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भाकृद ने रोकी बरेली-बनारस एक्सप्रेस
तिलहर।
Updated Sat, 25 Jul 2015 12:06 AM IST
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भारतीय कृषक दल कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक पर फुट ओवर ब्रिज बनाने सहित आधा दर्जन मांगों को लेकर गेट नंबर 337 सी पर बरेली से डाउन लाइन पर आ रही 14236 बरेली बनारस एक्सप्रेस रोक ली, जो कि लगभग दस मिनट तक खड़ी रही। बाद में पुलिस जीआरपी और आरपीएफ के पहुंचने पर ट्रेन आगे रवाना हो सकी।
भारतीय कृषक दल की ओर से अपनी मांगों को लेकर चीनी मिल ग्राउंड में किसान पंचायत बुलाई गई थी। दल की मांगों में गांव सलेमपुर खुर्द में स्लाटर हाउस का निर्माण रोके जाने, तिलहर स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज बनाए जाने, आरक्षण काउंटर खोलने, काशी विश्वनाथ ट्रेन का आरक्षण तिलहर से फिर शुरू किए जाने, दिल्ली के लिए दिन में एक एक्सप्रेस ट्रेन (गोहाटी एक्सप्रेस) रोके जाने तथा किसानों को राहत चेक निष्पक्ष रूप से वितरित करने की मांगें शामिल हैं।
शुक्रवार सुबह से ही चीनी मिल मैदान पर जुट रहे कार्यकर्ताओं का आक्रोश उस समय बढ़ गया जब वहां पहुंचे एसडीएम विजय शंकर दुबे ने सीओ विजयशंकर मिश्रा, कोतवाल अरूण कुमार सिंह के साथ पहुंचकर आंदोलन समाप्त करने को कहा। इस पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए इसे कार्यकर्ताओं की अनदेखी बताया और मांगों के संबंध में लिखित आश्वासन और डीएम को बुलाने की मांग की और पांच बजे तक ठोस आश्वासन न मिलने पर रेलवे ट्रैक जाम करने की धमकी दी। इस पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गये और उसने बड़ी संख्या में पुलिस बल, क्यूआरटी, आरपीएफ, जीआरपी और निकटवर्ती थानों की पुलिस बुला ली। इस दौरान जैतीपुर, कटरा, तिलहर, मदनापुर आदि थानों के एसओ, एसओ जीआरपी, एलआईयू आदि मौजूद रहे।
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प्रशासन को गच्चा देकर रोकी ट्रेन
जहां प्रशासन रेल ट्रैक जाम की धमकी से पूरी तरह चाक-चौबंद था और किसी भी दशा में ट्रेन आवागमन बाधित होने से रोकने के लिए कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रहा था। वहीं भाकृद की कई टीमें ट्रैक जाम करने के लिए सक्रिय हो गईं। प्रशासन व पुलिस बल रेलवे स्टेशन पर कड़ी निगरानी रखे था, उसी समय दर्जनभर कार्यकर्ता गेट नंबर 337 सी पर जा पहुंचे और तेजी से आ रही बरेली-बनारस एक्सप्रेस के सामने ट्रैक पर खड़े हो गये। इस पर गाड़ी के चालक ने दूर से ही ट्रैक पर लगी भीड़ देखकर आपात ब्रेक लेकर गाड़ी रोक दी। इस पर कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रशासन के सामने कड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
घटना के बाद तिलहर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में आरपीएफ जीआरपी तथा पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि दोबारा रेलवे ट्रैक पर गाड़ी रोकने की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
31 तक होगा रेलवे समस्याओं का निवारण
प्रशासन द्वारा भाकृद को देर शाम स्लाटर हाउस के निर्माण रोकने संबंधी एसडीएम की संस्तुति उपलब्ध कराते हुए आश्वासन दिया गया कि तहसील में मुआवजा से छूटे नामों की ब्लाक बार सूची लगाकर निष्पक्ष रूप से निस्तारण कराया जायेगा तथा 31 जुलाई तक रेलवे से संबंधित सभी समस्याओं का और उससे संबंधित प्रगति उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान अपना दल के जिलाध्यक्ष राजीव पटेल, सुनील पटेल, रक्ष पाल सिंह, किसान यूनियन के पुष्पराज सिंह यादव, रामासरे सैनी, विजय पाल सिंह यादव, नागेंद्र सिंह, धूम सिंह, यादव महासभा के रामबहोरन सिंह, भाजपा के राजेंद्र सिंह यादव, छोटे सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।
