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Shahjahanpur News: तालाब में गिरती बच्ची को बचाने में बड़ी बहन भी डूबी, दोनों की मौत
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काजल का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
- फोटो : सांकेतिक
कलान (शाहजहांपुर)। मालौं गांव में शुक्रवार दोपहर खेत से पुआल लेने गईं दो सगी बहनों काजल (10) व खुशबू (6) की तालाब में डूबने से मौत हो गई।
काजल और खुशबू मालौं गांव के ही सुलंदर की बेटियां थीं। सुलंदर हरियाणा में मजदूरी करते हैं। बाबा आशाराम ने बताया कि उनकी तीन पोतियां काजल, खुशबू और पल्लवी खेत पर गई थीं। वहां खुशबू शौच के लिए बहन काजल के साथ खेत के पास तालाब पर गई। पुलिस का अनुमान है कि पैर फिसलने से खुशबू तालाब में डूबने लगी तो काजल ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी डूब गई।
दोनों बहनों के न दिखने पर पल्लवी ने घर आकर जानकारी दी। इस पर वहां पहुंचे परिजन ने तालाब में काजल और खुशबू की चप्पलें उतरा रही थीं। अनहोनी मानते हुए तालाब में घुसे ग्रामीणों को करीब दो घंटे की तलाश के बाद दोनों बालिकाएं मिलीं, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। एसपी राजेश द्विवेदी का कहना है कि शवों का पोस्टमॉर्टम करा दिया गया है। अगर कोई तहरीर मिलती है तो जांच कराई जाएगी। संवाद
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मिट्टी के खनन से तालाब बन गए गड्ढे
कलान। जहां पर बच्चियों के डूबने की घटना हुई है, वहां पर पहले गड्ढे हुआ करते थे। लोगों ने वहां से मिट्टी निकालनी शुरू की तो आठ-दस फुट गहरे तालाब बन गए हैं। इन्हीं में डूबकर बच्चियों की मौत हुई। दो सगी बहनों की मौत की घटना होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बहुत पहले यहां पर गड्ढे हुआ करते थे, जो मिट्टी खनन के बाद अब तालाब बन गए हैं।
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आशाराम ने बताया कि बेटा सुलंदर हरियाणा में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। चार जनवरी को ही बेटा वापस हरियाणा गया था।परिजनों ने बताया कि दोनों बहनों का स्कूल में दाखिला नहीं हुआ था, लेकिन दोनों बहने गांव के प्राथमिक विद्यालय जाती थीं। एक बहन पल्लवी और भाई दुर्लभ बचे है। संवाद
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घर पहुंचे दोनों बेटियों के शव तो लिपट पड़ी मां
कलान। खेत पर पुआल लेने गईं दो सगी बहन काजल और खुशबू की तालाब में डूबने से मौत होने के बाद शनिवार शाम पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव जब घर पहुंचे तो उन्हें देख मां चंद्रवती बिलख पड़ी। वह बेटियों के शवों से लिपटकर खूब रोईं। गांव की महिलाओं ने सांत्वना दी, लेकिन खुद के आंसू रोक न सकीं।
आशाराम ने बताया कि बेटा सुलंदर हरियाणा में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। चार जनवरी को ही बेटा वापस हरियाणा गया था। बेटे को उनकी बेटियों की मौत की सूचना दे दी गई है। बेटा वहां से चल दिया है। परिजनों ने बताया कि दोनों बहनों का स्कूल में दाखिला नहीं हुआ था, लेकिन दोनों बहने गांव के प्राथमिक विद्यालय जाती थीं। एक बहन पल्लवी और भाई दुर्लभ बचे है।
दो सगी बहनों की मौत की घटना होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बहुत पहले यहां पर गड्ढे हुआ करते थे, जो मिट्टी खनन के बाद अब तालाब बन गए हैं। जहां पर बच्चियों के डूबने की घटना हुई है, वहां पर पहले गड्ढे हुआ करते थे। लोगों ने वहां से मिट्टी निकालनी शुरू की तो आठ-दस फुट गहरे तालाब बन गए हैं। इन्हीं में बच्चियां डूब गईं। जब दोनों देर तक खेत पर नहीं दिखीं तब उन्हें तलाशा गया।
