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अपहृत नितीश का कंकाल मिला, आरोपी गिरफ्तार
Shahjahanpur
Updated Fri, 15 Aug 2014 05:30 AM IST
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किशोर के मुंह में कपड़ा ठूसने के बाद हाथ-पैर बांधकर डाल दिया था गन्ने के खेत में
- तीसरे दिन किशोर के मृत मिलने पर आरोपी ने मिट्टी में दबा दिया था शव
- शव जानवरों के हाथ लगने से खेत में बिखरी मिलीं हड्डियां
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/ अल्हागंज। थाना अल्हागंज क्षेत्र के गांव फतेहपुर से नौ दिन पहले अपहृत हुए नितीश का कंकाल पड़ोस के गांव अमिलौना में बृहस्पतिवार को गन्ने के एक खेत से बरामद हुआ। अपहरण के आरोपी पड़ोसी उदयवीर की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच और पुलिस ने यह कंकाल बरामद किया।
उदयवीर मृतक के परिवार का ही सदस्य है, उसने अपनी पत्नी के गिरवी पड़े जेवर छुड़ाने के लिए नितीश का फिरौती के लिए अपहरण किया था। उदयवीर ने पुलिस को बताया कि पड़ोस के गांव अमिलौना में एक गन्ने के खेत में उसने किशोर के मुंह में कपड़ा ठूसने के बाद हाथ-पैर बांधकर डाल दिया था। तीन दिन बाद किशोर के मृत मिलने पर उसने खेत में ही गड्ढे में शव को दबा दिया था। शव मिलने के बाद आक्रोशित परिवार वालों की भीड़ थाने पर इकट्ठी हो गई। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से आरोपी को थाने से हटा दिया।
गांव फतेहपुर में रहने वाले काश्तकार ओमप्रकाश वर्मा का 12 वर्षीय बेटा नितीश छह अगस्त की दोपहर को साइकिल से खेत पर जानवरों के लिए घास काटने गया था। देर शाम तक उसके घर नहीं आने पर परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। कहीं पता नहीं लगने पर सात अगस्त को थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। दस अगस्त को जब ओमप्रकाश ने पुलिस को अपहरण की आशंका जताई तो गुमशुदगी अपहरण में तरमीम कर दी गई। 11 अगस्त की शाम को ओमप्रकाश के दरवाजे की कुंडी में एक पर्चा फंसा मिला, जिसमें नितीश की एवज में साढ़े तीन लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। बुधवार को एसपी ने मामले में क्राइम ब्रांच को लगाया था।
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पर्चे की लिखावट, मोबाइल
से पकड़ा गया आरोपी
बुधवार को एसपी के निर्देश के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने गांव में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को उठाया। लिखावट का मिलान करने के लिए कुछ संदिग्धों से लिखवाया गया। जिसमें ओमप्रकाश के परिवार के ही उदयवीर की लिखावट पर्चे में लिखी राइटिंग से मिल गई। क्राइम ब्रांच ने उसके पास से वह मोबाइल भी बरामद किया, जिससे उसने फिरौती के लिए फोन किया था। सख्ती से पूछताछ करने पर उदयवीर ने क्राइम ब्रांच के सामने पूरी हकीकत खोल दी। उसने बताया कि शराब की लत के चलते उसने अपनी पत्नी के जेवर गिरवी डाल दिए थे। उन्हें छुड़ाने के लिए उसने नितीश का अपहरण किया। बताया कि उसने खेत से नितीश का अपहरण करने के बाद उसे पड़ोस के गांव अमिलौना में नरेश के गन्ने के खेत में मुंह में कपड़ा ठूसने के बाद हाथ-पैर बांधकर डाल दिया। तीन दिन बाद जब वह लौटा तो नितीश दम तोड़ चुका था।
उदयवीर ने पुलिस को बताया कि उसने खुरपी से उथला गड्ढा करके शव को जमीन में दबा दिया। इसके बाद उसने फिरौती की रकम मांगने के लिए ओमप्रकाश के दरवाजे पर पर्चा लगा दिया। उसने मोबाइल से भी ओमप्रकाश से फिरौती मांगने के लिए कई बार संपर्क किया था।
नितीश का शव मिलने
से परिवार में आक्रोश
नितीश अपने छह भाइयों में पांचवें नंबर पर था। उसकी शव मिलने की सूचना पर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग नितीश के क्षत-विक्षत शव देखकर आक्रोशित हो गए। परिवार के लोगों ने थाने के घेराव कर लिया। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से आरोपी उदयवीर को थाने से हटा दिया।
