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100 कॉलेजों की मान्यता खतरे में
श्ााहजहांपुर
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:18 AM IST
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जिले के वित्तविहीन माध्यमिक कॉलेजों की मनमानी से विभाग आजिज आ चुका है। बड़ी संख्या में ऐसे कॉलेज हैं, जो छात्रों से संबंधित सूचनाएं तक विभाग को उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। अपनी हठधर्मिता से ऐसे स्कूल संचालक हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन कॉलेजों पर नकेल लगाने के लिए डीआईओएस ने चेतावनी दी है कि यदि पांच जनवरी तक संबंधित कॉलेज डेटा कैप्चर फार्म जमा नहीं करते हैं तो इन स्कूलों की मान्यता रद कर दी जाएगी।
डीआईओएस राकेश कुमार ने कहा है कि डेटा कैप्चर फार्म जमा करने के लिए बार-बार कहने के बावजूद अभी वित्तविहीन मान्यता प्राप्त कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसी कड़ी में शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई गई थी। कड़ी चेतावनी के बाद भी बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य बैठक में नहीं आए और न ही उन्होंने डेटा कैप्चर फार्म जमा कराने को भेजे, जिससे वार्षिक प्लान जमा नहीं हो रहा है।
डीआईओएस ने बताया कि ऐसे विद्यालयाें की संख्या करीब सौ है, जो विभागीय दिशा-निर्देशोें का पालन नहीं कर रहे हैं। इन कॉलेजों के संचालक और प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन प्रधानाचार्यों को डेटा कैप्चर फार्म जमा करने के लिए पांच जनवरी तक का समय दिया गया है, यदि निर्धारित समय तक फार्म जमा नहीं हुए तो संबंधित कॉलेजों को ब्लैक लिस्टेड कर भविष्य में बोर्ड परीक्षा केंद्र नहीं बनाने और मान्यता प्रत्याहरण तक की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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बताया: इन कॉलेजों के प्रधानाचार्य आवश्यक बैठकों में भी नहीं आते और वह बच्चों के भविष्य के प्रति घोर लापरवाही बरत रहे हैं। बैठक में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के सहायक लेखाधिकारी केके मिश्रा, प्रधानाचार्य केएस शुक्ला, मेजबान कालेज के प्रधानाचार्य रणवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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डीआईओएस राकेश कुमार ने कहा है कि डेटा कैप्चर फार्म जमा करने के लिए बार-बार कहने के बावजूद अभी वित्तविहीन मान्यता प्राप्त कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसी कड़ी में शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई गई थी। कड़ी चेतावनी के बाद भी बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य बैठक में नहीं आए और न ही उन्होंने डेटा कैप्चर फार्म जमा कराने को भेजे, जिससे वार्षिक प्लान जमा नहीं हो रहा है।
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डीआईओएस ने बताया कि ऐसे विद्यालयाें की संख्या करीब सौ है, जो विभागीय दिशा-निर्देशोें का पालन नहीं कर रहे हैं। इन कॉलेजों के संचालक और प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन प्रधानाचार्यों को डेटा कैप्चर फार्म जमा करने के लिए पांच जनवरी तक का समय दिया गया है, यदि निर्धारित समय तक फार्म जमा नहीं हुए तो संबंधित कॉलेजों को ब्लैक लिस्टेड कर भविष्य में बोर्ड परीक्षा केंद्र नहीं बनाने और मान्यता प्रत्याहरण तक की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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बताया: इन कॉलेजों के प्रधानाचार्य आवश्यक बैठकों में भी नहीं आते और वह बच्चों के भविष्य के प्रति घोर लापरवाही बरत रहे हैं। बैठक में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के सहायक लेखाधिकारी केके मिश्रा, प्रधानाचार्य केएस शुक्ला, मेजबान कालेज के प्रधानाचार्य रणवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य मौजूद रहे।