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...और लक्ष्मण ने काट दी सूपर्णखा की नाक
सिंधौली।
Updated Wed, 25 Nov 2015 11:11 PM IST
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कस्बे में चल रही रामलीला में राम-भरत मित्रता, सूपर्णखा नासिका भंग और खरदूषण वध की लीलाओं का मंचन देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
वृंदावन से आए कलाकारों ने रामलीला में भरत जब अयोध्या आते हैं तो उन्हें पता चलता है कि भइया राम 14 वर्ष के लिए वनवास को गए हैं। भरत वन को प्रस्थान कर जाते हैं, लेकिन राम को अयोध्या वापस नहीं ला पाते हैं। इस पर वह उनकी चरण पादुका ले आते हैं। एक बार राम सीता के साथ वन में विचरण कर रहे थे, तभी वहां सूपर्णखा आ जाती है। वह राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है। राम सूपर्णखा को लक्ष्मण के पास भेज देते है। लक्ष्मण भी उसे राम के पास लौटा देते हैं। इससे क्षुब्ध होकर सूपर्णखा सीता पर हमला कर देती है। राम लक्ष्मण को सूपर्णखा को सबक सिखाने को कहते हैं। इस पर लक्ष्मण सूपर्णखा के नाक-कान काट देते हैं। सूपर्णखा खरदूषण के पास जाकर सारी कहानी बताती है। खरदूषण सेना के साथ भगवान राम के पास पहुंचते हैं। खरदूषण और राम के साथ भयंकर युद्ध होता है। राम खरदूषण का वध कर देते हैं। ये लीलाएं देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। रामलीला आयोजन में वासुदेव मिश्रा, सुरेंद्र पाल, फिरोज यादव, दिनेश गुप्ता, पिंटू वर्मा, रमेश दीक्षित, रामाधार यादव, वीपी वर्मा आदि मौजूद रहे।
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वृंदावन से आए कलाकारों ने रामलीला में भरत जब अयोध्या आते हैं तो उन्हें पता चलता है कि भइया राम 14 वर्ष के लिए वनवास को गए हैं। भरत वन को प्रस्थान कर जाते हैं, लेकिन राम को अयोध्या वापस नहीं ला पाते हैं। इस पर वह उनकी चरण पादुका ले आते हैं। एक बार राम सीता के साथ वन में विचरण कर रहे थे, तभी वहां सूपर्णखा आ जाती है। वह राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है। राम सूपर्णखा को लक्ष्मण के पास भेज देते है। लक्ष्मण भी उसे राम के पास लौटा देते हैं। इससे क्षुब्ध होकर सूपर्णखा सीता पर हमला कर देती है। राम लक्ष्मण को सूपर्णखा को सबक सिखाने को कहते हैं। इस पर लक्ष्मण सूपर्णखा के नाक-कान काट देते हैं। सूपर्णखा खरदूषण के पास जाकर सारी कहानी बताती है। खरदूषण सेना के साथ भगवान राम के पास पहुंचते हैं। खरदूषण और राम के साथ भयंकर युद्ध होता है। राम खरदूषण का वध कर देते हैं। ये लीलाएं देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। रामलीला आयोजन में वासुदेव मिश्रा, सुरेंद्र पाल, फिरोज यादव, दिनेश गुप्ता, पिंटू वर्मा, रमेश दीक्षित, रामाधार यादव, वीपी वर्मा आदि मौजूद रहे।