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Shahjahanpur News: छेड़खानी से त्रस्त किशोरी ने जहर खाकर दी थी जान... दोषी को दस वर्ष कैद की सजा
Wed, 30 Apr 2025 12:59 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 30 Apr 2025 12:59 AM IST
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शाहजहांपुर। छेड़खानी से त्रस्त किशोरी के जहर खाकर जान देने के मुकदमे में अदालत ने दोषी को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
खुटार थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को बतााया था कि नितेश कुमार उसकी 16 वर्षीय पुत्री से छेड़खानी करता था। इससे परेशान होकर उसने बेटी को बड़ी बेटी के यहां भेज दिया था। नितेश ने वहां जाकर भी छेड़खानी की। इसका मुकदमा उसने सेहरामऊ उत्तरी थाने में दर्ज कराया था। बाद में वह अपनी बेटी को घर ले आए थे। 24 दिसंबर, 2017 को दोपहर करीब तीन बजे नितेश ने फिर से पीड़िता से छेड़खानी की। इससे अवसाद में आकर बेटी ने जहर खा लिया।
तबीयत खराब होने पर पिता ने बेटी को पीलीभीत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान 25 दिसंबर, 2017 को उसकी मौत हो गई थी। नितेश और उसके पिता देवनारायण ने घर आकर धमकाया था कि अगर पुलिस के पास शिकायत की तो बुरा अंजाम होगा। पुलिस ने नितेश और देवनारायण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा।
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अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने नितेश को दोषी माना। उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।
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खुटार थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को बतााया था कि नितेश कुमार उसकी 16 वर्षीय पुत्री से छेड़खानी करता था। इससे परेशान होकर उसने बेटी को बड़ी बेटी के यहां भेज दिया था। नितेश ने वहां जाकर भी छेड़खानी की। इसका मुकदमा उसने सेहरामऊ उत्तरी थाने में दर्ज कराया था। बाद में वह अपनी बेटी को घर ले आए थे। 24 दिसंबर, 2017 को दोपहर करीब तीन बजे नितेश ने फिर से पीड़िता से छेड़खानी की। इससे अवसाद में आकर बेटी ने जहर खा लिया।
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तबीयत खराब होने पर पिता ने बेटी को पीलीभीत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान 25 दिसंबर, 2017 को उसकी मौत हो गई थी। नितेश और उसके पिता देवनारायण ने घर आकर धमकाया था कि अगर पुलिस के पास शिकायत की तो बुरा अंजाम होगा। पुलिस ने नितेश और देवनारायण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा।
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अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने नितेश को दोषी माना। उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।