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काजल और खुशबू मालौं गांव के ही सुलंदर की बेटियां थीं। सुलंदर हरियाणा में मजदूरी करते हैं। बाबा आशाराम ने बताया कि उनकी तीन पोतियां काजल, खुशबू और पल्लवी खेत पर गई थीं। वहां खुशबू शौच के लिए बहन काजल के साथ खेत के पास तालाब पर गई। पुलिस का अनुमान है कि पैर फिसलने से खुशबू तालाब में डूबने लगी तो काजल ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी डूब गई।
दोनों बहनों के न दिखने पर पल्लवी ने घर आकर जानकारी दी। इस पर वहां पहुंचे परिजन ने तालाब में काजल और खुशबू की चप्पलें उतरा रही थीं। अनहोनी मानते हुए तालाब में घुसे ग्रामीणों को करीब दो घंटे की तलाश के बाद दोनों बालिकाएं मिलीं, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। एसपी राजेश द्विवेदी का कहना है कि शवों का पोस्टमॉर्टम करा दिया गया है। अगर कोई तहरीर मिलती है तो जांच कराई जाएगी। संवाद
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मिट्टी के खनन से तालाब बन गए गड्ढे
कलान। जहां पर बच्चियों के डूबने की घटना हुई है, वहां पर पहले गड्ढे हुआ करते थे। लोगों ने वहां से मिट्टी निकालनी शुरू की तो आठ-दस फुट गहरे तालाब बन गए हैं। इन्हीं में डूबकर बच्चियों की मौत हुई। दो सगी बहनों की मौत की घटना होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बहुत पहले यहां पर गड्ढे हुआ करते थे, जो मिट्टी खनन के बाद अब तालाब बन गए हैं।
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आशाराम ने बताया कि बेटा सुलंदर हरियाणा में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। चार जनवरी को ही बेटा वापस हरियाणा गया था।परिजनों ने बताया कि दोनों बहनों का स्कूल में दाखिला नहीं हुआ था, लेकिन दोनों बहने गांव के प्राथमिक विद्यालय जाती थीं। एक बहन पल्लवी और भाई दुर्लभ बचे है। संवाद
घर पहुंचे दोनों बेटियों के शव तो लिपट पड़ी मां
कलान। खेत पर पुआल लेने गईं दो सगी बहन काजल और खुशबू की तालाब में डूबने से मौत होने के बाद शनिवार शाम पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव जब घर पहुंचे तो उन्हें देख मां चंद्रवती बिलख पड़ी। वह बेटियों के शवों से लिपटकर खूब रोईं। गांव की महिलाओं ने सांत्वना दी, लेकिन खुद के आंसू रोक न सकीं।
आशाराम ने बताया कि बेटा सुलंदर हरियाणा में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। चार जनवरी को ही बेटा वापस हरियाणा गया था। बेटे को उनकी बेटियों की मौत की सूचना दे दी गई है। बेटा वहां से चल दिया है। परिजनों ने बताया कि दोनों बहनों का स्कूल में दाखिला नहीं हुआ था, लेकिन दोनों बहने गांव के प्राथमिक विद्यालय जाती थीं। एक बहन पल्लवी और भाई दुर्लभ बचे है।
दो सगी बहनों की मौत की घटना होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बहुत पहले यहां पर गड्ढे हुआ करते थे, जो मिट्टी खनन के बाद अब तालाब बन गए हैं। जहां पर बच्चियों के डूबने की घटना हुई है, वहां पर पहले गड्ढे हुआ करते थे। लोगों ने वहां से मिट्टी निकालनी शुरू की तो आठ-दस फुट गहरे तालाब बन गए हैं। इन्हीं में बच्चियां डूब गईं। जब दोनों देर तक खेत पर नहीं दिखीं तब उन्हें तलाशा गया।

काजल का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : सांकेतिक