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ईमान व अकीदा पर हो रहे हमले : अजहरी
Tue, 03 Dec 2024 01:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 03 Dec 2024 01:50 AM IST
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शाहजहांपुर में जलालनगर में जलसे में तकरीर करते उलमा। स्रोत : कमेटी
शाहजहांपुर। मोहल्ला एमनजई जलालनगर में एक मीनार वाली मस्जिद के पास जलसा ईद मीलाद-उल-नबी तहफ्फुज-ए-ईमान कांफ्रेंस का आयोजन हुआ। इसमें इमान व अकीदा को बचाने की फिक्र करने पर जोर दिया गया।
अंजुमन फरोग-ए-इस्लाम व ऑल इंडिया जमाअत ए रजा ए मुस्तफा की ओर से हुए जलसे की शुरुआत हाफिज फिरासत उल्ला खां रजवी ने पवित्र कुरआन की तिलावत से की। मुख्य वक्ता खलीफा ताज उश-शरिया मुफ्ती गुलाम जीलानी अजहरी नेपाली ने कहा कि सफल वह नहीं है, जिसके पास धन है। सफल वह है, जिसके पास ईमान की दौलत है। वर्तमान दौर में हमारे ईमान व अकीदा पर तरह-तरह के हमले हो रहे हैं। सभी को इसे बचाने की चिंता करनी चाहिए।
अपने उलमा का अदब-ओ-एहतराम करना चाहिए। उलमा की निकटता ही हमारे ईमान व अकीदा को बचा सकती है। मुफ्ती अत्ता मुहम्मद मुशाहिदी पीलीभीत ने कहा कि अहल-ए-सुन्नत के सभी विद्वान इमाम अहमद रजा खां मुहद्दिस बरेली को अपना इमाम और पेशवा मानते हैं। उनकी पुस्तकों और फतवे पर उन्होंने अपनी सहमति दी।
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पीर-ए-तरीकत सैयद रिजवान अहमद वाहिदी बिलग्रामी ने कहा कि हम सभी को एक-दूसरे के साथ सद्भाव और एकता बनाए रखना होगा। जलसे को अल्लामा मेहराब हुसैन रजवी ने भी संबोधित किया। शायर फहीम अख्तर बरेली, मोहम्मद जरताब रजा पीलीभीत, हाफिज जीशान रजा अजहरी ने नातिया कलाम पेश किया। संचालन हाफिज मोहम्मद इमरान रजा कादरी ने किया।
अंत में हजरत मुफ्ती आजम हिंद का कुल शरीफ हुआ। सैयद रिजवान अहमद वाहिदी बिलग्रामी ने मुल्क की सलामती और खुशहाली के लिए दुआ की। सैयद शारिक रजा खालिदी, मौलाना रियाज अल कादरी, सैयद अब्दुल शदीद, हाफिज मुहम्मद तस्लीम रजा, हाजी कमाल अहमद, हाफिज रियासत उल्ला, हाजी अय्यूब हसन खान, राशिद हुसैन राही आदि मौजूद रहे।
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अंजुमन फरोग-ए-इस्लाम व ऑल इंडिया जमाअत ए रजा ए मुस्तफा की ओर से हुए जलसे की शुरुआत हाफिज फिरासत उल्ला खां रजवी ने पवित्र कुरआन की तिलावत से की। मुख्य वक्ता खलीफा ताज उश-शरिया मुफ्ती गुलाम जीलानी अजहरी नेपाली ने कहा कि सफल वह नहीं है, जिसके पास धन है। सफल वह है, जिसके पास ईमान की दौलत है। वर्तमान दौर में हमारे ईमान व अकीदा पर तरह-तरह के हमले हो रहे हैं। सभी को इसे बचाने की चिंता करनी चाहिए।
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अपने उलमा का अदब-ओ-एहतराम करना चाहिए। उलमा की निकटता ही हमारे ईमान व अकीदा को बचा सकती है। मुफ्ती अत्ता मुहम्मद मुशाहिदी पीलीभीत ने कहा कि अहल-ए-सुन्नत के सभी विद्वान इमाम अहमद रजा खां मुहद्दिस बरेली को अपना इमाम और पेशवा मानते हैं। उनकी पुस्तकों और फतवे पर उन्होंने अपनी सहमति दी।
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पीर-ए-तरीकत सैयद रिजवान अहमद वाहिदी बिलग्रामी ने कहा कि हम सभी को एक-दूसरे के साथ सद्भाव और एकता बनाए रखना होगा। जलसे को अल्लामा मेहराब हुसैन रजवी ने भी संबोधित किया। शायर फहीम अख्तर बरेली, मोहम्मद जरताब रजा पीलीभीत, हाफिज जीशान रजा अजहरी ने नातिया कलाम पेश किया। संचालन हाफिज मोहम्मद इमरान रजा कादरी ने किया।
अंत में हजरत मुफ्ती आजम हिंद का कुल शरीफ हुआ। सैयद रिजवान अहमद वाहिदी बिलग्रामी ने मुल्क की सलामती और खुशहाली के लिए दुआ की। सैयद शारिक रजा खालिदी, मौलाना रियाज अल कादरी, सैयद अब्दुल शदीद, हाफिज मुहम्मद तस्लीम रजा, हाजी कमाल अहमद, हाफिज रियासत उल्ला, हाजी अय्यूब हसन खान, राशिद हुसैन राही आदि मौजूद रहे।