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Shahjahanpur News: ग्राम अभायन पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 100 मरीजों का परीक्षण किया
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कांट में अभायन गांव में स्वास्थ्य कैंप में जानकारी लेते एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव। स्रोत: विभाग
कांट। ग्राम अभायन में बुखार के प्रकोप के चलते शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाकर 100 मरीजों का परीक्षण किया। इस बीच 11 मरीजाें की मलेरिया और टायफाइड की जांच की गई। हालांकि, किसी में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। दूसरी ओर गांव में सफाई और फॉगिंग भी कराई गई। एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने गांव में पहुंचकर मरीजों से जानकारी ली।
पांच हजार की आबादी वाले गांव में तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। यहां पर एक पखवाड़े में सूरजपाल, रामश्री, अल्हादीन की मौत हो चुकी है। गांव में गंदगी का अंबार होने के कारण मच्छरों के चलते लोग बुखार से पीड़ित हैं। जानकारी में आने के बाद एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने गांव में पहुंचकर जानकारी ली। सीएचसी की टीम ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। शाम तक चले कैंप में करीब 100 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं, साथ ही 11 मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच की गई।
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गांव में गंदगी और गड्ढों में भरा पानी
अभायन गांव में सड़कों व मार्ग के किनारे गड्ढे होने के कारण उसमें पानी भरा है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक सप्ताह में बुखार से ही तीन लोगों की मौत हो चुकी है। तीन साल पहले भी गांव में गंदगी के कारण बुखार फैला था।
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दस दिन से बुखार आ रहा है। दवा खाने पर फायदा नहीं हुआ। गांव में कैंप लगने पर जांच कराई है। डॉक्टर ने फिर दवा दी है।
-राकेश
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पांच दिन से बुखार आ रहा है। गांव में दवा लेने के बाद भी फायदा नहीं हुआ। सीएचसी पर भी दवा ली है। तब भी बुखार नहीं उतरा है।
-इकबाल
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गांव में दो कैंप लगाए गए हैं। जांच में कोई भी मरीज डेंगू या मलेरिया का पॉजिटिव नहीं मिला है। गांव में फॉगिंग भी कराई गई है।
-डॉ.पीपी श्रीवास्तव, एसीएमओ
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पांच हजार की आबादी वाले गांव में तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। यहां पर एक पखवाड़े में सूरजपाल, रामश्री, अल्हादीन की मौत हो चुकी है। गांव में गंदगी का अंबार होने के कारण मच्छरों के चलते लोग बुखार से पीड़ित हैं। जानकारी में आने के बाद एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने गांव में पहुंचकर जानकारी ली। सीएचसी की टीम ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। शाम तक चले कैंप में करीब 100 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं, साथ ही 11 मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच की गई।
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गांव में गंदगी और गड्ढों में भरा पानी
अभायन गांव में सड़कों व मार्ग के किनारे गड्ढे होने के कारण उसमें पानी भरा है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक सप्ताह में बुखार से ही तीन लोगों की मौत हो चुकी है। तीन साल पहले भी गांव में गंदगी के कारण बुखार फैला था।
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दस दिन से बुखार आ रहा है। दवा खाने पर फायदा नहीं हुआ। गांव में कैंप लगने पर जांच कराई है। डॉक्टर ने फिर दवा दी है।
-राकेश
पांच दिन से बुखार आ रहा है। गांव में दवा लेने के बाद भी फायदा नहीं हुआ। सीएचसी पर भी दवा ली है। तब भी बुखार नहीं उतरा है।
-इकबाल
गांव में दो कैंप लगाए गए हैं। जांच में कोई भी मरीज डेंगू या मलेरिया का पॉजिटिव नहीं मिला है। गांव में फॉगिंग भी कराई गई है।
-डॉ.पीपी श्रीवास्तव, एसीएमओ

कांट में अभायन गांव में स्वास्थ्य कैंप में जानकारी लेते एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव। स्रोत: विभाग

कांट में अभायन गांव में स्वास्थ्य कैंप में जानकारी लेते एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव। स्रोत: विभाग

कांट में अभायन गांव में स्वास्थ्य कैंप में जानकारी लेते एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव। स्रोत: विभाग