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बेटियों का परिवार,समाज एवं संस्थान में शोषण हो तो वह बर्दाश्त न करें
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मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर)। अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत सोमवार को आर्य कन्या इंटर कॉलेज में महिला सशक्तीकरण और सुरक्षा पर संगोष्ठी हुई, जिसमें एसडीएम मोइन उल इस्लाम ने कहा कि बेटियों का परिवार, समाज या किसी संस्थान में किसी भी तरह से उनका शोषण हो रहा है तो वह उसे बर्दाश्त ना करें बल्कि इसके विरुद्ध खुलकर आवाज उठाएं। उन्होंने महिला सुरक्षा कानून की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाएं अपने को कमजोर न समझें।
एसडीएम ने कहा कि आज बेटियां बेटों की तरह ही कामयाबी की नई-नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076 एवं 181 और 100 डायल मौजूद है। किसी भी परेशानी के वक्त इन नंबरों को डायल कर किसी भी विपत्ति में सुरक्षा ले सकती हैं। महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में महिला एवं पीड़ित की पहचान गोपनीय रखी जाती है। कहा कि पॉक्सो एक्ट लड़कियों के यौन शोषण से सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इस एक्ट के तहत आने वाले उत्पीड़न संबंधी मामलों की जांच से लेकर पूछताछ तक महिला अधिकारी द्वारा ही की जाती है। उन्होंने लैंगिक शोषण निवारण अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया की यदि कोई महिला किसी संस्थान में नौकरी के दौरान शोषण का शिकार होती है तो वह इस कानून के तहत सहायता ले सकती है।
थाना प्रभारी जग नारायण पांडे ने बताया कि पुलिस बेटियों की सुरक्षा के प्रति काफी जागरूक रहती हैं। उत्पीड़न एवं किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ आदि की घटनाओं का शिकार होने पर पुलिस की सहायता लेने में झिझकें नहीं। इस मौके पर प्रधानाचार्य मंजू रानी आर्य, शिक्षिका मधु अग्रवाल ने बेटियों की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
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संगोष्ठी में जो जानकारियां मिलीं उससे काफी कुछ सीखने को मिला। इस कार्यक्रम से मिली जानकारियों को अपने परिचितों को भी शेयर करेंगे।
प्रियांशी गुप्ता,छात्रा
नारी सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी प्राप्त हुई। इससे हम लोगों का आत्मबल बढ़ा है। जरूरत पड़ने पर इसका प्रयोग करने में कोई हिचकिचाहट नहीं बरतूंगी।
स्वर्णिमा गुप्ता, छात्रा
नारी सशक्तीकरण की दिशा में अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम बेहद सराहनीय कदम है। यहां पर कानून की जानकारी प्राप्त हुई है। कार्यक्रम से मन के अंदर बैठा डर भी दूर हुआ है।
शिवानी गौतम, छात्रा
छात्राओं व महिलाओं को अपनी किसी भी समस्या को छिपाने के बजाए उस समस्या का डटकर मुकाबला करना चाहिए। छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के मामलों में तत्काल पुलिस की सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
अनुष्का चित्रांशी, छात्रा
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एसडीएम ने कहा कि आज बेटियां बेटों की तरह ही कामयाबी की नई-नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076 एवं 181 और 100 डायल मौजूद है। किसी भी परेशानी के वक्त इन नंबरों को डायल कर किसी भी विपत्ति में सुरक्षा ले सकती हैं। महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में महिला एवं पीड़ित की पहचान गोपनीय रखी जाती है। कहा कि पॉक्सो एक्ट लड़कियों के यौन शोषण से सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इस एक्ट के तहत आने वाले उत्पीड़न संबंधी मामलों की जांच से लेकर पूछताछ तक महिला अधिकारी द्वारा ही की जाती है। उन्होंने लैंगिक शोषण निवारण अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया की यदि कोई महिला किसी संस्थान में नौकरी के दौरान शोषण का शिकार होती है तो वह इस कानून के तहत सहायता ले सकती है।
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थाना प्रभारी जग नारायण पांडे ने बताया कि पुलिस बेटियों की सुरक्षा के प्रति काफी जागरूक रहती हैं। उत्पीड़न एवं किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ आदि की घटनाओं का शिकार होने पर पुलिस की सहायता लेने में झिझकें नहीं। इस मौके पर प्रधानाचार्य मंजू रानी आर्य, शिक्षिका मधु अग्रवाल ने बेटियों की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
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संगोष्ठी में जो जानकारियां मिलीं उससे काफी कुछ सीखने को मिला। इस कार्यक्रम से मिली जानकारियों को अपने परिचितों को भी शेयर करेंगे।
प्रियांशी गुप्ता,छात्रा
नारी सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी प्राप्त हुई। इससे हम लोगों का आत्मबल बढ़ा है। जरूरत पड़ने पर इसका प्रयोग करने में कोई हिचकिचाहट नहीं बरतूंगी।
स्वर्णिमा गुप्ता, छात्रा
नारी सशक्तीकरण की दिशा में अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम बेहद सराहनीय कदम है। यहां पर कानून की जानकारी प्राप्त हुई है। कार्यक्रम से मन के अंदर बैठा डर भी दूर हुआ है।
शिवानी गौतम, छात्रा
छात्राओं व महिलाओं को अपनी किसी भी समस्या को छिपाने के बजाए उस समस्या का डटकर मुकाबला करना चाहिए। छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के मामलों में तत्काल पुलिस की सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
अनुष्का चित्रांशी, छात्रा