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Shahjahanpur News: कॉफी मशीन लेने निकला था आयुष, खुन्नश और गुटबाजी में मार दी गई गोली
Tue, 03 Dec 2024 01:49 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 03 Dec 2024 01:49 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के बिलखते पिता को संभालते रिश्तेदार। संवाद
शाहजहांपुर। टेंट कारोबारी प्रदीप गुप्ता का बेटा आयुष गुप्ता कॉफी मशीन लेने की बात कहकर घर से निकला था। तीन घंटे के बाद ओसीएफ मैदान में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के कारण अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं लेकिन माना जा रहा है कि गुटबाजी के चलते वारदात अंजाम दी गई है। पुलिस कई बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है।
12वीं तक पढ़ाई करने के बाद आयुष गुप्ता अपने पिता के टेंट के कारोबार में हाथ बंटाने लगा था। रविवार देर रात तक जागने पर सुबह मां रानी गुप्ता ने उसे जगाया नहीं था। रानी के अनुसार, आयुष के पास किसी का कॉल आया था। दोपहर 12 बजे वह बिना नाश्ता किए ही बुलेट बाइक से चल दिया था। मां के पूछने पर बताया था कि काॅफी मशीन लेने जा रहा है। बताते हैं कि दोपहर करीब तीन बजे ओसीएफ रामलीला मैदान में आयुष व दूसरे पक्ष के करीब दर्जनभर युवकों में विवाद हुआ। पहले दोनों पक्षों में लात-घूंसे चले। इस बीच तमंचे से किसी ने फायर कर दिया तो भगदड़ मच गई। तीन राउंड गोली चलने पर एक गोली आयुष के सिर पर लगी और वह मौके पर ही गिर गया। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग गए। दिनदहाड़े हत्या की वारदात से पुलिस में खलबली मच गई। थाना सदर बाजार इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। एसपी राजेश एस., एसपी सिटी संजय कुमार और सीओ सिटी पंकज पंत ने मौके का निरीक्षण किया। हत्या की वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है। इससे कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कुछ नाम भी प्रकाश में आए हैं। हालांकि, पुलिस परिजन की तहरीर के आने का इंतजार कर रही है। बताया जा रहा है कि दो गुटों की रंजिश में आयुष की जान गई है। आयुष सत्ताधारी दल के युवा नेता के साथ जुड़ा है। दूसरा पक्ष भी प्रभावशाली लोगों के संपर्क में है।
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अतिसुरक्षित क्षेत्र में हत्या की वारदात ने पुलिसिंग पर खड़े किए सवाल
शाहजहांपुर। सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले कैंट क्षेत्र के ओसीएफ मैदान पर दिनदहाड़े हत्या की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। युवाओं ने आयुष को पीटने के बाद गोली मारी। इससे पहले भी कैंट क्षेत्र में आए दिन झगड़े, मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। शाम ढलते ही तेज रफ्तार वाहन दौड़ते हैं और शराबियों का जमघट लगा रहता है।
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कैंट क्षेत्र को सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। मैदान से चंद कदम की दूरी पर आर्मी के गेट पर सेना के जवानों का पहरा रहता है। कैंट चौकी भी कुछ ही दूरी पर स्थित है। फिर भी दिनदहाड़े हत्या की वारदात ने पुलिस के इकबाल पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। मैदान पर पूरे दिन युवा और बच्चे क्रिकेट, फुटबाल खेलते रहते हैं। फुटबॉल का प्रशिक्षण चलता रहता है। सुबह-शाम टहलने वालों की भीड़ भी उमड़ती है। वहीं, शाम ढलते ही शराबियों और तेज वाहन चलाकर रौब झाड़ने वालों का जमघट लगना शुरू हो जाता है। मैदान के आसपास जगह-जगह लोग शराब पीते मिलते हैं। यह भीड़ आधी रात तक लगी रहती है। आए दिन मारपीट और दबंगई की घटनाएं होती हैं। थोड़ी दूरी पर ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आवास हैं। इतनी अराजकता होने के बाद भी सदर पुलिस चेकिंग करने की जरूरत नहीं समझती है। पुलिस की लापरवाही के चलते व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। पूरे मामले की जानकारी एसपी राजेश एस. को भी दी गई है।
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प्रिंस का नाम सामने आया
-पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की वारदात में प्रिंस का नाम सामने आया है। यह भी थाना सदर बाजार क्षेत्र का रहने वाला है। वहीं, मृतक के परिजनों ने करीब आधा दर्जन लोगों के नाम दिखाएं हैं, जो वहां पर मौजूद थे। हालांकि, तहरीर का इंतजार किया जा रहा है।
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दुर्घटना की सूचना देने पर पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
-हत्या की वारदात के बाद अजीजगंज चौकी ने आयुष के पिता दिलीप गुप्ता को दुर्घटना हाेने की सूचना दी। कॉल आने के बाद वह तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। वहां इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक को खंगाल डाला। आयुष के नहीं मिलने पर दोबारा से कॉल की। तब उन्हें पोस्टमाॅर्टम हाउस बुलाया गया। पुलिस के गलत सूचना देने पर भड़के परिजन ने जमकर खरी-खोटी सुनाई।
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साथियों ने चुप्पी साधी, परिवार के लोग हुए नाराज
-वारदात के बाद वायरल एक वीडियो में कुछ युवक शव को उठाते भी नजर आ रहे हैं। आयुष की मौत के बाद उसके कुछ साथी पोस्टमाॅर्टम हाउस पर पहुंच गए। परिवार के लोगों ने उनसे घटना की जानकारी ली तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इसे लेकर परिजनों ने साथ में होने के बाद भी आयुष की हत्या होने पर नाराजगी जताई। कहा कि हत्या की घटना को अंजाम देने वालाें को छोड़ा नहीं जाएगा।
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मां बोली...उठ बेटा एक बार बोल दे, पापा सब ठीक कर देंगे
शाहजहांपुर। दिलीप गुप्ता के छोटे से परिवार की खुशियों पर सोमवार को ग्रहण लग गया। इकलौते बेटे को एंबुलेंस की सीट पर मृत अवस्था में पड़ा देखकर दिलीप तो आपा खो बैठे। वह दहाड़े मारकर रो पड़े। उनकी पत्नी रानी गुप्ता बेटे के शव को कफन में देखकर सिसककर बोलीं कि बेटा एक बार उठ जा, पापा सब ठीक कर देंगे।
सबसे पहले पोस्टमाॅर्टम हाउस पर पहुंचे प्रदीप गुप्ता अपने बेटे के शव से चिपटकर बिलख पड़े। उनके करुण क्रंदन को देखकर लोगाें की आंखें नम हो गईं। वह बार-बार यही कह रहे थे कि बेटा ही मेरा सब कुछ था। उसके जाने से सब बर्बाद हो गया। आयुष की मौत की खबर सुनने के बाद परिवार व रिश्ते के लोग भी आ गए। मृतक की मां रानी गुप्ता आईं तो एंबुलेंस की खिड़की से बेटे का शव देखकर बिलख पड़ीं। उनके परिवार के लोगों ने संभाला। हंगामे की आशंका को देखते हुए चौक इंस्पेक्टर राजीव तोमर व आरसी मिशन थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता समेत भारी पुलिस बल बुला लिया गया था। शव को एंबुलेंस से उतारने के बाद बेटे को कफन में लिपटा देखकर दिलीप व रानी गुप्ता बिलख पड़े। वह बार-बार यही कह रहे थे कि उठ जा बेटा, एक बार तो बोल दे। बहन शगुन भी बिलख पड़ी। बेटे के सिर पर सेहरा बांधने की तमन्ना अधूरी ही रह गई।
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मां ने की थी कॉल, तब मिली जानकारी
-करीब तीन घंटे तक घर नहीं पहुंचने के बाद रानी गुप्ता ने बेटे आयुष को कॉल की थी। उनका मोबाइल पुलिस ने उठाया और उन्हें हादसे के बारे में जानकारी दी थी।
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अतिसुरक्षित क्षेत्र में हत्या की वारदात ने पुलिसिंग पर खड़े किए सवाल
शाहजहांपुर। सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले कैंट क्षेत्र के ओसीएफ मैदान पर दिनदहाड़े हत्या की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। युवाओं ने आयुष को पीटने के बाद गोली मारी। इससे पहले भी कैंट क्षेत्र में आए दिन झगड़े, मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। शाम ढलते ही तेज रफ्तार वाहन दौड़ते हैं और शराबियों का जमघट लगा रहता है।
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कैंट क्षेत्र को सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। मैदान से चंद कदम की दूरी पर आर्मी के गेट पर सेना के जवानों का पहरा रहता है। कैंट चौकी भी कुछ ही दूरी पर स्थित है। फिर भी दिनदहाड़े हत्या की वारदात ने पुलिस के इकबाल पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। मैदान पर पूरे दिन युवा और बच्चे क्रिकेट, फुटबाल खेलते रहते हैं। फुटबॉल का प्रशिक्षण चलता रहता है। सुबह-शाम टहलने वालों की भीड़ भी उमड़ती है। वहीं, शाम ढलते ही शराबियों और तेज वाहन चलाकर रौब झाड़ने वालों का जमघट लगना शुरू हो जाता है। मैदान के आसपास जगह-जगह लोग शराब पीते मिलते हैं। यह भीड़ आधी रात तक लगी रहती है। आए दिन मारपीट और दबंगई की घटनाएं होती हैं। थोड़ी दूरी पर ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आवास हैं। इतनी अराजकता होने के बाद भी सदर पुलिस चेकिंग करने की जरूरत नहीं समझती है। पुलिस की लापरवाही के चलते व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। पूरे मामले की जानकारी एसपी राजेश एस. को भी दी गई है।
प्रिंस का नाम सामने आया
-पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की वारदात में प्रिंस का नाम सामने आया है। यह भी थाना सदर बाजार क्षेत्र का रहने वाला है। वहीं, मृतक के परिजनों ने करीब आधा दर्जन लोगों के नाम दिखाएं हैं, जो वहां पर मौजूद थे। हालांकि, तहरीर का इंतजार किया जा रहा है।
दुर्घटना की सूचना देने पर पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
-हत्या की वारदात के बाद अजीजगंज चौकी ने आयुष के पिता दिलीप गुप्ता को दुर्घटना हाेने की सूचना दी। कॉल आने के बाद वह तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। वहां इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक को खंगाल डाला। आयुष के नहीं मिलने पर दोबारा से कॉल की। तब उन्हें पोस्टमाॅर्टम हाउस बुलाया गया। पुलिस के गलत सूचना देने पर भड़के परिजन ने जमकर खरी-खोटी सुनाई।
साथियों ने चुप्पी साधी, परिवार के लोग हुए नाराज
-वारदात के बाद वायरल एक वीडियो में कुछ युवक शव को उठाते भी नजर आ रहे हैं। आयुष की मौत के बाद उसके कुछ साथी पोस्टमाॅर्टम हाउस पर पहुंच गए। परिवार के लोगों ने उनसे घटना की जानकारी ली तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इसे लेकर परिजनों ने साथ में होने के बाद भी आयुष की हत्या होने पर नाराजगी जताई। कहा कि हत्या की घटना को अंजाम देने वालाें को छोड़ा नहीं जाएगा।
मां बोली...उठ बेटा एक बार बोल दे, पापा सब ठीक कर देंगे
शाहजहांपुर। दिलीप गुप्ता के छोटे से परिवार की खुशियों पर सोमवार को ग्रहण लग गया। इकलौते बेटे को एंबुलेंस की सीट पर मृत अवस्था में पड़ा देखकर दिलीप तो आपा खो बैठे। वह दहाड़े मारकर रो पड़े। उनकी पत्नी रानी गुप्ता बेटे के शव को कफन में देखकर सिसककर बोलीं कि बेटा एक बार उठ जा, पापा सब ठीक कर देंगे।
सबसे पहले पोस्टमाॅर्टम हाउस पर पहुंचे प्रदीप गुप्ता अपने बेटे के शव से चिपटकर बिलख पड़े। उनके करुण क्रंदन को देखकर लोगाें की आंखें नम हो गईं। वह बार-बार यही कह रहे थे कि बेटा ही मेरा सब कुछ था। उसके जाने से सब बर्बाद हो गया। आयुष की मौत की खबर सुनने के बाद परिवार व रिश्ते के लोग भी आ गए। मृतक की मां रानी गुप्ता आईं तो एंबुलेंस की खिड़की से बेटे का शव देखकर बिलख पड़ीं। उनके परिवार के लोगों ने संभाला। हंगामे की आशंका को देखते हुए चौक इंस्पेक्टर राजीव तोमर व आरसी मिशन थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता समेत भारी पुलिस बल बुला लिया गया था। शव को एंबुलेंस से उतारने के बाद बेटे को कफन में लिपटा देखकर दिलीप व रानी गुप्ता बिलख पड़े। वह बार-बार यही कह रहे थे कि उठ जा बेटा, एक बार तो बोल दे। बहन शगुन भी बिलख पड़ी। बेटे के सिर पर सेहरा बांधने की तमन्ना अधूरी ही रह गई।
मां ने की थी कॉल, तब मिली जानकारी
-करीब तीन घंटे तक घर नहीं पहुंचने के बाद रानी गुप्ता ने बेटे आयुष को कॉल की थी। उनका मोबाइल पुलिस ने उठाया और उन्हें हादसे के बारे में जानकारी दी थी।

पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के बिलखते पिता को संभालते रिश्तेदार। संवाद

पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के बिलखते पिता को संभालते रिश्तेदार। संवाद

पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के बिलखते पिता को संभालते रिश्तेदार। संवाद