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एक महीना नहीं बीता और उजड़ गया बेटी का सुहाग
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टूटा पड़ा शिलापट को देखती पुलिस । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
जैतीपुर (शाहजहांपुर)। 28 नवंबर को दामोदर सिंह ने अपनी बेटी प्रियंका की शादी धूमधाम से पीलीभीत के शिव नगर के रहने वाले बिजेंद्र सिंह के बेटे कौशल सिंह चौहान से की थी। अभी शादी को एक महीना भी नहीं हुआ कि कौशल की हत्या हो गई और प्रियंका का सुहाग उजड़ गया।
हमलावर और पीड़ित पक्ष रिश्तेदार हैं। प्रियंका से शादी के बाद कौशल उसे लेकर 19 दिसंबर को नगरिया गांव आया था। कौशल को बुधवार को वापस पीलीभीत लौटना था, लेकिन बुधवार को विदा न होने की परंपरा का हवाला देकर घरवालों ने रोक दिया था। सुबह ही घटना हो जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रियंका सात भाई-बहन हैं। उसके भाई निर्देश, दुर्गेश, धर्मवीर, अंकित, अनिल, कुलदीप, अमित के बीच प्रियंका इकलौती बहन है। इकलौती बेटी का सुहाग उजड़ जाने से पिता दामोदर और मां मुन्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं कौशल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन भी है। कौशल की मौत से उसके परिवार वालों का भी हाल बेहाल हो गया है।
शिलान्यास का पत्थर गिरने के बाद हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि खेत में गाय घुसने के बाद विवाद शुरू हुआ। दामोदर के खेत में सड़क के शिलान्यास का पत्थर लगा था। गांव के रामवीर, उसके भाई सत्यवीर, चाचा जयवीर और उसके बेटे प्रदीप ने बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शिलान्यास का पत्थर गिरा दिया था। इसका दामोदर ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में विवाद होने लगा।
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प्रधानी के चुनाव में हुई थी तनातनी
2015 के ग्राम प्रधान के चुनाव में आरोपी प्रदीप की पत्नी ने चुनाव लड़ा था। पारिवारिक होने के कारण दामोदर ने प्रदीप की मदद की थी। बताया जा रहा है कि चुनाव जीतने के बाद दामोदर का कुछ मुद्दों को लेकर प्रधान पक्ष से विवाद हो गया था। इसके चलते 2021 के प्रधानी के चुनाव में दामोदर ने प्रदीप की मदद नहीं की। हालांकि प्रदीप फिर भी जीतकर प्रधान बन गया था।
गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस तैनात
नगरिया के दामोदर सिंह के दामाद कौशल सिंह चौहान की गोली लगने से मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है। पारिवारिक मामला होने के नाते कोई ग्रामीण कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। तनाव की स्थिति के मद्देनजर गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है।
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हमलावर और पीड़ित पक्ष रिश्तेदार हैं। प्रियंका से शादी के बाद कौशल उसे लेकर 19 दिसंबर को नगरिया गांव आया था। कौशल को बुधवार को वापस पीलीभीत लौटना था, लेकिन बुधवार को विदा न होने की परंपरा का हवाला देकर घरवालों ने रोक दिया था। सुबह ही घटना हो जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रियंका सात भाई-बहन हैं। उसके भाई निर्देश, दुर्गेश, धर्मवीर, अंकित, अनिल, कुलदीप, अमित के बीच प्रियंका इकलौती बहन है। इकलौती बेटी का सुहाग उजड़ जाने से पिता दामोदर और मां मुन्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं कौशल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन भी है। कौशल की मौत से उसके परिवार वालों का भी हाल बेहाल हो गया है।
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शिलान्यास का पत्थर गिरने के बाद हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि खेत में गाय घुसने के बाद विवाद शुरू हुआ। दामोदर के खेत में सड़क के शिलान्यास का पत्थर लगा था। गांव के रामवीर, उसके भाई सत्यवीर, चाचा जयवीर और उसके बेटे प्रदीप ने बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शिलान्यास का पत्थर गिरा दिया था। इसका दामोदर ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में विवाद होने लगा।
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प्रधानी के चुनाव में हुई थी तनातनी
2015 के ग्राम प्रधान के चुनाव में आरोपी प्रदीप की पत्नी ने चुनाव लड़ा था। पारिवारिक होने के कारण दामोदर ने प्रदीप की मदद की थी। बताया जा रहा है कि चुनाव जीतने के बाद दामोदर का कुछ मुद्दों को लेकर प्रधान पक्ष से विवाद हो गया था। इसके चलते 2021 के प्रधानी के चुनाव में दामोदर ने प्रदीप की मदद नहीं की। हालांकि प्रदीप फिर भी जीतकर प्रधान बन गया था।
गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस तैनात
नगरिया के दामोदर सिंह के दामाद कौशल सिंह चौहान की गोली लगने से मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है। पारिवारिक मामला होने के नाते कोई ग्रामीण कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। तनाव की स्थिति के मद्देनजर गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है।