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पंचायत कर्मियों ने किया तहबाजारी में घालमेल
Shahjahanpur
Updated Mon, 18 Nov 2013 05:45 AM IST
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- निर्धारित दर से ज्यादा पर दी गईं दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। जिला पंचायत के कर्मचारियों ने मेले की तहबाजारी में भी अच्छा घालमेल किया है। खोमचे और फड़ दुकानदारों की रसीद काटकर वहां दुकानें लगवा दी हैं। इसमें काफी गोलमाल हुआ है।
मेले के सदर बाजार के बीच की लाइन जमीन पर फड़ लगाकर सामान बेचने वालों के लिए एलाट की गई है। इसका तहबाजारी रेट 30 रुपये प्रति फीट निर्धारित है, जबकि दुकानें लगाने की तहबाजारी दर 400 रुपये प्रति मीटर जिला पंचायत द्वारा निर्धारित है। फड़ की रसीद कटवाकर दुकानें लगाए कई दुकानदारों ने बताया कि जिला पंचायत की तहबाजारी वसूल करने वाले कर्मचारी उन्हें दस फीट का फड़ एलाट करके 300 रुपये की रसीद दी है, जबकि वसूली एक हजार से 12 सौ रुपये की गई है। इसी तरह मेले में घूमकर सामान बेचने वालों को खोमचे की रसीद देकर मनमाने रेट वसूल कर दुकानें लगवाकर तहबाजारी में काफी गोलमाल किया गया है।
ढाईघाट के पंडा विश्वनाथ, रमेश, मुनेश्वर आदि ने जिला पंचायत के एक बाबू पर उनके पैतृक घाट बेच देने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत जिला पंचायत अध्यक्ष एवं डीएम से की गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। जिला पंचायत के कर्मचारियों ने मेले की तहबाजारी में भी अच्छा घालमेल किया है। खोमचे और फड़ दुकानदारों की रसीद काटकर वहां दुकानें लगवा दी हैं। इसमें काफी गोलमाल हुआ है।
मेले के सदर बाजार के बीच की लाइन जमीन पर फड़ लगाकर सामान बेचने वालों के लिए एलाट की गई है। इसका तहबाजारी रेट 30 रुपये प्रति फीट निर्धारित है, जबकि दुकानें लगाने की तहबाजारी दर 400 रुपये प्रति मीटर जिला पंचायत द्वारा निर्धारित है। फड़ की रसीद कटवाकर दुकानें लगाए कई दुकानदारों ने बताया कि जिला पंचायत की तहबाजारी वसूल करने वाले कर्मचारी उन्हें दस फीट का फड़ एलाट करके 300 रुपये की रसीद दी है, जबकि वसूली एक हजार से 12 सौ रुपये की गई है। इसी तरह मेले में घूमकर सामान बेचने वालों को खोमचे की रसीद देकर मनमाने रेट वसूल कर दुकानें लगवाकर तहबाजारी में काफी गोलमाल किया गया है।
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ढाईघाट के पंडा विश्वनाथ, रमेश, मुनेश्वर आदि ने जिला पंचायत के एक बाबू पर उनके पैतृक घाट बेच देने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत जिला पंचायत अध्यक्ष एवं डीएम से की गई है।
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