एक साथ निकले दो जनाजे: मछली पकड़ने गए किशोर की डूबने से मौत, सदमे में नाना ने भी दम तोड़ा
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गुरुवार को शव घर में पहुंचा। नाती शाहनूर के शव को देखकर नाना बेचेशाह ने सदमे से दम तोड़ दिया।
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यूपी के शाहजहांपुर के शाहबाजनगर रोड स्थित मदरसा जामिया फातिमा के पास रहने वाले अख्तर के 13 साल के पुत्र शाहनूर की ढाका तालाब में डूबने से मौत हो गई। वह अपने मोहल्ले के दोस्त के साथ मछली पकड़ने के लिए गया था। उसकी मौत के सदमे से नाना बेचेशाह ने भी दम तोड़ दिया। गुरुवार को नाना और नाती का जनाजा एक साथ निकला तो मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
बुधवार सुबह करीब पांच बजे शाहनूर दोस्त के साथ मोहल्ले में स्थित तालाब में मछली पकड़ने गया था। वहां मछली न मिलने पर दोनों मोहल्ला निसरजई में रेलवे लाइन के किनारे ढाका तालाब की ओर चले गए। गहराई में जाने से शाहनूर पानी में डूब गया। उसके डूबने के बाद दोस्त वहां से भाग आया।
दोपहर बाद तक शाहनूर के घर न लौटने पर परिजन ने तलाश शुरू की। रिश्तेदारियों में पता करने पर कोई सुराग नहीं मिला। शाम को अशफाक नगर चौकी पर तहरीर दी गई। दरोगा ने मोहल्ले में पहुंचकर शाहनूर के साथ गए किशोर से पूछताछ की तो उसने ढाका तालाब में डूबने की जानकारी दी। इसके बाद तालाब में तलाश शुरू की गई। सदर इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। बमुश्किल रात करीब एक बजे उसका शव बरामद किया गया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गुरुवार को शव घर में पहुंचा। नाती शाहनूर के शव को देखकर नाना बेचेशाह ने सदमे से दम तोड़ दिया। मृतक के भाई अफजाल ने बताया कि बेचेशाह का शाहनूर से काफी स्नेह था। वह उसका काफी ख्याल रखते थे। शाम को दोनों के जनाजे एक साथ निकले तो लोगों की आंखें भर आईं। उन्हें पास के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शाहनूर चार भाइयों में सबसे छोटा था।