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भारतीय कृषक दल की ओर से अपनी मांगों को लेकर चीनी मिल ग्राउंड में किसान पंचायत बुलाई गई थी। दल की मांगों में गांव सलेमपुर खुर्द में स्लाटर हाउस का निर्माण रोके जाने, तिलहर स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज बनाए जाने, आरक्षण काउंटर खोलने, काशी विश्वनाथ ट्रेन का आरक्षण तिलहर से फिर शुरू किए जाने, दिल्ली के लिए दिन में एक एक्सप्रेस ट्रेन (गोहाटी एक्सप्रेस) रोके जाने तथा किसानों को राहत चेक निष्पक्ष रूप से वितरित करने की मांगें शामिल हैं।
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शुक्रवार सुबह से ही चीनी मिल मैदान पर जुट रहे कार्यकर्ताओं का आक्रोश उस समय बढ़ गया जब वहां पहुंचे एसडीएम विजय शंकर दुबे ने सीओ विजयशंकर मिश्रा, कोतवाल अरूण कुमार सिंह के साथ पहुंचकर आंदोलन समाप्त करने को कहा। इस पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए इसे कार्यकर्ताओं की अनदेखी बताया और मांगों के संबंध में लिखित आश्वासन और डीएम को बुलाने की मांग की और पांच बजे तक ठोस आश्वासन न मिलने पर रेलवे ट्रैक जाम करने की धमकी दी। इस पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गये और उसने बड़ी संख्या में पुलिस बल, क्यूआरटी, आरपीएफ, जीआरपी और निकटवर्ती थानों की पुलिस बुला ली। इस दौरान जैतीपुर, कटरा, तिलहर, मदनापुर आदि थानों के एसओ, एसओ जीआरपी, एलआईयू आदि मौजूद रहे।
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प्रशासन को गच्चा देकर रोकी ट्रेन
जहां प्रशासन रेल ट्रैक जाम की धमकी से पूरी तरह चाक-चौबंद था और किसी भी दशा में ट्रेन आवागमन बाधित होने से रोकने के लिए कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रहा था। वहीं भाकृद की कई टीमें ट्रैक जाम करने के लिए सक्रिय हो गईं। प्रशासन व पुलिस बल रेलवे स्टेशन पर कड़ी निगरानी रखे था, उसी समय दर्जनभर कार्यकर्ता गेट नंबर 337 सी पर जा पहुंचे और तेजी से आ रही बरेली-बनारस एक्सप्रेस के सामने ट्रैक पर खड़े हो गये। इस पर गाड़ी के चालक ने दूर से ही ट्रैक पर लगी भीड़ देखकर आपात ब्रेक लेकर गाड़ी रोक दी। इस पर कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रशासन के सामने कड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
घटना के बाद तिलहर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में आरपीएफ जीआरपी तथा पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि दोबारा रेलवे ट्रैक पर गाड़ी रोकने की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
31 तक होगा रेलवे समस्याओं का निवारण
प्रशासन द्वारा भाकृद को देर शाम स्लाटर हाउस के निर्माण रोकने संबंधी एसडीएम की संस्तुति उपलब्ध कराते हुए आश्वासन दिया गया कि तहसील में मुआवजा से छूटे नामों की ब्लाक बार सूची लगाकर निष्पक्ष रूप से निस्तारण कराया जायेगा तथा 31 जुलाई तक रेलवे से संबंधित सभी समस्याओं का और उससे संबंधित प्रगति उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान अपना दल के जिलाध्यक्ष राजीव पटेल, सुनील पटेल, रक्ष पाल सिंह, किसान यूनियन के पुष्पराज सिंह यादव, रामासरे सैनी, विजय पाल सिंह यादव, नागेंद्र सिंह, धूम सिंह, यादव महासभा के रामबहोरन सिंह, भाजपा के राजेंद्र सिंह यादव, छोटे सिंह आर्य आदि मौजूद रहे।