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Shahjahanpur News: आरोप ः पुलिसकर्मी के धक्के से गर्भस्थ शिशु की मौत, शव लेकर कलक्ट्रेट पहुंची मां
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शाहजहांपुर में कलक्ट्रेट में डीएम के दफ्तार की ओर बच्चे के शव को लेकर जाती रवीना व अन्य महिलाएं
शाहजहांपुर। बरेली मोड़-जलालाबाद हाईवे किनारे अकर्रापुर रसूलपुर गांव के बाहर सोमवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान एक महिला सिपाही के धक्का देने से रवीना के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। रात में प्रसव के बाद मंगलवार को शिशु का शव लेकर रवीना कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह से मिली। जांच के निर्देश देने के साथ ही डीएम ने महिला को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया।
सफाई कार्य करने वाले आठ लोग काफी समय से अकर्रापुर रसूलपुर में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर झोंपड़ी डालकर परिवार सहित रहते आ रहे थे। जमीन खाली कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी और तहसीलदार पुलिस बल लेकर सोमवार दोपहर तीन बजे वहां पहुंचे। रवीना के पति ने बताया कि उस समय वह घर पर नहीं था। टीम ने झोंपड़ी तोड़ना शुरू की तो रवीना ने खुद के साढ़े सात माह की गर्भवती होने का वास्ता देते हुए पति के आने पर स्वयं ही सामान हटाने देने को कहा। आरोप है कि उसके अनुरोध को अनसुना कर महिला सिपाही ने जोर से धक्का दे दिया। इससे वह पेट के बल जमीन पर गिर गई। इससे शिशु की मौत हो गई। रात में प्रसव हुआ तो शिशु मृत था।
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जमीन खाली कराने के लिए पुलिस सिर्फ सुरक्षा के लिए गई थी। पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। महिला के आरोपों की जांच कराई जाएगी। बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। - प्रयांक जैन, सीओ सदर
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पुलिस ने दुत्कारा...परिवार के डीएम से मिलने के बाद दौड़े अफसर
शाहजहांपुर। महिला सिपाही के धक्के से गर्भस्थ शिशु की मौत की शिकायत लेकर कांट थाने पहुंची रवीना और उसके पति गुड्डू को पुलिस ने दुत्कार दिया। इसके बाद मृत शिशु को गोद में लेकर दंपती कलक्ट्रेट पहुंचा। डीएम तक मामला पहुंचा तो अफसर दौड़भाग में लग गए। महिला को अस्पताल में भर्ती कराकर बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
निजी तौर पर सफाई का कार्य करने वाले गुड्डू के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। उसके परिवार में दस साल की मोहिनी व पांच साल का शिवम है। दो बच्चों की पूर्व में मौत हो गई थी। अब तीसरे बच्चे के रूप में शिशु का जन्म होना था। गुड्डू भी यह मान रहा है कि उसकी झोंपड़ी पीडब्ल्यूडी की जमीन पर थी। सोमवार को पुलिस बल झोंपड़ी गिराने पहुंच गया। पत्नी रवीना ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी और झोंपड़ी तोड़ दी।
रोकने पर महिला सिपाही ने पत्नी रवीना को धक्का दे दिया। पेट के बल गिरने से दर्द से वह कराह उठी, लेकिन पुलिस कर्मियों और अफसरों को दया नहीं आई। वह अपना काम कर चले गए। शाम को गुड्डू लौटा तो पूरा घर अस्त-व्यस्त मिला। पत्नी व बच्चों के लिए तिरपाल तानकर सिर छिपाने की व्यवस्था की। रात में रवीना को प्रसव पीड़ा हुई। महिला का प्रसव कराया गया तो शिशु मृत था। इससे परिवार में मातम छा गया। मंगलवार को परिजन पहले शिकायत लेकर थाने पहुंचे। वहां किसी ने एक नहीं सुनी और गाली-गलौज कर भगा दिया। तब परिवार सीधे कलक्ट्रेट पहुंचा।
अफसरों ने उनके दर्द को समझा और कुछ इंतजार के बाद पीड़ित परिवार की मुलाकात डीएम से कराई। डीएम ने संज्ञान लिया, तब अफसर दौड़े। तुरंत ही महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस भी सक्रिय हुई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया।
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सीओ का दावा- गुड्डू ने बहकावे में की शिकायत
जिला स्तरीय अधिकारियों तक बात पहुंचने के बाद पुलिस मामले को साधने जुट गई। सीओ सदर प्रयांक जैन का कहना है कि गुड्डू ने लिखकर दे दिया है कि बहकावे में आकर शव को लेकर कलक्ट्रेट तक पहुंच गया था। किसी ने उसे बताया था कि डीएम के पास जाओगे तो पांच लाख का मुआवजा मिल जाएगा।
