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Shahjahanpur News: श्रीमद्भागवत कथा से पहले निकाली कलशयात्रा

Tue, 26 May 2026 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2026 01:13 AM IST
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A Kalash Yatra was taken out prior to the Shrimad Bhagavat Katha.
कुर्रियाकलां में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद
कुर्रियाकलां। गांव के फूलमती मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा आरंभ होने से पहले सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ कलशयात्रा निकाली गई। यजमान साधु सिंह ने भागवत पुराण के साथ तथा महिलाओं ने कलश लेकर गांव के सभी मंदिरों की परिक्रमा की। कलशयात्रा फूलमती मंदिर से ठाकुर द्वारा, बाबा गड़बड़ दास देवस्थान, शनि मंदिर, कोंचेश्वर महादेव मंदिर होकर देवीस्थल के शिव मंदिर पर विसर्जित हुई। बाद में पंडित गणेश्वर प्रसाद ने कलश पूजन कर व्यास गद्दी के पास कलशों की स्थापना कराई। कलशयात्रा में पूर्व प्रधान पुष्पेंद्र सिंह चौहान, रंजीत सिंह, कल्लू मिश्रा, संतोष श्रीवास्तव, सुमित आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथा सुनकर शिव भक्ति में सराबोर हुए श्रद्धालु
कांट। नए अस्पताल मार्ग के मैदान पर चल रही श्री शिव महापुराण कथा के छठे दिन सोमवार को कथा व्यास पंडित राहुल कृष्ण दीक्षित महाराज ने भगवान शिव की महिमा के कई आख्यान सुनाए। उन्होंने कहा कि भगवान भोले भंडारी अति शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और उनकी आराधना से मनुष्य के सभी दुख एवं संकट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में अहंकार त्यागकर प्रेम, करुणा एवं धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए क्योंकि भगवान शिव त्याग, तपस्या एवं सरलता के प्रतीक हैं और वह प्रत्येक व्यक्ति को सत्य एवं धर्म का पालन करने की प्रेरणा देते हैं। कथा श्रवण में लालू पंडित, गोविंद शरण पांडेय, राम मुरारी मिश्रा आदि शामिल रहे। संवाद
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श्रीकृष्ण-सुदामा लीला देखकर दर्शक हुए भावविभोर
पुवायां। गांव अगौना बुजुर्ग के मनकामेश्वर नाथ शिव मंदिर पर चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ में रविवार रात वृंदावन के कलाकारों ने श्रीकृष्ण-सुदामा लीला का मंचन किया। लीला का शुभारंभ भगवान कृष्ण की झांकी की आरती के साथ हुआ। इसके बाद निर्धन ब्राह्मण सुदामा की दयनीय स्थिति, पत्नी के आग्रह पर मुट्ठी भर चावल लेकर द्वारिका प्रस्थान और संकोचवश उसे न दे पाने की व्यथा की लीला ने दर्शकों को भावुक कर दिया। सुदामा के आने की सूचना पर श्रीकृष्ण द्वार पर खड़े अपने बालसखा सुदामा को देखते ही राजवैभव त्यागकर नंगे पांव दौड़ते हुए उन्हें गले लगा लेते हैं। श्रीकृष्ण द्वारा सुदामा के चरण पखारना और प्रेमपूर्वक चावल ग्रहण करने का दृश्य देख श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और कृष्ण-सुदामा की जय के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। सोमवार सुबह यज्ञ में लोगों ने आहुतियां देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। यज्ञाचार्य बलराम कृष्ण ने यज्ञ कराया। संवाद

कुर्रियाकलां में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद

कुर्रियाकलां में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद

कुर्रियाकलां में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद

कुर्रियाकलां में कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद

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