फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   ambulance not reached,women died

नहीं पहुंची एंबुलेंस, प्रसव के बाद मर गई प्रसूता

Sun, 18 Sep 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
ब्यूरो/शाहजहांपुर Updated Sun, 18 Sep 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
ambulance not reached,women died
एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला, अागरा
प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती को सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए परिवार वाले प्रदेश सरकार की एंबुलेंस सेवा 102 और 108 पर लगातार डायल करते रहे, लेकिन कॉल कभी होल्ड पर तो भी आउट ऑफ रिच मोड में ही रहा। कॉल रिसीव न होने एवं गांव में गरीब परिवार वालों के पास महिला को अस्पताल तक ले जाने का कोई साधन न होने की दशा में घर पर ही प्रसूता ने बच्ची को जन्म दिया और उसके बाद उसकी एकदम हालत बिगड़ गई। थोड़ी ही देर में उसने दम तोड़ दिया। पूरे वाकये को लेकर गांव वालों में रोष व्याप्त हो गया। घटनाक्रम की जानकारी रात तक स्वास्थ्य विभाग को नहीं हो पाई थी। 
विज्ञापन

घटना जलालाबाद क्षेत्र के उस कटरी इलाके के गांव चचुआपुर की है जो कभी कुख्यात बदमाश नरेशा के लिए चर्चा में रहा करता था। जलालाबाद कस्बे से करीब 15 किमी दूर यह गांव बहगुल नदी किनारे है। रविवार सुबह गांव में रामचंद्र की गर्भवती पत्नी सखी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। तुरंत ही परिवारवालों ने 108 नंबर पर डायल किया, लेकिन कॉल होल्ड बताया गया। फिर 102 नंबर पर डायल किया, लेकिन वह आउट ऑफ रिच मोड में रिसपांस करता मिला। इस बीच क्षेत्र की आशा वर्कर गर्भवती के प्रसव पीड़ा की सूचना पाकर रामचंद्र के घर पहुंची और उसने तुरंत सखी को सरकारी अस्पताल ले चलने को कहा, लेकिन कोई साधन न होने के चलते सभी 102 या 108 एंबुलेंस का नंबर मिलने के इंतजार में रहे। इतने में सखी का घर पर ही प्रसव हो गया और बच्ची जन्मी। थोड़ी ही देर में सखी की हालत बिगड़ गई और उसका सांस उखड़ने लगा। जब तक परिवारीजन और आशा वर्कर कुछ समझ पाती कि उसने दम तोड़ दिया। घर में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान सत्यदेव समेत अन्य ग्रामीणों ने इस घटना पर गंभीर रोष जाहिर किया है। रामचंद्र के पहले से पांच संतानें हैं और नई जन्मी बच्ची की हालत सही बताई जा रही है। 
विज्ञापन

सीएमओ मामले की जांच में जुटे
शाहजहांपुर। जलालाबाद के गांव चचुआपुर में रविवार सुबह सरकारी एंबुलेंस वाले नंबर के रिसीव न होने या न मिलने एवं प्रसूता की मौत की घटना पर सीएमओ डॉ. कमल कुमार ने गंभीर संज्ञान लिया है। प्रकरण की अपने स्तर पर जांच शुरू करवाई जा रही है। प्रकरण को गंभीर मानते हुए उन्होंने कहा कि दोनों सरकारी एंबुलेंस वाले नंबरों पर कॉल इतनी देर तक होल्ड होने की बात समझ से परे है। पूरे प्रदेश का नेटवर्क लखनऊ कंट्रोल रूम जुड़ा हुआ है। कॉल वेटिंग पर होने के बाद भी रिसीव हो जाती है और वहां से कॉल करने वाले निकटवर्ती एंबुलेंस चालक को कंट्रोल से सूचना पहुंच जाती है, जिसके आधार पर वह आधे घंटे के भीतर मौके पर एंबुलेंस लेकर पहुंचता है। जलालाबाद वाले मामले में हकीकत क्या रही, यह जांच में सामने आने पर ही कुछ कहा जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed