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एएनएम ने किया पर्यवेक्षक का घेराव
जलालाबाद।
Updated Fri, 08 May 2015 11:13 PM IST
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सरकार के विशेष टीकाकरण अभियान इंद्रधनुष का क्षेत्र में बुरा हाल है। पहले के टीकाकरण के दौरान किट धोने वालों का बीते एक साल से भुगतान न किए जाने से नाराज एएनएम ने शुक्रवार को टीकाकरण का बहिष्कार कर इस अभियान की प्रगति जानने सीएचसी आई महिला पर्यवेक्षक का घेराव कर लिया। दोपहर बाद काफी समझाने बुझाने के बाद एएनएम टीकाकरण करने के लिए गांव में निकलीं।
एएनएम ने बताया कि टीकाकरण के दौरान किट ले जाने, लाने आदि के लिए विभाग द्वारा 75 रुपये रोज के हिसाब से एक व्यक्ति को रखने के लिये कहा गया, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उनको भुगतान नहीं दिया गया। इससे उन लोगों को दिक्कतें आने लगी। बीते दिन शिकायत करने पर उन लोगों से कहा गया कि वे लोग गांव जाए। उन लोगों को किटें वहीं भिजवा दी जाएंगी। आरोप है कि पूरे दिन इंतजार करने के बाद जब किटे गांव में नहीं पहुंची तो एएनएम वापस लौट आई।
उधर, शुक्रवार को इसी मामले को लेकर सभी एएनएम सीएचसी पर मौजूद थी। इसी दौरान इंद्रधनुष कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आई डा. डाइस को एएनएम ने घेर लिया और पूरी समस्या बताते हुए टीकाकरण करने से मना कर दिया। काफी समझाने तथा भुगतान दिलाने के आश्वासन पर एएनएम टीकाकरण कार्य के लिए गांवों को रवाना हुई।
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एएनएम ने बताया कि टीकाकरण के दौरान किट ले जाने, लाने आदि के लिए विभाग द्वारा 75 रुपये रोज के हिसाब से एक व्यक्ति को रखने के लिये कहा गया, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उनको भुगतान नहीं दिया गया। इससे उन लोगों को दिक्कतें आने लगी। बीते दिन शिकायत करने पर उन लोगों से कहा गया कि वे लोग गांव जाए। उन लोगों को किटें वहीं भिजवा दी जाएंगी। आरोप है कि पूरे दिन इंतजार करने के बाद जब किटे गांव में नहीं पहुंची तो एएनएम वापस लौट आई।
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उधर, शुक्रवार को इसी मामले को लेकर सभी एएनएम सीएचसी पर मौजूद थी। इसी दौरान इंद्रधनुष कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आई डा. डाइस को एएनएम ने घेर लिया और पूरी समस्या बताते हुए टीकाकरण करने से मना कर दिया। काफी समझाने तथा भुगतान दिलाने के आश्वासन पर एएनएम टीकाकरण कार्य के लिए गांवों को रवाना हुई।
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