड़ गई। देर शाम गोविंदगंज और लोधीपुर में एनटीआई के पास बॉब के एटीएम चालू होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली।
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स्याही लगाने का आरबीआई से मिला सर्कुलर
नेताओं, धन्ना सेठों के पुराने नोट बदलने के लिए उनसे दिहाड़ी लेकर बार-बार बैंकों के सामने कतार में खड़े होने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए उनके हाथ पर जल्दी न मिटने वाली स्याही लगाने का काम बृहस्पतिवार से शुरू कर दिया जाएगा। अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक बीएम गुप्ता ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से इस संबंध में जारी सर्कुलर दोपहर बाद प्राप्त होते ही शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि नोट बदलने वालों के हाथ पर जल्दी न छूटने वाली स्याही लगाने के लिए सभी काउंटरों पर मार्करों की व्यवस्था कर लें।
डीसीबी में करेंसी संकट से किसान परेशान
गेहूं की बुवाई के दौर में खाद-बीज के लिए किसान भटक रहे हैं। जिला सहकारी बैंक शाखाएं उनके खातों में पांच सौ व एक हजार के पुराने नोट जमा नहीं कर रही हैं। यही नहीं, करेंसी के संकट से किसान खातों में जमा धनराशि निकाल भी नहीं पा रहे हैं। इस संबंध में डीसीबी के पूर्व चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने डीएम को पत्र देकर बताया कि सहकारी बैंक के पास करेंसी चेस्ट नहीं होने से वह नोटों के लिए भारतीय स्टेट बैंक पर निर्भर है, लेकिन एसबीआई से डीसीबी को मांग के अनुरूप कैश नहीं मिल पाता। इस कारण डीसीबी की सभी 22 शाखाओें पर भुगतान में बाधा पड़ रही है।
नोट बंदी से देश में फैल रही अराजकता
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नूरी मरकज के अध्यक्ष इम्तियाज अली खां ने कहा कि तीन तलाक, समान सिविल कोर्ट जैसे मुद्दों को उछालने के साथ नोट बंदी कर प्रधानमंत्री मोदी देश में अराजकता फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार्डर पर देश के फौजी पहले से ज्यादा शहीद हो रहे हैं, महंगाई आसमान छू रही है, महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, लोग घर-बार छोड़कर दिन भर लाइनों में लगने को मजबूर हैं और मोदी स्वयं मियां मिट्ठू बन रहे हैं।