Shahjahanpur News: पुलिस ने कार्रवाई की बजाय टरकाया... ऑनलाइन ठगी के शिकार युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
शाहजहांपुर जिले में मेहनत मजदूरी करने वाले युवक को साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया। उससे ऑनलाइन एक लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय उसे ही टरका दिया। इसके बाद युवक ने आत्महत्या कर ली।
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शाहजहांपुर जिले में करीब एक लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी होने पर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय जलालाबाद के मोहल्ला रामलीला मैदान निवासी 45 वर्षीय महेश पाल कश्यप को टरका दिया। परेशान होकर उसने सारी बातें डायरी में लिखने के बाद ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
ट्रकों से आने वाली मौरंग-बजरी उतारने वाले महेश पाल कश्यप के पास कुछ दिन पहले कॉल आई थी। परिजन के अनुसार, कई वर्ष पहले चलने वाले पांच के नोट को कई गुना अधिक धनराशि में खरीदने का झांसा देकर साइबर ठगों ने उसे फंसा लिया। पंजीकरण के नाम पर पहले करीब 80 हजार रुपये ठगे। इसके बाद 21 हजार रुपये रविवार को वसूल किए थे।
पिछले कई दिनों से साइबर ठगों के चंगुल में फंसे महेश पाल काफी तनाव में थे। बताते हैं कि ठगी का शिकार होने के बाद वह जलालाबाद थाने में शिकायत करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन देकर टरका दिया था। परिजन के अनुसार, आहत होकर महेश पाल ने सारी बातें निजी डायरी में लिख ली थीं।
ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
सोमवार तड़के करीब चार बजे वह परिजन को बिना बताए घर से निकल गए। सुबह 10:44 बजे मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के गांव मरेना के सामने अप लाइन पर आई ईसीआई जम्मूतवी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसे के बाद गुजरी वंदे भारत एक्सप्रेस के लोको पायलट ने कटरा रेलवे स्टेशन अधीक्षक मोहम्मद हनीफ को ट्रैक पर शव पड़ा होने की सूचना दी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। उसके पास से मिली डायरी के जरिये परिजनों को बुलाकर उसकी पहचान कराई गई। हादसे के चलते बबराला जा रही मालगाड़ी को आधे घंटे रोकना पड़ा। कटरा थाना प्रभारी जुगल किशोर पाल ने बताया कि तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाएगी।
पांच के नोट की मांग ज्यादा होने की बात कहकर फंसाया था
मजदूरी करने वाले महेश पाल को साइबर ठगों ने पांच के नोट पर कई गुना फायदे का लालच देखकर फंसाया था। बताते हैं कि जिस नोट पर ट्रैक्टर बना होता था, उस पांच के नोट की अधिक मांग होने के चलते अधिक दाम दिलाने की बात कही थी। उसके बाद रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर रुपये वसूलते गए। संभावना है कि महेश ने साइबर ठगों को खुद की जमा-पूंजी देने के साथ ही कर्ज लेकर भी धनराशि दी होगी। इसी के चलते कुछ दिन से वह तनाव में था।
पिता ने की शव की पहचान, डायरी सुरक्षित
मृतक के पिता नेत्रपाल ने शव की शिनाख्त करने के बाद बताया कि महेश पाल ने ठगी करने वालों के खिलाफ जलालाबाद पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस ने मृतक की जेब से मिली डायरी को सुरक्षित रख लिया है।
महेश का शव देखकर पत्नी सर्वेश बिलख पड़ी। दंपती के दो बेटियां व तीन बेटे हैं। सोमवार की शाम को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। पत्नी रोते हुए बेहोश हो गईं।