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Shahjahanpur News: काम का नहीं सिर्फ नाम का आरोग्य मेला
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नाहिल पीएचसी पर मेज पर पैर रखकर बैठा किशोर और रोगी देखते फार्मासिस्ट। संवाद
पुवायां/खुटार। पुवायां और खुटार में आरोग्य मेला काम का नहीं सिर्फ नाम का बनकर रह गया है। रविवार को खुटार की गांव कैमहरिया, पुवायां की गंगसरा, मुड़िया कुर्मियात और नाहिल पीएचसी पर लगे आरोग्य मेलाें की मौके पर जाकर स्थिति देखी गई तो लगा कि सरकार के आदेश का पालन करने के लिए मेला सिर्फ नाम के लिए लग रहा है। कहीं स्टाफ कम मिला तो कहीं जानकारी के अभाव में मरीज ही दवा लेने नहीं पहुंचे। कैमहरिया और मुड़िया कुर्मियात पीएचसी पर प्रसव की सुविधा ही नहीं है।
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नाहिल : दिन में 11:15 पर डॉक्टर नदारद, फार्मासिस्ट देख रहे थे रोगी
पुवायां के गांव नाहिल स्थित पीएचसी पर डॉ. गोपालदास की तैनाती है। आरोग्य मेले में वह मौजूद नहीं थे। फार्मासिस्ट दक्ष मिश्रा पर्चा बनाकर खुद ही रोगी देख रहे थे और दवा वितरण कर रहे थे। एक किशोर डॉक्टर की मेज पर पैर रखे बैठा मिला। तीन रोगी मौजूद थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि आज डॉक्टर नहीं आए हैं।
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कैमहरिया : दिन में 11.40 तक नहीं पहुंचा एक भी रोगी
खुटार के गांव कैमहरिया पीएचसी पर डॉ. अंकित वर्मा ओपीडी कक्ष में और स्टाफ नर्स सरिता मिश्रा काउंटर पर मौजूद थीं। आरोग्य मेले का कोई बैनर नहीं लगा था। यहां एक भी रोगी मौजूद नहीं था। सुबह आठ बजे से 11:40 तक यहां एक भी रोगी नहीं आया। डॉक्टर ने बताया कि पीएचसी पर रोजाना आठ से 10 रोगियों की ओपीडी होती है।
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गंगसरा : दिन में 12 :10 पर भी नहीं थे रोगी
पुवायां के गांव गंगसरा स्थित पीएचसी पर रोगी नहीं मिले। कुछ देर बाद यहां एक रोगी पहुंचा। पीएचसी पर डाॅ. प्रदीप कटियार सहित स्टाफ मौजूद मिला। डॉक्टर ने बताया कि 12 रोगियों का परीक्षण कर दवाएं दी जा चुकी हैं। सामान्य दिनों में 20 से 25 रोगियों की ओपीडी होती है। प्रसव कराने और खून की जांच सुविधा भी उपलब्ध है।
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मुड़िया कुर्मियात : डाॅक्टर कर रहे थे आराम
गांव मुड़िया कुर्मियात पीएचसी पर डॉ. अजयप्रकाश ओपीडी कक्ष में पड़ी बेंच पर आराम कर रहे थे। यहां भी एक भी रोगी नहीं था। डॉक्टर ने बताया कि 13 रोगियों को दवा दी गई है। डॉक्टर ने बताया कि सात-आठ माह से पीएचसी पर फार्मासिस्ट नहीं है। डॉक्टर के अलावा यहां केवल वार्ड बॉय सुमित की तैनात हैं। स्टाफ के अभाव में इलाज में दिक्कत आती है।
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लोगों का दर्द
नाहिल पीएचसी पर डॉक्टर बेहद कम आते हैं। आरोग्य मेले के बारे में जानकारी नहीं है। दवा लेने आठ किमी दूर पुवायां सीएचसी पर जाना पड़ता है।
- अंकित कुमार, गांव नाहिल
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गांव की पीएचसी पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई बार शिकायत करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है।
-इसराज खां, प्रधान गांव कैमहरिया खुटार
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मुख्यमंत्री आरोग्य मेला काफी समय से प्रत्येक रविवार को पीएचसी पर होता है। व्यापक प्रचार किया जाता है कि लोग मेले में आकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें। अगर मेलों में रोगियों की संख्या कम हो रही है तो आशा वर्करों के माध्यम से गांवों में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जाएगा। स्टाफ की कमी को लेकर शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है।
-डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ, शाहजहांपुर
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नाहिल : दिन में 11:15 पर डॉक्टर नदारद, फार्मासिस्ट देख रहे थे रोगी
पुवायां के गांव नाहिल स्थित पीएचसी पर डॉ. गोपालदास की तैनाती है। आरोग्य मेले में वह मौजूद नहीं थे। फार्मासिस्ट दक्ष मिश्रा पर्चा बनाकर खुद ही रोगी देख रहे थे और दवा वितरण कर रहे थे। एक किशोर डॉक्टर की मेज पर पैर रखे बैठा मिला। तीन रोगी मौजूद थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि आज डॉक्टर नहीं आए हैं।
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कैमहरिया : दिन में 11.40 तक नहीं पहुंचा एक भी रोगी
खुटार के गांव कैमहरिया पीएचसी पर डॉ. अंकित वर्मा ओपीडी कक्ष में और स्टाफ नर्स सरिता मिश्रा काउंटर पर मौजूद थीं। आरोग्य मेले का कोई बैनर नहीं लगा था। यहां एक भी रोगी मौजूद नहीं था। सुबह आठ बजे से 11:40 तक यहां एक भी रोगी नहीं आया। डॉक्टर ने बताया कि पीएचसी पर रोजाना आठ से 10 रोगियों की ओपीडी होती है।
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गंगसरा : दिन में 12 :10 पर भी नहीं थे रोगी
पुवायां के गांव गंगसरा स्थित पीएचसी पर रोगी नहीं मिले। कुछ देर बाद यहां एक रोगी पहुंचा। पीएचसी पर डाॅ. प्रदीप कटियार सहित स्टाफ मौजूद मिला। डॉक्टर ने बताया कि 12 रोगियों का परीक्षण कर दवाएं दी जा चुकी हैं। सामान्य दिनों में 20 से 25 रोगियों की ओपीडी होती है। प्रसव कराने और खून की जांच सुविधा भी उपलब्ध है।
मुड़िया कुर्मियात : डाॅक्टर कर रहे थे आराम
गांव मुड़िया कुर्मियात पीएचसी पर डॉ. अजयप्रकाश ओपीडी कक्ष में पड़ी बेंच पर आराम कर रहे थे। यहां भी एक भी रोगी नहीं था। डॉक्टर ने बताया कि 13 रोगियों को दवा दी गई है। डॉक्टर ने बताया कि सात-आठ माह से पीएचसी पर फार्मासिस्ट नहीं है। डॉक्टर के अलावा यहां केवल वार्ड बॉय सुमित की तैनात हैं। स्टाफ के अभाव में इलाज में दिक्कत आती है।
लोगों का दर्द
नाहिल पीएचसी पर डॉक्टर बेहद कम आते हैं। आरोग्य मेले के बारे में जानकारी नहीं है। दवा लेने आठ किमी दूर पुवायां सीएचसी पर जाना पड़ता है।
- अंकित कुमार, गांव नाहिल
गांव की पीएचसी पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई बार शिकायत करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है।
-इसराज खां, प्रधान गांव कैमहरिया खुटार
मुख्यमंत्री आरोग्य मेला काफी समय से प्रत्येक रविवार को पीएचसी पर होता है। व्यापक प्रचार किया जाता है कि लोग मेले में आकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें। अगर मेलों में रोगियों की संख्या कम हो रही है तो आशा वर्करों के माध्यम से गांवों में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जाएगा। स्टाफ की कमी को लेकर शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है।
-डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ, शाहजहांपुर

नाहिल पीएचसी पर मेज पर पैर रखकर बैठा किशोर और रोगी देखते फार्मासिस्ट। संवाद

नाहिल पीएचसी पर मेज पर पैर रखकर बैठा किशोर और रोगी देखते फार्मासिस्ट। संवाद

नाहिल पीएचसी पर मेज पर पैर रखकर बैठा किशोर और रोगी देखते फार्मासिस्ट। संवाद

नाहिल पीएचसी पर मेज पर पैर रखकर बैठा किशोर और रोगी देखते फार्मासिस्ट। संवाद

नाहिल पीएचसी पर मेज पर पैर रखकर बैठा किशोर और रोगी देखते फार्मासिस्ट। संवाद