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एक महिला बच्चे का शव लेकर डीएम से मिली थी। इसके बाद महिला और उसका परिवार मुझसे मिला था। महिला को राजकीय मेडिकल में भर्ती कराया गया है। शिशु के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। -प्रवेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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सफाई कार्य करने वाले आठ लोग काफी समय से अकर्रापुर रसूलपुर में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर झोंपड़ी डालकर परिवार सहित रहते आ रहे थे। जमीन खाली कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी और तहसीलदार पुलिस बल लेकर सोमवार दोपहर तीन बजे वहां पहुंचे। रवीना के पति ने बताया कि उस समय वह घर पर नहीं था। टीम ने झोंपड़ी तोड़ना शुरू की तो रवीना ने खुद के साढ़े सात माह की गर्भवती होने का वास्ता देते हुए पति के आने पर स्वयं ही सामान हटाने देने को कहा। आरोप है कि उसके अनुरोध को अनसुना कर महिला सिपाही ने जोर से धक्का दे दिया। इससे वह पेट के बल जमीन पर गिर गई। इससे शिशु की मौत हो गई। रात में प्रसव हुआ तो शिशु मृत था।
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जमीन खाली कराने के लिए पुलिस सिर्फ सुरक्षा के लिए गई थी। पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। महिला के आरोपों की जांच कराई जाएगी। बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। - प्रयांक जैन, सीओ सदर
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पुलिस ने दुत्कारा...परिवार के डीएम से मिलने के बाद दौड़े अफसर
शाहजहांपुर। महिला सिपाही के धक्के से गर्भस्थ शिशु की मौत की शिकायत लेकर कांट थाने पहुंची रवीना और उसके पति गुड्डू को पुलिस ने दुत्कार दिया। इसके बाद मृत शिशु को गोद में लेकर दंपती कलक्ट्रेट पहुंचा। डीएम तक मामला पहुंचा तो अफसर दौड़भाग में लग गए। महिला को अस्पताल में भर्ती कराकर बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
निजी तौर पर सफाई का कार्य करने वाले गुड्डू के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। उसके परिवार में दस साल की मोहिनी व पांच साल का शिवम है। दो बच्चों की पूर्व में मौत हो गई थी। अब तीसरे बच्चे के रूप में शिशु का जन्म होना था। गुड्डू भी यह मान रहा है कि उसकी झोंपड़ी पीडब्ल्यूडी की जमीन पर थी। सोमवार को पुलिस बल झोंपड़ी गिराने पहुंच गया। पत्नी रवीना ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी और झोंपड़ी तोड़ दी।
रोकने पर महिला सिपाही ने पत्नी रवीना को धक्का दे दिया। पेट के बल गिरने से दर्द से वह कराह उठी, लेकिन पुलिस कर्मियों और अफसरों को दया नहीं आई। वह अपना काम कर चले गए। शाम को गुड्डू लौटा तो पूरा घर अस्त-व्यस्त मिला। पत्नी व बच्चों के लिए तिरपाल तानकर सिर छिपाने की व्यवस्था की। रात में रवीना को प्रसव पीड़ा हुई। महिला का प्रसव कराया गया तो शिशु मृत था। इससे परिवार में मातम छा गया। मंगलवार को परिजन पहले शिकायत लेकर थाने पहुंचे। वहां किसी ने एक नहीं सुनी और गाली-गलौज कर भगा दिया। तब परिवार सीधे कलक्ट्रेट पहुंचा।
अफसरों ने उनके दर्द को समझा और कुछ इंतजार के बाद पीड़ित परिवार की मुलाकात डीएम से कराई। डीएम ने संज्ञान लिया, तब अफसर दौड़े। तुरंत ही महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस भी सक्रिय हुई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया।
सीओ का दावा- गुड्डू ने बहकावे में की शिकायत
जिला स्तरीय अधिकारियों तक बात पहुंचने के बाद पुलिस मामले को साधने जुट गई। सीओ सदर प्रयांक जैन का कहना है कि गुड्डू ने लिखकर दे दिया है कि बहकावे में आकर शव को लेकर कलक्ट्रेट तक पहुंच गया था। किसी ने उसे बताया था कि डीएम के पास जाओगे तो पांच लाख का मुआवजा मिल जाएगा।
एक महिला बच्चे का शव लेकर डीएम से मिली थी। इसके बाद महिला और उसका परिवार मुझसे मिला था। महिला को राजकीय मेडिकल में भर्ती कराया गया है। शिशु के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। -प्रवेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट