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नाचते-गाते छोटी काशी को निकले कांवड़िये
Shahjahanpur
Updated Mon, 28 Jul 2014 05:31 AM IST
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- भोले बाबा के भक्तों के स्वागत-सत्कार को लगाए गए पांडाल
- स्थानीय लोग करा रहे हैं कांवड़ियों को जलपान और भोजन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जैसे-जैसे सावन का महीना समापन की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कांवड़ियों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। सुदूर क्षेत्रों से आने वाले कांवड़िए वाहनों को सजाए और उस पर लगे डीजे की धुन पर नाचते-झूमते और भोले बाबा की जय-जयकार करते गोला गोकर्णनाथ कूच कर रहे हैं। कांवड़ियों का स्वागत कर उन्हें जलपान तथा भोजन कराने के लिए भी जगह-जगह आयोजन हो रहे हैं।
सावन के महीने में गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने की काफी मान्यता है, इसलिए भगवान भोलेनाथ के भक्त घटियाघाट (फर्रूखाबाद) तथा हरिद्वार से गंगाजल लाकर कांवड़ के माध्यम से गोला गोकर्णनाथ (छोटी काशी) के पौराणिक शिवलिंग का अभिषेक करने को जा रहे हैं। कांवड़ियों की सेवा को पुण्य मानने वाले लोगों ने रविवार को भी कई स्थानों पर स्टाल लगाकर उन्हें जलपान और भोजन कराया।
वहीं, सुदूर क्षेत्रों से आने वाले कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। वह अपने जत्थे में शामिल साथियों के साथ भोले बाबा के भजनों पर नाचते-झूमते निकल रहे हैं। कांवड़ियों की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से कांवड़ियों के निर्धारित मार्गों पर भारी पुलिस बल भी तैनात है।
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- स्थानीय लोग करा रहे हैं कांवड़ियों को जलपान और भोजन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जैसे-जैसे सावन का महीना समापन की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कांवड़ियों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। सुदूर क्षेत्रों से आने वाले कांवड़िए वाहनों को सजाए और उस पर लगे डीजे की धुन पर नाचते-झूमते और भोले बाबा की जय-जयकार करते गोला गोकर्णनाथ कूच कर रहे हैं। कांवड़ियों का स्वागत कर उन्हें जलपान तथा भोजन कराने के लिए भी जगह-जगह आयोजन हो रहे हैं।
सावन के महीने में गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने की काफी मान्यता है, इसलिए भगवान भोलेनाथ के भक्त घटियाघाट (फर्रूखाबाद) तथा हरिद्वार से गंगाजल लाकर कांवड़ के माध्यम से गोला गोकर्णनाथ (छोटी काशी) के पौराणिक शिवलिंग का अभिषेक करने को जा रहे हैं। कांवड़ियों की सेवा को पुण्य मानने वाले लोगों ने रविवार को भी कई स्थानों पर स्टाल लगाकर उन्हें जलपान और भोजन कराया।
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वहीं, सुदूर क्षेत्रों से आने वाले कांवड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। वह अपने जत्थे में शामिल साथियों के साथ भोले बाबा के भजनों पर नाचते-झूमते निकल रहे हैं। कांवड़ियों की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से कांवड़ियों के निर्धारित मार्गों पर भारी पुलिस बल भी तैनात है।
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