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खाद कारखाने में अमोेनिया का रिसाव, हड़कंप मचा

Tue, 21 Mar 2017 11:37 PM IST
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 21 Mar 2017 11:37 PM IST
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Ammonia leakage in the compost factory, stirred
अमो‌निया र‌िसाव - फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
 पिपरौला स्थित कृभको श्याम फर्टिलाइजर्स लिमिटेड में मंगलवार सुबह पाइप में लीकेज से अमोेनिया गैस का रिसाव होने लगा। गैस रिसाव की सूचना पर खतरे का सायरन बजते ही कारखाना परिसर में अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों की जान को खतरा देख कारखाने के दोनों गेट खोल दिए गए। प्लांट परिसर में जिसे जहां सुरक्षित स्थान मिला, वह वहीं दुबक गया। फैक्ट्री की आवासीय कॉलोनी कृभको श्यामनगर में रहने वाले कर्मचारी परिवारों को आनन-फानन में आपात स्थिति के लिए बनाए गए इमर्जेंसी हाल में पहुंचा दिया गया। इस बीच फैक्ट्री की दमकल यूनिट ने अमोनिया प्लांट में रिसाव वाले स्थान पर पानी की बौछारें छोड़ीं, इससे गैस का प्रभाव कम हो गया। ऑपरेटर्स की टीम ने लीक पाइप को बदलकर गैस का रिसाव बंद कर दिया। 
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केएसएफएल में मंगलवार को दिन में 11 बजे तक अमोनिया प्लांट में यूरिया का उत्पादन सामान्य तरीके से होता रहा। कुछ देर बाद ही वहां काम कर रहे शिफ्ट इंजीनियर और ऑपरेटर्स को अमोनिया की तीखी गंध महसूस हुई तो वे शोर मचाकर वहां से भागने लगे। तमाम कर्मचारी स्टोर समेत वहां के गेस्ट हाउस में बने कमरों में जा छिपे। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में मौजूद यूनिट हेड आरके चोपड़ा, अतिरिक्त महाप्रबंधक एमके अग्रवाल, मेकेनिकल हेड पीके कोले आदि अफसर भी खबर मिलने पर अमोनिया प्लांट की ओर दौड़ पड़े।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के लिए अफसरों के निर्देश पर कारखाने के दोनों गेट खोल दिए गए और खतरे का सायरन बजा दिया गया। सायरन बजते ही कारखाना परिसर में भगदड़ मच गई। फैक्ट्री प्रबंधन की सूचना पर एसडीएम (सदर) रामजी मिश्र और कांट के प्रभारी निरीक्षक अजीत रोरिया भी पहुंच गए। फैक्ट्री के अधिकारियों ने कारखाने के ठीक सामने सड़क के दूसरी ओर बनी आवासीय कॉलोनी के परिवारों को घरों से निकालकर इमर्जेंसी हाल में पहुंचा दिया। इस बीच, अफसरों ने अमोनिया प्लांट के स्टाफ के साथ मास्क पहनकर रिसाव स्थल का जायजा लिया तो पता चला कि एक जगह पाइप चटका होने से गैस रिस रही है।  
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प्रबंधन के निर्देश पर ऑपरेटर्स की टीम क्षतिग्रस्त पाइप को सुधारने में जुट गई। इस दौरान अमोनिया का असर कम करने के लिए रिसाव वाले हिस्से पर फैक्ट्री की फायर यूनिट ने पानी की तेज बौछारें छोड़नी जारी रखीं। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद पाइप के क्षतिग्रस्त हिस्से को बदलकर रिसाव रोक दिया गया। 

पहले भी हो चुके हैं कई जानलेवा हादसे 
पिपरौला खाद फैक्ट्री में इससे पहले भी दो बार जानलेवा हादसे हो चुके हैं, हालांकि अमोनिया के रिसाव का यह पहला मौका है। करीब दस साल पहले अमोनिया प्लांट के पास खड़े अति ज्वलनशील नेफ्था टैंकर में आग लग जाने से उस पर काबू पाने में कई घंटे लग गए थे। बता दें कि उन दिनोें फैक्ट्री में यूरिया निर्माण के लिए कच्चे माल के तौर पर नेफ्था इस्तेमाल होता था, लेकिन वर्ष 2009 से फैक्ट्री को गेल की पाइप लाइन से आपूर्ति होने वाली प्राकृतिक गैस से यूरिया बनाई जाने लगी। पांच साल पहले यूरिया प्लांट के पाइप की मरम्मत के दौरान टर्बाइन से जुड़ा पाइप स्टीम प्रेशर से फट जाने से इंजीनियर एके सिंह की मौत हो गई थी। 



फैक्ट्री में अमोनिया के रिसाव का समय रहते पता चल जाने से उस पर आसानी से नियंत्रण पा लिया गया। कारखाने के सभी अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षित हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा संसाधनों का प्रयोग करते हुए प्लांट में जाने के निर्देश दिए गए हैं। 
- रामजी मिश्र, एसडीएम सदर, शाहजहांपुर
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