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इमली रोड पर गड्ढों की भरमार
Shahjahanpur
Updated Fri, 07 Mar 2014 05:33 AM IST
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शाहजहांपुर। कैंट एरिया से होते हुए ओसीएफ फैक्ट्री और पुवायां मार्ग की ओर जाने पर इमली रोड से गुजरना पड़ता है। यह इमली रोड अब जर्जर हालातों में पहुंच गया है। रोड पर भारी गड्ढे होने से वहां से गुजरने में राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर गड्ढे इतने गहरे हैं कि चौपहिया वाहनों को भी बहुत ही सावधानी से निकलना पड़ता है। इस सड़क पर आए दिन रिक्शे पलटने की घटनाएं होती रहतीं हैं। इसके बाद भी एमईएस विभाग की ओर से सड़क के गड्ढे भरवाने और मरम्मत करवाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बता दें कि शहर की बदहाल सड़कों की वजह से जहां शहर में एक ओर हरदम जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं बदहाल सड़कों से दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो गया है। ऐसे में निगोही और पुवायां की ओर जाने वाले लोग रोडवेज बस अड्डे होकर जाने के बजाय इमली रोड होते हुए निकल जाते हैं। इससे उन लोगों को समय के साथ ही जाम के झाम से भी निजात मिल जाती थी, लेकिन अब इस सड़क पर भी गड्ढों का साम्राज्य हो जाने से उन लोगों पर आगे कुंआ और पीछे खाई वाली कहावत एकदम फिट बैठती है।
सड़क की हालत इतनी खराब होने के बावजूद इस सड़क पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एमईएस के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए बैठे हैं, जिसकी सजा पुवायां और निगोही जाने वाले लोगों को भुगतनी पड़ रही है। यहां यह भी बता दें कि सड़क की सुरक्षा के लिए ग्वालटोली के पास एक बैरियर लगवाया गया था, जिससे कि भारी वाहनों का इस सड़क से आवागमन रोका जा सके। हालांकि यह व्यवस्था कुछ दिन ही चल पाई। क्योंकि बाद में बैरियर ही उखाड़ दिया गया, जिससे सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया और सड़क की हालात जर्जर हो गई।
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भारी वाहन गुजरने से
टूट जाती है सड़क
‘यह सड़क भारी वाहनों के गुजरने के लिए नहीं है। महाराणा प्रताप रोड और इमली रोड पर भारी वाहनों के गुजरने से रोड जल्दी टूट जाती है और दोष विभाग पर आ जाता है।’
- महेश कुमार, सहायक दुर्ग अभियंता एमईएस
बता दें कि शहर की बदहाल सड़कों की वजह से जहां शहर में एक ओर हरदम जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं बदहाल सड़कों से दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो गया है। ऐसे में निगोही और पुवायां की ओर जाने वाले लोग रोडवेज बस अड्डे होकर जाने के बजाय इमली रोड होते हुए निकल जाते हैं। इससे उन लोगों को समय के साथ ही जाम के झाम से भी निजात मिल जाती थी, लेकिन अब इस सड़क पर भी गड्ढों का साम्राज्य हो जाने से उन लोगों पर आगे कुंआ और पीछे खाई वाली कहावत एकदम फिट बैठती है।
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सड़क की हालत इतनी खराब होने के बावजूद इस सड़क पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एमईएस के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए बैठे हैं, जिसकी सजा पुवायां और निगोही जाने वाले लोगों को भुगतनी पड़ रही है। यहां यह भी बता दें कि सड़क की सुरक्षा के लिए ग्वालटोली के पास एक बैरियर लगवाया गया था, जिससे कि भारी वाहनों का इस सड़क से आवागमन रोका जा सके। हालांकि यह व्यवस्था कुछ दिन ही चल पाई। क्योंकि बाद में बैरियर ही उखाड़ दिया गया, जिससे सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया और सड़क की हालात जर्जर हो गई।
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भारी वाहन गुजरने से
टूट जाती है सड़क
‘यह सड़क भारी वाहनों के गुजरने के लिए नहीं है। महाराणा प्रताप रोड और इमली रोड पर भारी वाहनों के गुजरने से रोड जल्दी टूट जाती है और दोष विभाग पर आ जाता है।’
- महेश कुमार, सहायक दुर्ग अभियंता एमईएस