फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   A large herd of Nepal elephants coming after Tusker

Shahjahanpur News: टस्कर के पीछे आ रहा नेपाल हाथियों का बड़ा झुंड

Sun, 15 Sep 2024 03:52 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Sun, 15 Sep 2024 03:52 AM IST
विज्ञापन
A large herd of Nepal elephants coming after Tusker
मैलानी भीरा रोड पर क्रासिंग के पास निकलते नेपाली हाथी। वीडियो ग्रैब
खुटार। नेपाल से आए तीन टस्कर हाथियों के संकेत के बाद नेपाली हाथियों का बड़ा झुंड लखीमपुर की किशनपुर सेंक्चुरी तक आ गया है। झुंड के खुटार रेंज में सुल्तानपुर वन चौकी क्षेत्र से घुसने की आशंका से वनकर्मी सतर्क हो गए हैं।
विज्ञापन

हाथियों के मार्ग क्राॅस करने के समय एक राहगीर ने इसका वीडियो भी बनाया है, जो वायरल हो रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पिछले चार-पांच वर्ष से नेपाली हाथी सितंबर से दिसंबर तक खुटार रेंज से लेकर लखीमपुर की महेशपुर रेंज व मैलानी रेंज में घूमते हैं। दिसंबर के आसपास हाथी वापस नेपाल लौट जाते हैं। खुटार के जंगलों में रहने के दौरान हाथी जंगल के पास गन्ने और धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
विज्ञापन

कुछ दिन पूर्व नेपाल के जंगलों से आगे बढ़ रहे तीन टस्कर हाथियों की लोकेशन किशनपुर सेंक्चुरी में मड़हा बाबा स्थान के पास ट्रेस की गई थी। वनकर्मियों के अनुसार, झुंड आने से पहले टस्कर आगे रहकर हाथियों के प्राकृतवास, भोजन-पानी की उपलब्धता का जायजा लेते हैं। उनके संकेत के बाद हाथियों का झुंड आगे बढ़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन टस्कर हाथी किशनपुर सेंक्चुरी से खुटार रेंज की सुल्तानपुर चौकी क्षेत्र में पहुंच गए थे। टस्कर हाथियों ने धान और गन्ने की फसल को काफी नुकसान भी पहुंचाया है। टस्कर अब मड़हा बाबा स्थान से खुटार की ओर बढ़ रहे हैं। उधर हाथियों के संकेत के बाद नेपाली हाथियों का झुंड पीछे से आ रहा है। मैलानी भीरा रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास हाथियों के मार्ग क्रॉस करते समय राहगीर ने इसकी वीडियो भी बनाई है। वीडियो में 20 से 25 हाथी दिख रहे हैं।
रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि टस्कर आने की सूचना पर 12 सितंबर को सुल्तानपुर चौकी क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर, पिपरा, बहादुरपुर आदि में पहुंचकर प्रधानों और किसानों से बात की गई थी। लोगों को हाथियों से दूर रहने के लिए कहा है। साथ ही खेतों की रखवाली के समय सतर्कता बरतने की अपील की है। अभी नेपाली हाथियों के झुंड के खुटार रेंज पहुंचने की जानकारी नहीं है। अगर झुंड किशनपुर सेंक्चुरी में देखा गया है तो एक से दो दिन में ये खुटार रेंज में पहुंच सकते हैं।
--
फत्तेपुर बीट से सटी है लखीमपुर की महेशपुर रेंज
हर वर्ष नेपाली हाथी दुधवा नेशनल पार्क से किशनपुर सेंक्चुरी से सुल्तानपुर वन चौकी के जंगलों में आते हैं। यहां से शारदा नहर किनारे होते हुए मढ़हा बाबा क्षेत्र से मैलानी रेंज और खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट में आते हैं। फत्तेपुर बीट से लखीमपुर की महेशपुर रेंज सटी हुई है। नेपाली हाथी महेशपुर और फत्तेपुर रेंजर में एक से डेढ़ महीने रहते हैं और फिर आने वाले रास्ते से ही लौट जाते हैं। टस्कर हाथी जिस मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं, उसी मार्ग पर नेपाली हाथी दो से तीन दिन का फासला बनाकर चल रहे हैं। हाथी ऐसा सुरक्षा की दृष्टि से करते हैं। कोई खतरा होने पर टस्कर संकेत कर देंगे और झुंड पीछे ही रुक जाएगा।

--
नेपाली हाथियों को यह क्षेत्र खूब पसंद आ रहा है। हाथी सितंबर, अक्तूबर में यहां आ जाते हैं और दिसंबर तक रहते हैं। हाथियों के बड़े झुंड के खुटार रेंज में आने की सूचना अभी नहीं है।
मनोज कुमार श्रीवास्तव, रेंजर खुटार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed