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बारिश से मौसम हुआ सुहावना, सड़क जलमग्न
Shahjahanpur
Updated Mon, 28 Jul 2014 05:31 AM IST
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82 मिमी बारिश से दो डिग्री गिर गया रात का तापमान
- दोपहर को हल्की धूप निकलने से उमस में हुआ इजाफा
- खेत पानी से लबालब भरने से तेज हुई धान की रोपाई
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। कई दिनों के अंतराल के बाद शनिवार को देर रात से लेकर रविवार सुबह तक हुई झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट आने के साथ मौसम सुहावना हो गया, लेकिन शहर में निचले स्थानों की सड़कों पर जहां-तहां जलभराव हो गया। हालांकि, दिन निकलने पर बारिश का दौर थम जाने से जनजीवन सामान्य हो गया। खेत पानी से लबालब भरने पर ग्रामीण अंचल में धान की रोपाई ने तेजी पकड़ ली है।
पिछले कई दिन से आसमान पर बादल घुमड़ने के बावजूद बरसात का दौर थमा चल रहा था। बादल घने होने पर हवा चलने से बारिश के नाम पर कभी-कभार बूंदाबांदी हो जाती थी। इससे पारा भी चढ़ रहा था, जिस कारण लोग गर्मी और उमस से बेहाल होने लगे थे। शनिवार को भी दिन भर आसमान पर बादलों की चादर छाई रही, लेकिन बारिश के आसार नजर नहीं आए, लेकिन दिन ढलने के बाद रात गहराने के साथ मौसम ने पलटी मार दी।
रात करीब दस बजे आसमान के पूर्वी क्षितिज पर काली घटाएं छाने के साथ बिजली कौंधने लगी। तेज हवा के झोंके चलने से बादल आसमान में फैल गए और इसी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक लगातार बारिश होने और ठंडी हवा चलने से मौसम काफी खुशगवार हो गया। इसी के साथ शहर में नाले-नालियां उफनाने से निचले स्थानों पर बारिश का पानी भर गया।
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इन सभी स्थानों पर हुआ विकट जलभराव
रेलवे स्टेशन परिसर, रोडवेज बस स्टेशन के सामने, रामनगर, दिलाजाक, निगोही रोड गदियाना चुंगी, टाउनहाल हॉकी क्लब मैदान और उसके सामने, टेलीफोन एक्सचेंज केपास, लोहारों का चौराहा, ईदगाह तिराहा, सुभाषनगर, चौक में बक्सरिया की गलियां घंटों जलभराव की चपेट में रहीं।
खाली पड़े खेतों में
लगने लगा धान
शनिवार रात से रविवार को सुबह तक हुई तेज बारिश से खेत पानी से लबालब हो गए और इसी के साथ धान की रोपाई ने तेजी पकड़ ली। बता दें कि कम बारिश होने के कारण धान केलिए निर्धारित करीब दो लाख हेक्टेयर के 40 फीसदी हिस्से में रोपाई का काम ठहरा हुआ था। जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय के अनुसार लघु और मध्यम जोत के जो किसान अभी तक धान की पौध नहीं लगा पाए, उनके लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। इससे गन्ना पेड़ी की बढ़वार भी तेज हो सकेगी।
बारिश का दौर जारी
रहने का अनुमान
शनिवार रात से मौसम ने करवट बदली है और अगले एक-दो दिन तक रुककर पर्याप्त वर्षा होने का अनुमान है। रविवार सुबह 82 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। रात के तापमान में भी दो डिग्री से अधिक की गिरावट आ गई। वातावरण में नमी बढ़ने से आर्द्रता बढ़कर 85 फीसदी हो गई। दिन में हल्की धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। बारिश का सिलसिला जारी रहने से गन्ना और अन्य मौसमी फसलों को भी फायदा होना तय है। बारिश केसाथ हवा के तेज झोंके गन्ना पेड़ी को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
-एसएस यादव, मौसम विश्लेषक, गन्ना शोध परिषद
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- दोपहर को हल्की धूप निकलने से उमस में हुआ इजाफा
- खेत पानी से लबालब भरने से तेज हुई धान की रोपाई
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। कई दिनों के अंतराल के बाद शनिवार को देर रात से लेकर रविवार सुबह तक हुई झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट आने के साथ मौसम सुहावना हो गया, लेकिन शहर में निचले स्थानों की सड़कों पर जहां-तहां जलभराव हो गया। हालांकि, दिन निकलने पर बारिश का दौर थम जाने से जनजीवन सामान्य हो गया। खेत पानी से लबालब भरने पर ग्रामीण अंचल में धान की रोपाई ने तेजी पकड़ ली है।
पिछले कई दिन से आसमान पर बादल घुमड़ने के बावजूद बरसात का दौर थमा चल रहा था। बादल घने होने पर हवा चलने से बारिश के नाम पर कभी-कभार बूंदाबांदी हो जाती थी। इससे पारा भी चढ़ रहा था, जिस कारण लोग गर्मी और उमस से बेहाल होने लगे थे। शनिवार को भी दिन भर आसमान पर बादलों की चादर छाई रही, लेकिन बारिश के आसार नजर नहीं आए, लेकिन दिन ढलने के बाद रात गहराने के साथ मौसम ने पलटी मार दी।
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रात करीब दस बजे आसमान के पूर्वी क्षितिज पर काली घटाएं छाने के साथ बिजली कौंधने लगी। तेज हवा के झोंके चलने से बादल आसमान में फैल गए और इसी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक लगातार बारिश होने और ठंडी हवा चलने से मौसम काफी खुशगवार हो गया। इसी के साथ शहर में नाले-नालियां उफनाने से निचले स्थानों पर बारिश का पानी भर गया।
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इन सभी स्थानों पर हुआ विकट जलभराव
रेलवे स्टेशन परिसर, रोडवेज बस स्टेशन के सामने, रामनगर, दिलाजाक, निगोही रोड गदियाना चुंगी, टाउनहाल हॉकी क्लब मैदान और उसके सामने, टेलीफोन एक्सचेंज केपास, लोहारों का चौराहा, ईदगाह तिराहा, सुभाषनगर, चौक में बक्सरिया की गलियां घंटों जलभराव की चपेट में रहीं।
खाली पड़े खेतों में
लगने लगा धान
शनिवार रात से रविवार को सुबह तक हुई तेज बारिश से खेत पानी से लबालब हो गए और इसी के साथ धान की रोपाई ने तेजी पकड़ ली। बता दें कि कम बारिश होने के कारण धान केलिए निर्धारित करीब दो लाख हेक्टेयर के 40 फीसदी हिस्से में रोपाई का काम ठहरा हुआ था। जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय के अनुसार लघु और मध्यम जोत के जो किसान अभी तक धान की पौध नहीं लगा पाए, उनके लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। इससे गन्ना पेड़ी की बढ़वार भी तेज हो सकेगी।
बारिश का दौर जारी
रहने का अनुमान
शनिवार रात से मौसम ने करवट बदली है और अगले एक-दो दिन तक रुककर पर्याप्त वर्षा होने का अनुमान है। रविवार सुबह 82 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। रात के तापमान में भी दो डिग्री से अधिक की गिरावट आ गई। वातावरण में नमी बढ़ने से आर्द्रता बढ़कर 85 फीसदी हो गई। दिन में हल्की धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। बारिश का सिलसिला जारी रहने से गन्ना और अन्य मौसमी फसलों को भी फायदा होना तय है। बारिश केसाथ हवा के तेज झोंके गन्ना पेड़ी को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
-एसएस यादव, मौसम विश्लेषक, गन्ना शोध परिषद