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- तीसरे दिन किशोर के मृत मिलने पर आरोपी ने मिट्टी में दबा दिया था शव
- शव जानवरों के हाथ लगने से खेत में बिखरी मिलीं हड्डियां
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/ अल्हागंज। थाना अल्हागंज क्षेत्र के गांव फतेहपुर से नौ दिन पहले अपहृत हुए नितीश का कंकाल पड़ोस के गांव अमिलौना में बृहस्पतिवार को गन्ने के एक खेत से बरामद हुआ। अपहरण के आरोपी पड़ोसी उदयवीर की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच और पुलिस ने यह कंकाल बरामद किया।
उदयवीर मृतक के परिवार का ही सदस्य है, उसने अपनी पत्नी के गिरवी पड़े जेवर छुड़ाने के लिए नितीश का फिरौती के लिए अपहरण किया था। उदयवीर ने पुलिस को बताया कि पड़ोस के गांव अमिलौना में एक गन्ने के खेत में उसने किशोर के मुंह में कपड़ा ठूसने के बाद हाथ-पैर बांधकर डाल दिया था। तीन दिन बाद किशोर के मृत मिलने पर उसने खेत में ही गड्ढे में शव को दबा दिया था। शव मिलने के बाद आक्रोशित परिवार वालों की भीड़ थाने पर इकट्ठी हो गई। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से आरोपी को थाने से हटा दिया।
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गांव फतेहपुर में रहने वाले काश्तकार ओमप्रकाश वर्मा का 12 वर्षीय बेटा नितीश छह अगस्त की दोपहर को साइकिल से खेत पर जानवरों के लिए घास काटने गया था। देर शाम तक उसके घर नहीं आने पर परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। कहीं पता नहीं लगने पर सात अगस्त को थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। दस अगस्त को जब ओमप्रकाश ने पुलिस को अपहरण की आशंका जताई तो गुमशुदगी अपहरण में तरमीम कर दी गई। 11 अगस्त की शाम को ओमप्रकाश के दरवाजे की कुंडी में एक पर्चा फंसा मिला, जिसमें नितीश की एवज में साढ़े तीन लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। बुधवार को एसपी ने मामले में क्राइम ब्रांच को लगाया था।
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पर्चे की लिखावट, मोबाइल
से पकड़ा गया आरोपी
बुधवार को एसपी के निर्देश के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने गांव में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को उठाया। लिखावट का मिलान करने के लिए कुछ संदिग्धों से लिखवाया गया। जिसमें ओमप्रकाश के परिवार के ही उदयवीर की लिखावट पर्चे में लिखी राइटिंग से मिल गई। क्राइम ब्रांच ने उसके पास से वह मोबाइल भी बरामद किया, जिससे उसने फिरौती के लिए फोन किया था। सख्ती से पूछताछ करने पर उदयवीर ने क्राइम ब्रांच के सामने पूरी हकीकत खोल दी। उसने बताया कि शराब की लत के चलते उसने अपनी पत्नी के जेवर गिरवी डाल दिए थे। उन्हें छुड़ाने के लिए उसने नितीश का अपहरण किया। बताया कि उसने खेत से नितीश का अपहरण करने के बाद उसे पड़ोस के गांव अमिलौना में नरेश के गन्ने के खेत में मुंह में कपड़ा ठूसने के बाद हाथ-पैर बांधकर डाल दिया। तीन दिन बाद जब वह लौटा तो नितीश दम तोड़ चुका था।
उदयवीर ने पुलिस को बताया कि उसने खुरपी से उथला गड्ढा करके शव को जमीन में दबा दिया। इसके बाद उसने फिरौती की रकम मांगने के लिए ओमप्रकाश के दरवाजे पर पर्चा लगा दिया। उसने मोबाइल से भी ओमप्रकाश से फिरौती मांगने के लिए कई बार संपर्क किया था।
नितीश का शव मिलने
से परिवार में आक्रोश
नितीश अपने छह भाइयों में पांचवें नंबर पर था। उसकी शव मिलने की सूचना पर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग नितीश के क्षत-विक्षत शव देखकर आक्रोशित हो गए। परिवार के लोगों ने थाने के घेराव कर लिया। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से आरोपी उदयवीर को थाने से हटा दिया।