फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   चालक की बरामदगी न होने पर किया चक्का जाम

चालक की बरामदगी न होने पर किया चक्का जाम

Mon, 30 Jun 2014 05:33 AM IST
Shahjahanpur
Shahjahanpur Updated Mon, 30 Jun 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
13 दिन से लापता चल रहा है बोलेरो चालक सोनपाल
विज्ञापन

- चार घंटे तक जाम रहा स्टेट हाईवे, लोगों को उठानी पड़ी भारी परेशानी
- पीने के पानी तक के पड़े लाले, एएसपी ने संभाला मामला, दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। तेरह दिन से लापता बोलेरो गाड़ी चालक का पता नहीं चलने पर आक्रोशित लोगों ने रविवार को मुख्य चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। एएसपी (ग्रामीण) पीपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को शांत किया और दो दिन में मामले का खुलासा करने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। लगभग चार घंटे तक लगे रहे जाम से पुवायां, गोला, बंडा और मेन मार्केट में वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम में फंसे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि नगर के मोहल्ला पूर्वी गढ़ी निवासी सोनपाल गांव रुजहा कलां के संदीप की बोलेरो गाड़ी पर चालक था। 16 जून की शाम छह बजे गांव हीरपुर निवासी हरजिंदर सिंहनैनीताल जाने की बात कहकर तीन दिन के लिए गाड़ी किराए पर लेकर गया था। चालक के वापस नहीं आने पर सोमवार को एसपी के आदेश पर चालक के पिता सकटेलाल की ओर से हरजिंदर सिंह के खिलाफ सोनपाल के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो चालक के परिवार की तमाम महिलाओं ने बुधवार को थाने का घेराव किया था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को पीलीभीत पुलिस ने डिग्री कॉलेज चौराहे पर खड़ी बोलेरो बरामद कर ली थी। जानकारी पाकर पहुंची खुटार पुलिस वाहन को थाने ले आई। इसके बाद अपहरण के आरोपी किसान से पूछताछ की गई, लेकिन सोनपाल के बारे में कुछ भी पता नहीं लग सका। शनिवार को आरोपी ने सीने में दर्द की शिकायत की, इस पर उसे शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। परिवार के लोगों का आरोप था कि पुलिस ने आरोपी से साठगांठ कर ली है जिस कारण उससे ठीक ढंग से पूछताछ तक नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

शनिवार को चालक के परिवार के लोगों और तमाम वाहन चालकों ने कांग्रेस नेत्री संतोष शर्मा के नेतृत्व में मुख्य चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे सीओ ने लोगों को हड़काया तो भीड़ ने उन्हें दौड़ा लिया। उधर, व्यापारियों ने भी चालक का पता लगाने की मांग को लेकर मार्केट बंद कर दिया। एसडीएम विनय पाठक, सीओ बीएस मौतला ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। बाद में दोपहर डेढ़ बजे एएसपी पीपी सिंह ने लोगों से वार्ता कर घटना के खुलासे के लिए दो दिन का समय मांगा। उनकी बात से सहमत हुए लोगों ने जाम खोल दिया। वार्ता के दौरान ब्लाक प्रमुख मनोज त्रिवेदी, चेयरमैन गुड्डी देवी के पति लक्ष्मण गुप्ता, सत्यम शुक्ला, अखिलेश मिश्रा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।




जाम खोलो वरना होगा कलान जैसा हश्र
- सीओ के धमकाने पर लोग हुए उग्र, उल्टे पैर लौटे सीओ
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। चक्का जाम और भीड़ के उग्र होने पर अधिकारी अक्सर संयम से काम लेकर मामले को निपटाने का प्रयास करते हैं, लेकिन सीओ पुवायां बीएस मौतला ने इसके विपरीत लोगों को भड़काने वाली कह डाली। नतीजा हुआ कि उन्हें उल्टे पैर वापस आना पड़ा।
चालक सोनपाल की बरामदगी की मांग को लेकर दो दिन पूर्व तमाम लोगों ने थाने का घेराव किया था। जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे सीओ ने परिवार के लोगों को हड़काते हुए कहा था कि थाने पर बैठे रहने से चालक की बरामदगी नहीं होगी। चाहे जब तक बैठे रहो। उस समय सीओ ने भीड़ को समझाकर शांत कर दिया था। रविवार को चालक के परिवार के लोगों के साथ तमाम लोगों ने मुख्य चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे सीओ ने लोगों को हड़काते हुए जाम खोलने को कहा और जाम नहीं खोलने पर कलान जैसा हश्र करने की चेतावनी दे डाली। सीओ के व्यवहार से भीड़ उग्र हो उठी और सीओ को दौड़ा लिया। सीओ अपने वाहन में बैठकर जाम स्थल से आधा किमी दूर जाकर रुके। इसके बाद एसडीएम आदि के पहुंचने पर वार्ता के दौरान भी सीओ लखनऊ से प्रकाशित एक अखबार के पत्रकार से उलझ गए। सीओ की कार्यशैली पर विरोध दर्ज कराने पहुंचे व्यापारी छैलबिहारी सर्राफ आदि से भी सीओ उलझ बैठे। इसके बाद व्यापारियों से उनकी जमकर हॉट टॉक हुई। बाद में लोगों ने बमुश्किल मामला शांत किया। सीओ के व्यवहार से लोगों में रोष है।



खुटार में आखिर क्यों बिगड़े हालात?
पुलिस और आरोपी की नजदीकी से भड़का रोष
- इस मामले में शुरू से ही पुलिस का रहा टालू रवैया
- पुलिस ने आरोपी के बजाय चालक के घर को खंगाला
- एक प्रधान पति और पूर्व प्रधान करते रहे पुलिस और आरोपी के बीच मध्यस्थता
हरिओम त्रिवेदी
पुवायां। चालक सोनपाल के गायब होने के बाद आखिर ऐसी नौबत क्यों आई जिससे लोगों को चक्का जाम का फैसला लेना पड़ा? इसके पीछे पुलिस की लचर कार्यशैली और दलालों के इशारे पर काम करना सामने आ रहा है।
खुटार निवासी सोनपाल के परिवार और वाहन स्वामी के अनुसार गांव हीरपुर का हरजिंदर वाहन को 16 जून को नैनीताल जाने की बात कहकर ले गया था। उसके वापस नहीं आने पर हरजिंदर से संपर्क किया गया तो उसने सोनपाल के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, इससे परिवार के लोगों का शक बढ़ गया। 21 जून को वाहन स्वामी ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस ने एक प्रधान पति के मार्फत हरजिंदर से साठगांठ कर ली और कोई कार्रवाई नहीं की। 22 जून को चालक के पिता की ओर से गुमशुदगी दर्ज की गई। परेशान पिता एसपी से मिला तो उन्होंने खुटार एसओ को कड़ी फटकार लगाई, इसके बाद मामला अपहरण की धाराओं में तरमीम किया गया, लेकिन आरोपी प्रधान पति के यहां मौज करता रहा। दलालों ने आरोपी को बचाने के लिए ताकत लगाई तो चालक के परिवार के लोगों ने 25 जून को थाने का घेराव कर डाला। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी को थाने लाकर पूछताछ शुरू की। अगले ही दिन लापता बोलेरो पीलीभीत में बरामद हो गई, लेकिन चालक का पता नहीं चल सका।
पहले से ही पुलिस से असंतुष्ट चालक के परिवार के लोग तब और भी भड़क उठे जब पुलिस उनके ही घर तलाशी लेने पहुंच गई। पुलिस ने आरोपियों के घर की तरह चालक के घर में रखे बक्से सहित मकान का कोना-कोना छान मारा। परिवार के लोगों को भी चालक के बारे में जानकारी देने को हड़काया गया। इससे लोगों में रोष फैल गया और रविवार को पुलिस की कार्यशैली के विरोध और सोनपाल की बरामदगी को लेकर चक्का जाम कर दिया गया। यहां भी सीओ के कारण माहौल खराब हो गया, लेकिन बाद में स्थित संभाल ली गई।



नेताओं के भी बीच
वर्चस्व की जंग
खुटार। चक्का जाम के दौरान नेताओं ने भी राजनीतिक रोटियां सेकने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। नेताओं के तीन गुट अपने नंबर बढ़ाने के लिए चालक के परिवार के लोगों को बरगलाते रहे।

जाम की शुरूआत में कोई नेता मौके पर नजर नहीं आया, लेकिन भीड़ बढ़ते ही कई नेता चालक के परिवार का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने के लिए मौके पर एकत्र होने शुरू हो गए। एक नेता जी ने बाजार बंद करा दिया तो दूसरे नेता ने पुलिस के खिलाफ भाषणबाजी शुरू कर दी। एक नेता जी ने तो पुलिस पर आरोपी से बड़ी रकम लेकर चुप बैठने का आरोप ही जड़ दिया। भाषण देने वाले नेता के नंबर बढ़ते देख एक और नेताजी बीच में कूद पड़े और सीओ से जा भिड़े। कुल मिलाकर किसी भी नेता को सोनपाल की बरामदगी और उसके परिवार के प्रति सहानुभूति के बजाय अपने नंबर बढ़ाने की चिंता ज्यादा दिखी। एक नेताजी जो पुलिस से नाराज चल रहे हैं, जाम में अपनी खुन्नस पूरी करते दिखे। बतातें चलें कि सोनपाल का परिवार बेहद गरीब है, लेकिन किसी भी नेता ने उसके घर जाकर सहायता करने की जरूरत नहीं समझी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed