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सावधान! आंख खोलकर चलाएं वाहन
Shahjahanpur
Updated Sat, 28 Dec 2013 05:51 AM IST
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हाल-ए-शहर
शहर की अधिकांश मुख्य सड़कों पर गड्ढे
- टूटी पुलियां बन सकती हैं कभी भी हादसे का सबब
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सावधान! अगर शहर में वाहन से निकल रहे हैं, तो होशियार हो जाएं, क्योंकि शहर की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं, पुलिया टूटी हुईं हैं। साइड पटरी पर गिट्टी बिखरी पड़ी है। राहगीरों की परेशानियों में इजाफा करने में बाकी की कमी सड़कों पर हुए गड्ढे पूरे कर रहे हैं। कोहरे के दिनों में तो बहुत ही सतर्कता बरतना होगी। कोहरे के कारण सड़कों के गड्ढे और टूटी पुलिया जैसी तमाम गड़बड़ियां दूरी से नजर नहीं आती हैं। इससे हादसे होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। शहर की सड़कों की हालत यह तस्वीरें स्वयं बयां कर रही हैं।
पहला नजारा: फायर स्टेशन
के पास वाली पुलिया
शहर के अति व्यस्ततम कचहरी रोड पर फायर स्टेशन के पास स्थित पुलिया की रेलिंग टूूटने से वहां पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वाहन के जरा से बहकने पर वह लगभग 15 फीट गहरी इस पुलिया में गिर सकता है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि रात 10 बजे भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू हो जाता है। भारी वाहनों के पुलिया से गुजरने पर यदि कोई दूसरा वाहन पास होता है तो दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही वहां से चंद कदमों की दूरी पर इस्लामियां इंटर कॉलेज है, जिसकी छुट्टी होने पर वहां से गुजरने में काफी परेशानियां बनी रहती हैं। संबंधित अधिकारियाें की नजर-ए-इनायत न होने से पुलिया मरम्मत के लिए तरस रही है।
दूसरा नजारा: हाईवे पर दुर्गा
होटल के सामने का मोड़
स्टेट हाईवे पर रोडवेज बस अड्डे से कुछ ही दूरी पर स्थित दुर्गा होटल के पास वाले तिराहे की सड़क पर काफी गड्ढे हो गए हैं। इससे वहां पर हरदम हादसे होने का इंतजार बना रहता है। यहां बताते चलें कि टाउनहाल की ओर से जाने वाले वाहन हाईवे पर मुड़ते हैं। पहले तो वहां पर खतरनाक मोड़ है, दूसरा वहां पर गड्ढा होने से वाहन अक्सर फिसल जाते हैं। इससे हाईवे पर तेज गति के भारी वाहनों के चपेट में आने की आशंका बनी रहती है। पहले भी वहां पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके अब तक संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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कलान-मिर्जापुर की सड़कें भी बनीं जानलेवा
मिर्जापुर। डीएम साहब! कलान-मिर्जापुर क्षेत्र की ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर भी नजरें इनायत कर दीजिए। यहां की सड़कें तो अब जानलेवा साबित होने लगी हैं। सड़कों केे रखरखाव के लिए जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी विभाग तो इनकी मरम्मत के नाम पर गड्ढों को मिट्टी से भरवाकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है।
बता दें कि कलान-मिर्जापुर क्षेत्र को बदायूं, फर्रूखाबाद, शाहजहांपुर जिलों को जोड़ने के लिए मुरादाबाद-कानपुर स्टेट हाईवे ही है। यह रोेड इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि जिला मुख्यालय से दिल्ली की दूरी कम होने के कारण तमाम रोडवेज की बसें भी इसी रोड से दिल्ली आती-जाती हैं। यह रोड जिले की सीमा बाराकलां से फर्रूरखाबाद जिले की सीमा तक लगभग 40 किलोमीटर तक ऊबड़-खाबड़ और जंपिंग रोड के नाम से जाना जाता है। इसी रोड से गांव जरियनपुर के तारापुर तिराहे से जलालाबाद-कोला मोड़ तक करीब सात किलोमीटर तक कई जगह टूटकर खाईं-खड्डों में तब्दील हो चुका है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बना जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग भी बाढ़ में कई जगह बह गया है। इसी मार्ग से गांव मोहम्मद गुलड़िया-बानगांव संपर्क मार्ग भी तीन वर्ष पूर्व आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से अभी तक इस संपर्क मार्ग की भी मरम्मत नहीं करवाई गई है। मिर्जापुर-परौर मार्ग भी वर्ष 2010 में आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था, तब से इस मार्ग पर चौपहिया वाहनाें का आवागमन ठप है।
कस्बे के ऊबड़-खाबड़ स्टेट हाईवे की मरम्मत के नाम पर लोक निर्माण विभाग के श्रमिक मिट्टी डाल रहे हैं। रोड पर डाली जा रही मिट्टी वाहनाें के आवागमन से इस कदर उड़ती है कि सड़क पर चलने वालों और दुकानदारों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है। व्यापारी वासुदेव दीक्षित टेनी,रविनेश गुप्ता,बृजेश गुुप्ता,शैलेश गुप्ता,ओम नारायन गुप्ता, रामचंद्र गुप्ता, राकेश गुप्ता, वीरेंद्र कुशवाहा, नरेंद्र सिंह कुशवाहा,रमेश गुप्ता, राकेश गुप्ता आदि नेे प्रशासन से इस पिछड़े क्षेत्र की सड़कों की शीघ्र मरम्मत करवाने की मांग की है।
- फर्रूखाबाद-मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर हैं जगह-जगह गड्डे
मिर्जापुर। फर्रूखाबाद-मुरादाबाद स्टेट हाईवे मरम्मत के अभाव में जानलेवा साबित होने लगा है। मंगलवार सुबह दिल्ली से आ रही एक रोडवेज बस सड़क पर बने एक गड्ढे में आकर पलट जाने से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। इस बस में 25 यात्री सवार थे। दोपहिया वाहन तो आए दिन रोड के इन गड्ढों में दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। फिर भी लोक निर्माण विभाग सड़क की मरम्मत करवाने के बजाय गड्ढों को मिट्टी से समतल करवाकर काम चला रहा है।
इस रोड की दुर्दशा का आलम यह है कि जरियनपुर में तारापुर तिराहे से लेकर जिले की सीमा बाराकलां तक जगह-जगह टूट गया है। यहीं नहीं तारापुर तिराहे से लेकर जलालाबाद-कोला मोड़ तक भी सड़क पर चलना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। ऐसा नहीं है कि इस सड़क की मरम्मत न करवाई जाती हो।
हर दो तीन माह में सड़क की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिये जाते हैं, लेकिन एक तरफ रोड की मरम्मत होती जाती है, तो दूसरी तरफ बजरी और कोलतार उखड़ता जाता है।
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शहर की अधिकांश मुख्य सड़कों पर गड्ढे
- टूटी पुलियां बन सकती हैं कभी भी हादसे का सबब
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। सावधान! अगर शहर में वाहन से निकल रहे हैं, तो होशियार हो जाएं, क्योंकि शहर की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं, पुलिया टूटी हुईं हैं। साइड पटरी पर गिट्टी बिखरी पड़ी है। राहगीरों की परेशानियों में इजाफा करने में बाकी की कमी सड़कों पर हुए गड्ढे पूरे कर रहे हैं। कोहरे के दिनों में तो बहुत ही सतर्कता बरतना होगी। कोहरे के कारण सड़कों के गड्ढे और टूटी पुलिया जैसी तमाम गड़बड़ियां दूरी से नजर नहीं आती हैं। इससे हादसे होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। शहर की सड़कों की हालत यह तस्वीरें स्वयं बयां कर रही हैं।
पहला नजारा: फायर स्टेशन
के पास वाली पुलिया
शहर के अति व्यस्ततम कचहरी रोड पर फायर स्टेशन के पास स्थित पुलिया की रेलिंग टूूटने से वहां पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वाहन के जरा से बहकने पर वह लगभग 15 फीट गहरी इस पुलिया में गिर सकता है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि रात 10 बजे भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू हो जाता है। भारी वाहनों के पुलिया से गुजरने पर यदि कोई दूसरा वाहन पास होता है तो दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही वहां से चंद कदमों की दूरी पर इस्लामियां इंटर कॉलेज है, जिसकी छुट्टी होने पर वहां से गुजरने में काफी परेशानियां बनी रहती हैं। संबंधित अधिकारियाें की नजर-ए-इनायत न होने से पुलिया मरम्मत के लिए तरस रही है।
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दूसरा नजारा: हाईवे पर दुर्गा
होटल के सामने का मोड़
स्टेट हाईवे पर रोडवेज बस अड्डे से कुछ ही दूरी पर स्थित दुर्गा होटल के पास वाले तिराहे की सड़क पर काफी गड्ढे हो गए हैं। इससे वहां पर हरदम हादसे होने का इंतजार बना रहता है। यहां बताते चलें कि टाउनहाल की ओर से जाने वाले वाहन हाईवे पर मुड़ते हैं। पहले तो वहां पर खतरनाक मोड़ है, दूसरा वहां पर गड्ढा होने से वाहन अक्सर फिसल जाते हैं। इससे हाईवे पर तेज गति के भारी वाहनों के चपेट में आने की आशंका बनी रहती है। पहले भी वहां पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके अब तक संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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कलान-मिर्जापुर की सड़कें भी बनीं जानलेवा
मिर्जापुर। डीएम साहब! कलान-मिर्जापुर क्षेत्र की ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर भी नजरें इनायत कर दीजिए। यहां की सड़कें तो अब जानलेवा साबित होने लगी हैं। सड़कों केे रखरखाव के लिए जिम्मेदार पीडब्ल्यूडी विभाग तो इनकी मरम्मत के नाम पर गड्ढों को मिट्टी से भरवाकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है।
बता दें कि कलान-मिर्जापुर क्षेत्र को बदायूं, फर्रूखाबाद, शाहजहांपुर जिलों को जोड़ने के लिए मुरादाबाद-कानपुर स्टेट हाईवे ही है। यह रोेड इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि जिला मुख्यालय से दिल्ली की दूरी कम होने के कारण तमाम रोडवेज की बसें भी इसी रोड से दिल्ली आती-जाती हैं। यह रोड जिले की सीमा बाराकलां से फर्रूरखाबाद जिले की सीमा तक लगभग 40 किलोमीटर तक ऊबड़-खाबड़ और जंपिंग रोड के नाम से जाना जाता है। इसी रोड से गांव जरियनपुर के तारापुर तिराहे से जलालाबाद-कोला मोड़ तक करीब सात किलोमीटर तक कई जगह टूटकर खाईं-खड्डों में तब्दील हो चुका है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बना जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग भी बाढ़ में कई जगह बह गया है। इसी मार्ग से गांव मोहम्मद गुलड़िया-बानगांव संपर्क मार्ग भी तीन वर्ष पूर्व आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से अभी तक इस संपर्क मार्ग की भी मरम्मत नहीं करवाई गई है। मिर्जापुर-परौर मार्ग भी वर्ष 2010 में आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था, तब से इस मार्ग पर चौपहिया वाहनाें का आवागमन ठप है।
कस्बे के ऊबड़-खाबड़ स्टेट हाईवे की मरम्मत के नाम पर लोक निर्माण विभाग के श्रमिक मिट्टी डाल रहे हैं। रोड पर डाली जा रही मिट्टी वाहनाें के आवागमन से इस कदर उड़ती है कि सड़क पर चलने वालों और दुकानदारों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है। व्यापारी वासुदेव दीक्षित टेनी,रविनेश गुप्ता,बृजेश गुुप्ता,शैलेश गुप्ता,ओम नारायन गुप्ता, रामचंद्र गुप्ता, राकेश गुप्ता, वीरेंद्र कुशवाहा, नरेंद्र सिंह कुशवाहा,रमेश गुप्ता, राकेश गुप्ता आदि नेे प्रशासन से इस पिछड़े क्षेत्र की सड़कों की शीघ्र मरम्मत करवाने की मांग की है।
- फर्रूखाबाद-मुरादाबाद स्टेट हाईवे पर हैं जगह-जगह गड्डे
मिर्जापुर। फर्रूखाबाद-मुरादाबाद स्टेट हाईवे मरम्मत के अभाव में जानलेवा साबित होने लगा है। मंगलवार सुबह दिल्ली से आ रही एक रोडवेज बस सड़क पर बने एक गड्ढे में आकर पलट जाने से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। इस बस में 25 यात्री सवार थे। दोपहिया वाहन तो आए दिन रोड के इन गड्ढों में दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। फिर भी लोक निर्माण विभाग सड़क की मरम्मत करवाने के बजाय गड्ढों को मिट्टी से समतल करवाकर काम चला रहा है।
इस रोड की दुर्दशा का आलम यह है कि जरियनपुर में तारापुर तिराहे से लेकर जिले की सीमा बाराकलां तक जगह-जगह टूट गया है। यहीं नहीं तारापुर तिराहे से लेकर जलालाबाद-कोला मोड़ तक भी सड़क पर चलना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। ऐसा नहीं है कि इस सड़क की मरम्मत न करवाई जाती हो।
हर दो तीन माह में सड़क की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिये जाते हैं, लेकिन एक तरफ रोड की मरम्मत होती जाती है, तो दूसरी तरफ बजरी और कोलतार उखड़ता जाता है।