{"_id":"6acbe43fcdab9d44450ff43d","slug":"anti-rabies-vaccine-arv-not-being-administered-at-urban-phcs-patients-are-being-sent-five-kilometers-away-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-187182-2026-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: शहरी पीएचसी पर नहीं लग रही एआरवी, पांच किलोमीटर दूर भेजे जा रहे हैं मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: शहरी पीएचसी पर नहीं लग रही एआरवी, पांच किलोमीटर दूर भेजे जा रहे हैं मरीज
विज्ञापन
शाहजहांपुर। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में तीन दिन से एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं लगाई जा रही है। केंद्र पर वैक्सीन नहीं लगने से मरीजों को पांच किलोमीटर दूर भावलखेड़ा या ददरौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है।
शहरी क्षेत्र में कुत्ते या बंदर के काटने पर रेबीज से बचाव के लिए पुराने जिला अस्पताल परिसर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में एआरवी लगाने की व्यवस्था है। शहर की आबादी को देखते हुए यहां प्रतिदिन लगभग सौ लोग वैक्सीन लगवाने आते हैं। बृहस्पतिवार से संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते यहां एआरवी लगाने का काम बंद है। वैक्सीन कक्ष पर ताला लटका होने से केंद्र पहुंचने वाले मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने वाले मरीजों को कर्मचारियों की ओर से भावलखेड़ा और ददरौल सीएचसी जाने की सलाह दी जा रही है। दोनों केंद्र शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में मरीजों को इंजेक्शन लगवाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ.आसिफ ने बताया कि संविदा कर्मियों के कारण एआरवी नहीं लग पा रही है। मरीजों के लिए सीएचसी और पीएचसी पर एआरवी की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
शहरी क्षेत्र में कुत्ते या बंदर के काटने पर रेबीज से बचाव के लिए पुराने जिला अस्पताल परिसर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में एआरवी लगाने की व्यवस्था है। शहर की आबादी को देखते हुए यहां प्रतिदिन लगभग सौ लोग वैक्सीन लगवाने आते हैं। बृहस्पतिवार से संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते यहां एआरवी लगाने का काम बंद है। वैक्सीन कक्ष पर ताला लटका होने से केंद्र पहुंचने वाले मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने वाले मरीजों को कर्मचारियों की ओर से भावलखेड़ा और ददरौल सीएचसी जाने की सलाह दी जा रही है। दोनों केंद्र शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में मरीजों को इंजेक्शन लगवाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ.आसिफ ने बताया कि संविदा कर्मियों के कारण एआरवी नहीं लग पा रही है। मरीजों के लिए सीएचसी और पीएचसी पर एआरवी की व्यवस्था की गई है।