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आरोग्य सेतु एप डाउनलोडिंग में लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज
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शाहजहांपुर। आरोग्य सेतु एप की डाउनलोडिंग में मंडल में शाहजहांपुर के तीसरे नंबर पर आने पर डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने नाराजगी जताई है। शनिवार रात हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं और कार्रवाई की हिदायत देते हुए एप न डाउनलोड करने वाले कर्मचारियों का ब्यौरा तलब किया है।
बता देें कि स्मार्ट फोन पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर लोगों को अपने स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं फीड करनी हैं। जो लोग इस एप को डाउनलोड करेंगे, उन्हें एप बता देगा कि कोई कोरोना संक्रमित उनसे कितने फासले पर मौजूद है। इससे लोगों का वायरस के संक्रमण से बचना आसान हो जाएगा और संक्रमित व्यक्ति से लोग दूरी बनाए रखेंगे। एप की डाउनलोडिंग के लिए लोगों को जागरूक करने का काम ऐसे विभागों को दिया गया है, जिनसे जन साधारण से जुड़े अधिकतम लोग संपर्क में आ रहे हैं। इसके तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, विकास, पंचायती राज, नगर विकास, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा आदि विभागों के अधिकारियों को किसानों, ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों, शिक्षकों आदि को एप डाउनलोड करने को प्रेरित करने को कहा गया है। मगर इसमें लापरवाही के चलते शाहजहांपुर मंडल में तीसरे स्थान रह गया, जिसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई है।
मंडल में पीलीभीत पहले नंबर पर
शासन ने 30 अप्रैल तक एप डाउनलोडिंग की जो सूची जारी की है, उसमें शाहजहांपुर प्रदेश में 71वीं और मंडल में तीसरे पायदान पर है। 37.54 लाख की आबादी वाले जिले में अभी तक सिर्फ 1,03,940 अर्थात 2.77 प्रतिशत लोगों ने एप डाउनलोड किया है, जबकि इस कसौटी पर पीलीभीत पहले (3.95 प्रतिशत), बरेली दूसरे (3.78 प्रतिशत) और बदायूं चौथे (2.28 प्रतिशत) स्थान पर है। डीएम ने समीक्षा बैठक मेें इन्हीं आंकड़ों का आईना अधिकारियों को दिखाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जांच में यदि किसी विभाग के स्तर से फर्जी रिपोर्टिंग पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी कार्रवाई को तैयार रहें।
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आरोग्य एप डाउनलोड करने का किसी विभाग को लक्ष्य नहीं दिया गया है। जिले में आबादी के अनुपात में एक चौथाई स्मार्ट फोन होने का अनुमान है और उसमेें यदि 25 फीसदी लोग एप डाउनलोड कर लेते हैं तो भी इसे कोई खास उपलब्धि नहीं माना जाएगा। लोगों को समझना चाहिए कि यह एप उनकी और उनके परिवार की भलाई के लिए लांच किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विभाग के संपर्क में आने वाले अधिकतम लोगों को इसकी उपयोगिता बताकर एप डाउनलोड कराएं।
- महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी
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बता देें कि स्मार्ट फोन पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर लोगों को अपने स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं फीड करनी हैं। जो लोग इस एप को डाउनलोड करेंगे, उन्हें एप बता देगा कि कोई कोरोना संक्रमित उनसे कितने फासले पर मौजूद है। इससे लोगों का वायरस के संक्रमण से बचना आसान हो जाएगा और संक्रमित व्यक्ति से लोग दूरी बनाए रखेंगे। एप की डाउनलोडिंग के लिए लोगों को जागरूक करने का काम ऐसे विभागों को दिया गया है, जिनसे जन साधारण से जुड़े अधिकतम लोग संपर्क में आ रहे हैं। इसके तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, विकास, पंचायती राज, नगर विकास, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा आदि विभागों के अधिकारियों को किसानों, ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों, शिक्षकों आदि को एप डाउनलोड करने को प्रेरित करने को कहा गया है। मगर इसमें लापरवाही के चलते शाहजहांपुर मंडल में तीसरे स्थान रह गया, जिसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई है।
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मंडल में पीलीभीत पहले नंबर पर
शासन ने 30 अप्रैल तक एप डाउनलोडिंग की जो सूची जारी की है, उसमें शाहजहांपुर प्रदेश में 71वीं और मंडल में तीसरे पायदान पर है। 37.54 लाख की आबादी वाले जिले में अभी तक सिर्फ 1,03,940 अर्थात 2.77 प्रतिशत लोगों ने एप डाउनलोड किया है, जबकि इस कसौटी पर पीलीभीत पहले (3.95 प्रतिशत), बरेली दूसरे (3.78 प्रतिशत) और बदायूं चौथे (2.28 प्रतिशत) स्थान पर है। डीएम ने समीक्षा बैठक मेें इन्हीं आंकड़ों का आईना अधिकारियों को दिखाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जांच में यदि किसी विभाग के स्तर से फर्जी रिपोर्टिंग पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी कार्रवाई को तैयार रहें।
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आरोग्य एप डाउनलोड करने का किसी विभाग को लक्ष्य नहीं दिया गया है। जिले में आबादी के अनुपात में एक चौथाई स्मार्ट फोन होने का अनुमान है और उसमेें यदि 25 फीसदी लोग एप डाउनलोड कर लेते हैं तो भी इसे कोई खास उपलब्धि नहीं माना जाएगा। लोगों को समझना चाहिए कि यह एप उनकी और उनके परिवार की भलाई के लिए लांच किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विभाग के संपर्क में आने वाले अधिकतम लोगों को इसकी उपयोगिता बताकर एप डाउनलोड कराएं।
- महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी