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होली पर दो लोगों का बहा खून
Shahjahanpur
Updated Wed, 19 Mar 2014 05:33 AM IST
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- मिर्जापुर के गांव में आखत डालने जाते समय फायरिंग, एक मरा, चार घायल
- तिलहर के धनकपुर में होली मिलने गए ग्रामीण को घात लगाकर मार डाला
- साथी पर धारदार हथियारों से हमला, रायफल छीन ले गए हमलावर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सोमवार को होली के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर हुई घटना में दो लोगों की जान चली गई। मिर्जापुर के गांव सिंगहा यूसुफपुर में पुरानी रंजिश के चलते आखत डालते लोगों पर फायरिंग कर दी गई। जब वे बचकर अपने घर में छुपे तो वहां घेरकर फायरिंग की, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि महिला समेत चार लोग घायल हो गए। वहीं तिलहर के गांव धनकपुर में होली मिलने गए बंधा गांव के रामऔतार यादव उर्फ हल्ला की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई।
घर में जाकर छुपे तो
घेरकर की फायरिंग
मिर्जापुर। सिंगहा युसुफपुर गांव में हुई घटना में इसी गांव के रहने वाले त्रियुगी नारायन अवस्थी के 30 वर्षीय बेटे अजय अवस्थी की जान गई। अजय दिल्ली में डीटीसी बस के चालक थे। रविवार को वह अपने परिवार के साथ होली मनाने गांव आए थे। दिल्ली में उनके साथ ही रहकर प्राइवेट टैक्सी चलाने वाला छोटा भाई विजय उर्फ पिंटू रह रहा था। दोनों भाई अपने परिवार के साथ रविवार को दिल्ली से गांव आए थे। सोमवार की शाम करीब छह बजे त्रियुगी नारायन बेटे नारायन अवस्थी, हरी नारायन अवस्थी, अजय और विजय के साथ आखत डालने होली स्थल पर जा रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते गांव के तुलसीराम दुबे के बेटे मुनीश, प्रदीप, संतकुुमार, सुरेश समेत करीब 10-12 लोगों ने असलहों के साथ उन चारों पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सभी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की। अचानक हुई गोलीबारी से बचने कि लिए सभी लोग अपने घर की तरफ भागे। हमलावरों ने त्रियुगी नारायन के घर में घुसकर अजय, विजय, भतीजा आशीष, पत्नी प्रमिला और पड़ोस में रहने वाले विनोद कुमार की 15 वर्षीय बेटी शिवानी को घायल कर दिया। घायल अजय ने जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट अजय कुमार के भाई हरिनारायन अवस्थी की तहरीर पर हुई है। इसमें गांव के मुनीश, प्रदीप, संतकुमार, प्रवेश, सुरेश उर्फ नन्हें, कुलदीप, श्रवण कुमार, कल्लू, मुनेंद्र उर्फ मल्लू समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। घटना के पीछे बताया गया है कि मृतक अजय के चाचा देव नारायण अवस्थी का गांव में एक मकान था। उनकी मौत के बाद उनकी बड़ी बेटी से मुनीश ने अपने नाम मकान करा लिया था। इसी मकान को लेकर विवाद चल रहा था।
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हमलावरों ने सवा साल
पहले भी की थी हत्या
गांव के रहने वाले चंद्रप्रकाश की सवा साल पहले इन्हीं हमलावरों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में तुलसीराम के बेटे सुखदेव और रामदेव जेल में है। मुनीश और पप्पू अभी कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आए हैं।
घटना के बाद हमलावर पहुंचे थे थाने
घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर घायल संत कुमार को लेकर शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। जब पुलिस की मामले की हकीकत का पता लगा तो पुलिस ने हमलावरों को वहां से भगा दिया।
तिलहर के गांव धनकपुर में
घटना के बाद पीएसी तैनात
तिलहर। गांव बंधा के रहने वाले श्रीराम सिंह का बेटा 42 वर्षीय रामऔतार यादव उर्फ हुल्ला सोमवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे गांव के ही चरन सिंह के साथ धनकपुर में राजपाल के घर होली मिलने गए थे। रिपोर्ट के अनुसार हुल्ला के साथ में भाई महेंद्र सिंह भी था। जैसे ही रामऔतार और चरन सिंह लक्ष्मीनारायण के घर के पास से निकले तभी पहले से घात लगाये बैठे गिरधारी, दयाराम, राजेश, जयसिंह, अवनीश कुमार, मोहित, सीताराम उर्फ नन्हें, हरद्वारी और सूबेदार ने उन पर हमला बोल दिया। महेंद्र सिंह ने आवाज सुनकर वहां पहुंचा तो देखा कि वे लोग राजपाल और रामऔतार को भाला, कांता, तलवार और बांकाें से मार रहे थे। ललकारने पर ये लोग राजपाल की लाइसेंसी राइफल छीन कर भाग गए। रामऔतार यादव उर्फ हुल्ला तथा राजपाल गंगवार को सीएचसी लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हुल्ला को डॉक्टरों ने मृृत घोषित कर दिया, जबकि राजपाल गंगवार को गंभीर अवस्था में बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां देर शाम उसका आपरेशन किया गया। उधर, सूचना मिलने के घ्ंाटे भर बाद पहुंची पुलिस ने गांव की नाकेबंदी कर दी और हमलावरों की तलाश में कांबिंग की। देर रात एएसपी शिवशंकर यादव ने घटनास्थल का मुआयना किया और शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पीएसी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सीओ ने बताया कि एक आरोपी हरद्वारी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पत्नी की मानता तो नहीं
जाती हुल्ला की जान
कहते हैं होनी को कोई नहीं टाल सकता। हुल्ला जब घर से धनकपुर जाने को निकला तो पत्नी उर्मिला ने रोककर कहा, अभी रहने दो, फिर हो आना, परंतु वह नहीं माना और पत्नी को झिड़ककर चल दिया। शायद उर्मिला की बात मानी होती तो हुल्ला की जान न जाती।
पापा के आने की
बाट जोह रहे बच्चेे
रामऔतार उर्फ हुल्ला के तीन बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी 14 वर्षीय पुत्री शिल्पी, 12 वर्षीय बेटा शिवम् और दस वर्षीय हिमांशु घटना के बाद से पूरी तरह सदमे में हैं और पापा के वापस आने की बाट जोह रहे हैं।
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- तिलहर के धनकपुर में होली मिलने गए ग्रामीण को घात लगाकर मार डाला
- साथी पर धारदार हथियारों से हमला, रायफल छीन ले गए हमलावर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सोमवार को होली के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर हुई घटना में दो लोगों की जान चली गई। मिर्जापुर के गांव सिंगहा यूसुफपुर में पुरानी रंजिश के चलते आखत डालते लोगों पर फायरिंग कर दी गई। जब वे बचकर अपने घर में छुपे तो वहां घेरकर फायरिंग की, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि महिला समेत चार लोग घायल हो गए। वहीं तिलहर के गांव धनकपुर में होली मिलने गए बंधा गांव के रामऔतार यादव उर्फ हल्ला की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई।
घर में जाकर छुपे तो
घेरकर की फायरिंग
मिर्जापुर। सिंगहा युसुफपुर गांव में हुई घटना में इसी गांव के रहने वाले त्रियुगी नारायन अवस्थी के 30 वर्षीय बेटे अजय अवस्थी की जान गई। अजय दिल्ली में डीटीसी बस के चालक थे। रविवार को वह अपने परिवार के साथ होली मनाने गांव आए थे। दिल्ली में उनके साथ ही रहकर प्राइवेट टैक्सी चलाने वाला छोटा भाई विजय उर्फ पिंटू रह रहा था। दोनों भाई अपने परिवार के साथ रविवार को दिल्ली से गांव आए थे। सोमवार की शाम करीब छह बजे त्रियुगी नारायन बेटे नारायन अवस्थी, हरी नारायन अवस्थी, अजय और विजय के साथ आखत डालने होली स्थल पर जा रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते गांव के तुलसीराम दुबे के बेटे मुनीश, प्रदीप, संतकुुमार, सुरेश समेत करीब 10-12 लोगों ने असलहों के साथ उन चारों पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सभी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की। अचानक हुई गोलीबारी से बचने कि लिए सभी लोग अपने घर की तरफ भागे। हमलावरों ने त्रियुगी नारायन के घर में घुसकर अजय, विजय, भतीजा आशीष, पत्नी प्रमिला और पड़ोस में रहने वाले विनोद कुमार की 15 वर्षीय बेटी शिवानी को घायल कर दिया। घायल अजय ने जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
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पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट अजय कुमार के भाई हरिनारायन अवस्थी की तहरीर पर हुई है। इसमें गांव के मुनीश, प्रदीप, संतकुमार, प्रवेश, सुरेश उर्फ नन्हें, कुलदीप, श्रवण कुमार, कल्लू, मुनेंद्र उर्फ मल्लू समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। घटना के पीछे बताया गया है कि मृतक अजय के चाचा देव नारायण अवस्थी का गांव में एक मकान था। उनकी मौत के बाद उनकी बड़ी बेटी से मुनीश ने अपने नाम मकान करा लिया था। इसी मकान को लेकर विवाद चल रहा था।
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हमलावरों ने सवा साल
पहले भी की थी हत्या
गांव के रहने वाले चंद्रप्रकाश की सवा साल पहले इन्हीं हमलावरों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में तुलसीराम के बेटे सुखदेव और रामदेव जेल में है। मुनीश और पप्पू अभी कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आए हैं।
घटना के बाद हमलावर पहुंचे थे थाने
घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर घायल संत कुमार को लेकर शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। जब पुलिस की मामले की हकीकत का पता लगा तो पुलिस ने हमलावरों को वहां से भगा दिया।
तिलहर के गांव धनकपुर में
घटना के बाद पीएसी तैनात
तिलहर। गांव बंधा के रहने वाले श्रीराम सिंह का बेटा 42 वर्षीय रामऔतार यादव उर्फ हुल्ला सोमवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे गांव के ही चरन सिंह के साथ धनकपुर में राजपाल के घर होली मिलने गए थे। रिपोर्ट के अनुसार हुल्ला के साथ में भाई महेंद्र सिंह भी था। जैसे ही रामऔतार और चरन सिंह लक्ष्मीनारायण के घर के पास से निकले तभी पहले से घात लगाये बैठे गिरधारी, दयाराम, राजेश, जयसिंह, अवनीश कुमार, मोहित, सीताराम उर्फ नन्हें, हरद्वारी और सूबेदार ने उन पर हमला बोल दिया। महेंद्र सिंह ने आवाज सुनकर वहां पहुंचा तो देखा कि वे लोग राजपाल और रामऔतार को भाला, कांता, तलवार और बांकाें से मार रहे थे। ललकारने पर ये लोग राजपाल की लाइसेंसी राइफल छीन कर भाग गए। रामऔतार यादव उर्फ हुल्ला तथा राजपाल गंगवार को सीएचसी लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हुल्ला को डॉक्टरों ने मृृत घोषित कर दिया, जबकि राजपाल गंगवार को गंभीर अवस्था में बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां देर शाम उसका आपरेशन किया गया। उधर, सूचना मिलने के घ्ंाटे भर बाद पहुंची पुलिस ने गांव की नाकेबंदी कर दी और हमलावरों की तलाश में कांबिंग की। देर रात एएसपी शिवशंकर यादव ने घटनास्थल का मुआयना किया और शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पीएसी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सीओ ने बताया कि एक आरोपी हरद्वारी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पत्नी की मानता तो नहीं
जाती हुल्ला की जान
कहते हैं होनी को कोई नहीं टाल सकता। हुल्ला जब घर से धनकपुर जाने को निकला तो पत्नी उर्मिला ने रोककर कहा, अभी रहने दो, फिर हो आना, परंतु वह नहीं माना और पत्नी को झिड़ककर चल दिया। शायद उर्मिला की बात मानी होती तो हुल्ला की जान न जाती।
पापा के आने की
बाट जोह रहे बच्चेे
रामऔतार उर्फ हुल्ला के तीन बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी 14 वर्षीय पुत्री शिल्पी, 12 वर्षीय बेटा शिवम् और दस वर्षीय हिमांशु घटना के बाद से पूरी तरह सदमे में हैं और पापा के वापस आने की बाट जोह रहे हैं।