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गो सदन की खाई जोत कर बो दिया गया गेहूं
Shahjahanpur
Updated Thu, 07 Nov 2013 05:44 AM IST
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अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
- गत वर्ष सीमांकन कर खुदवाई गई थीं खाई
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। खुटार स्थित राजकीय गोसदन की लगभग सौ मीटर खाई को जोतकर अवैध रूप से गेहूं की फसल बो दी गई है। अधिकारी इस ओर से आंख मूंदकर बैठे हैं। चर्चा है कि गेहूं बोए जाने के मामले में कुछ कर्मचारियों की भी संलिप्तता है।
खुटार के गांव सिमरा वीरान में 383 एकड़ भूमि पर राजकीय गो सदन बना है। इसमें से काफी भूमि प्रति वर्ष ठेके पर उठाई जाती है। ठेके पर भूमि लेने वाले ज्यादा भूमि पर कब्जा कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाते हैं। तमाम भूमि पर कब्जा भी चुका था। मामले की शिकायत डीएम से की गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशिक्षु आईएएस आंद्रा बामसी के नेतृत्व में पिछले वर्ष राजस्व विभाग की टीम ने गोसदन की भूमि का सीमांकन कर भूमि के चारों ओर खाईं खुदवा दी थी।
वन विभाग को दी गई गोसदन की भूमि के पास लगभग सौ मीटर खाईं को पाटकर गेहूं की फसल बो दी गई है। मामले की शिकायत गांव के कुछ लोगों ने डीएम से की है। पत्र में कहा गया है कि अवैध रूप से बोई गई इस फसल के मामले में गोसदन से जुडे़ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। आरोप है कि कर्मचारियों की मिलीभगत से ही गेहूं की फसल बोई गई है। इस संबंध में गोसदन के कार्यवाहक व्यवस्थापक डॉ. एसके अग्रवाल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताता रहा।
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- गत वर्ष सीमांकन कर खुदवाई गई थीं खाई
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। खुटार स्थित राजकीय गोसदन की लगभग सौ मीटर खाई को जोतकर अवैध रूप से गेहूं की फसल बो दी गई है। अधिकारी इस ओर से आंख मूंदकर बैठे हैं। चर्चा है कि गेहूं बोए जाने के मामले में कुछ कर्मचारियों की भी संलिप्तता है।
खुटार के गांव सिमरा वीरान में 383 एकड़ भूमि पर राजकीय गो सदन बना है। इसमें से काफी भूमि प्रति वर्ष ठेके पर उठाई जाती है। ठेके पर भूमि लेने वाले ज्यादा भूमि पर कब्जा कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाते हैं। तमाम भूमि पर कब्जा भी चुका था। मामले की शिकायत डीएम से की गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशिक्षु आईएएस आंद्रा बामसी के नेतृत्व में पिछले वर्ष राजस्व विभाग की टीम ने गोसदन की भूमि का सीमांकन कर भूमि के चारों ओर खाईं खुदवा दी थी।
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वन विभाग को दी गई गोसदन की भूमि के पास लगभग सौ मीटर खाईं को पाटकर गेहूं की फसल बो दी गई है। मामले की शिकायत गांव के कुछ लोगों ने डीएम से की है। पत्र में कहा गया है कि अवैध रूप से बोई गई इस फसल के मामले में गोसदन से जुडे़ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। आरोप है कि कर्मचारियों की मिलीभगत से ही गेहूं की फसल बोई गई है। इस संबंध में गोसदन के कार्यवाहक व्यवस्थापक डॉ. एसके अग्रवाल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताता रहा।
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