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बैराजों के अतिरिक्त पानी से उफनाने लगीं नदियां
Shahjahanpur
Updated Fri, 08 Aug 2014 05:30 AM IST
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दस सेमी बढ़ा गंगा का जलस्तर, गर्रा फिर चढ़ी
- नरौरा समेत कई बैराजों से 1.06 लाख क्यूसेक पानी रिलीज
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। पहाड़ों समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी जिलों में हुई बारिश का असर जिले से होकर बहने वाली नदियों पर दिखाई देने लगा है। बैराजों से बहाए जा रहे अतिरिक्त पानी से मिर्जापुर और कलान क्षेत्र में गंगा-रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसी के साथ शहर के पास से बह रहीं गर्रा और खन्नौत नदियां भी उफनाने लगी हैं। इससे सदर तहसील क्षेत्र के गांवों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बृहस्पतिवार को सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार गंगा-रामगंगा के जल ग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई बारिश से दोनों नदियों में विभिन्न बैराजों से पानी का बहाव बढ़ गया है। दो दिन पहले खो बैराज से रिलीज हुए 45 हजार क्यूसेक पानी ने रामगंगा को लबालब कर दिया है। इस बीच, रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 7912 क्यूसेक पानी और निकाले जाने से नदी चढ़ रही है।
चौबारी में रामगंगा का वाटर लेबिल बढ़कर 159.41 मीटर हो गया है। इसी तरह नरौरा बैराज से पिछले दो दिनों की तरह बृहस्पतिवार को 99815 क्यूसेक पानी बहाए जाने से भैंसार ढाई घाट पर गंगा दस सेमी बढ़कर 142.25 मीटर पर पहुंच गई है। चूंकि, नरौरा से रिलीज हुए पानी की मात्रा बीते दिन की तुलना में दस हजार क्यूसेक अधिक है, इसलिए मिर्जापुर ब्लॉक में गंगा के तटीय इलाकों में बाढ़ की आशंका बरकरार है।
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गंगा-रामगंगा की सहायक नदियों में शुमार गर्रा और खन्नौत में भी पानी का बहाव असामान्य होने लगा है। सिंचाई विभाग के फ्लड कंट्रोल रूम से लिपिक सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि बुधवार शाम की तुलना में गर्रा 15 सेमी बढ़कर 144.70 मीटर पर पहुंच गई है। खन्नौत के जल स्तर में 80 सेमी गिरावट दर्ज हुई, लेकिन नदी अभी भी 142.50 मीटर पर बह रही है। गर्रा में उफान शांत होने तक खन्नौत के सामान्य होने के कोई आसार नहीं हैं।
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- नरौरा समेत कई बैराजों से 1.06 लाख क्यूसेक पानी रिलीज
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। पहाड़ों समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी जिलों में हुई बारिश का असर जिले से होकर बहने वाली नदियों पर दिखाई देने लगा है। बैराजों से बहाए जा रहे अतिरिक्त पानी से मिर्जापुर और कलान क्षेत्र में गंगा-रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसी के साथ शहर के पास से बह रहीं गर्रा और खन्नौत नदियां भी उफनाने लगी हैं। इससे सदर तहसील क्षेत्र के गांवों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बृहस्पतिवार को सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार गंगा-रामगंगा के जल ग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई बारिश से दोनों नदियों में विभिन्न बैराजों से पानी का बहाव बढ़ गया है। दो दिन पहले खो बैराज से रिलीज हुए 45 हजार क्यूसेक पानी ने रामगंगा को लबालब कर दिया है। इस बीच, रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 7912 क्यूसेक पानी और निकाले जाने से नदी चढ़ रही है।
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चौबारी में रामगंगा का वाटर लेबिल बढ़कर 159.41 मीटर हो गया है। इसी तरह नरौरा बैराज से पिछले दो दिनों की तरह बृहस्पतिवार को 99815 क्यूसेक पानी बहाए जाने से भैंसार ढाई घाट पर गंगा दस सेमी बढ़कर 142.25 मीटर पर पहुंच गई है। चूंकि, नरौरा से रिलीज हुए पानी की मात्रा बीते दिन की तुलना में दस हजार क्यूसेक अधिक है, इसलिए मिर्जापुर ब्लॉक में गंगा के तटीय इलाकों में बाढ़ की आशंका बरकरार है।
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गंगा-रामगंगा की सहायक नदियों में शुमार गर्रा और खन्नौत में भी पानी का बहाव असामान्य होने लगा है। सिंचाई विभाग के फ्लड कंट्रोल रूम से लिपिक सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि बुधवार शाम की तुलना में गर्रा 15 सेमी बढ़कर 144.70 मीटर पर पहुंच गई है। खन्नौत के जल स्तर में 80 सेमी गिरावट दर्ज हुई, लेकिन नदी अभी भी 142.50 मीटर पर बह रही है। गर्रा में उफान शांत होने तक खन्नौत के सामान्य होने के कोई आसार नहीं हैं।