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पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक विधि अपनाएं किसान
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शाहजहांपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के 93वें स्थापना दिवस पर नियामतपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पर शुक्रवार को कृषक प्रशिक्षण और किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव ने किसानों को कृषि से आय बढ़ाने के लिए आधुनिक विधि से खेती करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती की तुलना में वैज्ञानिक विधि से फसलें उगाने पर उत्पादन बढ़ता है और फसलों में कीट रोग भी कम लगते हैं।
कृषि के साथ मछली पालन, पशुपालन, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन आदि गतिविधियां अपनाने से ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं।
केंद्र के प्रभारी अधिकारी व वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने कहा कि किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को देश की कृषि की वर्तमान आवश्यकताओं जैसे जैविक खेती, शहद उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन आदि को बढ़ावा देना है और कृषि विज्ञान केंद्र किसान जागरूकता के विविध कार्यक्रम आयोजित कर इसी प्रयास में जुटा है।
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उद्यान वैज्ञानिक एसके वर्मा ने सब्जी उत्पादन और डॉ. नूतन वर्मा ने जैविक कीट प्रबंधन विधियां व मशरूम उत्पादन पर चर्चा की। गृह वैज्ञानिक कुमारी विद्या गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण व महिला अध्ययन केंद्र के बारे में बताया। मौसम वैज्ञानिक रोहित कुमार ने वर्तमान मौसम की संभावनाओं के अनुसार कृषि कार्यों को करने का सुझाव दिया। पुष्पराज ने मृदा स्वास्थ्य व मृदा परीक्षण पर चर्चा की और चंद्रपाल ने जैविक खेती के बारे में जागरूक किया।
इससे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव ने केंद्र परिसर में पौधरोपण किया। इस मौके पर बेनीपुर के पूर्व प्रधान द्रगपाल, गांव सैजना के प्रगतिशील किसान कैलाश यादव, डॉ. चंद्रपाल गुप्ता, डॉ. मनोज मिश्रा, आशीर्वाद गौतम, सोनू गुप्ता, शुभम आदि रहे। संवाद
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जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव ने किसानों को कृषि से आय बढ़ाने के लिए आधुनिक विधि से खेती करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती की तुलना में वैज्ञानिक विधि से फसलें उगाने पर उत्पादन बढ़ता है और फसलों में कीट रोग भी कम लगते हैं।
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कृषि के साथ मछली पालन, पशुपालन, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन आदि गतिविधियां अपनाने से ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं।
केंद्र के प्रभारी अधिकारी व वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने कहा कि किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को देश की कृषि की वर्तमान आवश्यकताओं जैसे जैविक खेती, शहद उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन आदि को बढ़ावा देना है और कृषि विज्ञान केंद्र किसान जागरूकता के विविध कार्यक्रम आयोजित कर इसी प्रयास में जुटा है।
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उद्यान वैज्ञानिक एसके वर्मा ने सब्जी उत्पादन और डॉ. नूतन वर्मा ने जैविक कीट प्रबंधन विधियां व मशरूम उत्पादन पर चर्चा की। गृह वैज्ञानिक कुमारी विद्या गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण व महिला अध्ययन केंद्र के बारे में बताया। मौसम वैज्ञानिक रोहित कुमार ने वर्तमान मौसम की संभावनाओं के अनुसार कृषि कार्यों को करने का सुझाव दिया। पुष्पराज ने मृदा स्वास्थ्य व मृदा परीक्षण पर चर्चा की और चंद्रपाल ने जैविक खेती के बारे में जागरूक किया।
इससे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव ने केंद्र परिसर में पौधरोपण किया। इस मौके पर बेनीपुर के पूर्व प्रधान द्रगपाल, गांव सैजना के प्रगतिशील किसान कैलाश यादव, डॉ. चंद्रपाल गुप्ता, डॉ. मनोज मिश्रा, आशीर्वाद गौतम, सोनू गुप्ता, शुभम आदि रहे। संवाद