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सिसौआ के दो घरों में लाखों का डाका
Shahjahanpur
Updated Tue, 07 May 2013 05:30 AM IST
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चौबीस घंटे में दूसरी डकैती से थर्राया इलाका
- 15 लाख नगदी और जेवर लूट ले गए डकैत
- महिलाओं को बांधकर डाला, पिटाई भी की
अमर उजाला ब्यूरो
रोजा। गांव जमुका में शनिवार की रात पड़ी डकैती के खुलासे को पुलिस अभी कोई क्लू भी नहीं तलाश पाई थी कि रविवार की रात सिसौआ गांव के दो घरों में एक और डकैती पड़ गई। दर्जन भर सशस्त्रधारी डकैतों ने गांव के दो घरों में परिवार के लोगों को बंाधकरकरीब नौ लाख रुपये नगद सहित 15 लाख रुपये का सामान आदि लूट लिया। डकैतों ने विरोध करने पर महिलाओं की पिटाई भी की।
थाना क्षेत्र के गांव सिसौआ निवासीसद्दीक और शरीफ सगे भाई हैं। सद्दीक की परचूनी की दुकान है और शरीफ बिल्ंिडग मैटेरियल एवं हार्डवेयर की दुकान के अलावा कालीन का काम भी करता है। सद्दीक ने बताया कि सोमवार की रात वह तख्त पर सो रहा था। इसी दौरान रात करीब एक बजे दो बदमाशों ने उसे तमंचों के बल पर दबोच लिया और घर का दरवाजा खुलवाया। चार डकैतों ने महिलाओं को बांध दिया। दो अन्य डकैतों ने संदूक का ताला खोला और उसमें रखे चार हजार रुपये सहित करीब दस हजार रुपये मूल्य का घरेलू सामान लूट लिया।
सद्दीक के अनुसार डकैतों ने उसके और पत्नी के हाथ पीछे बांधकर छप्पर के नीचे डाल दिया। एक डकैत वहीं खड़ा रहा। इसके बाद वह शरीफ के घर सीढ़ी लगाकर चढ़ गए। वहां छत पर सो रहे शरीफ को उन्होंने जगाया। कहा, बाहर दीवान जी बुला रहे हैं। शरीफ ने जीने से उतरकर दरवाजा खोला ही था कि उनके घर भी करीब दस-बारह डकैत घुस गए और शरीफ को पकड़ लिया।
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शरीफ ने बताया कि डकैतों ने एक-एक करके सभी महिलाओं को बांध दिया। फिर बढ़े इत्मीनान से संदूक का ताला तोड़कर उसमें रखे नौ लाख रुपये नगद सहित 15 लाख का माल लूट लिया। शरीफ के अनुसार आठ लाख रुपये सीमेंट मंगवाने को रखे हुए थे, जबकि एक लाख रुपये बच्चों, पत्नी और मां की गोलकों से निकाल ले गए। घटना की जानकारी पर रोजा पुलिस मौके पर गई, लेकिन कोई भी हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया है।
पहने हुए जेवरात
भी ले गए डकैत
गांव सिसौआ में डकैती की घटना के बाद दहशत में आई शरीफ की पत्नी अनीशा बेगम ने पुलिस को बताया कि सीढ़ी के सहारे पहले एक डकैत मकान के पश्चिमी भाग पर लगी सीढ़ी के सहारे घर में घुसा था। उसने कहा कि बाहर दीवान जी बुला रहे हैं। जैसे ही पति ने दरवाजा खोला, तभी असलहों से लैस करीब दर्जन भर लोग उसके घर में घुस आये और सभी को बांध दिया। डकैतों ने हमारे पहने हुए जेवरात, मां अख्तरी बेगम और बेटी फूलबानों के जेवरात भी उतरवा लिए।
सभी डकैत पैंट
पर बांधे थे शर्ट
पीड़िता फूलबानों ने पुलिस को बताया कि सभी डकैत 25 से 30 के उम्र के थे, जो पैंट पर अपनी शर्टें बांधें हुए थे। यह लोग गोलक में रखे करीब 15 हजार रुपये मय गोलक के ले गए हैं। करीब दो घंटे तक डकैत घर में तांडव करते रहे।
और अब कैसे होगी
हमारे पोते की शादी
अपने दोनों बेटों के घर डकैती का मंजर देखने वाली बूढ़ी मां अख्तारी बेगम जोर-जोर से दहाड़े मारकर रो रही थी कि अब हमारे पोते की शादी कैसे होगी? बता दें कि 12 मई को शरीफ के भतीजे की बारात होनी थी, जिसकी जोर-शोर से तैयारी चल रही थी। इसी सिलसिले में सद्दीक अपने बच्चों के लिए दो दिन पहले ही पांच हजार के कपड़े खरीद कर लाया था, जो डकैत उठा ले गए। एक सप्ताह बाद होने वाली शादी में इस परिवार के अधिकतर लोग पुराने ही कपड़ों से बारात में शिरकत करेंगे।
जबावदेही से बचने को किया
अपराध का अल्पीकरण
दो दिनों में तीन घरों में पड़ी डकैती ने एक बार यह साफ कर दिया है कि रोजा थाना क्षेत्र में डकैतों पर पुलिस का कोई भय नहीं है। अपराधियों के हौसले इसलिये और भी बुलंद होते हैं कि बड़ी वारदात को भी पुलिस अपनी जबावदेही और जिम्मेदारी से बचने को अपराध का अल्पीकरण कर देती है। दोनों घरों में पड़ी तीन डकैती के मामले में सिर्फ चोरी के अपराध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और प्रगति के नाम पर परिणाम शून्य ही दिखाई दे रहे हैं। यह तो सिर्फ एक बानगी मात्र है। ऐसे पूरे जिले में दर्जनों वाकए हुए होंगे, जिनका पुलिस कार्यप्रणाली के चलते अल्पीकरण किया गया है और उनकी जबावदेही के लिये किसी जिम्मेदार अफसर को तलब करने की शासन और प्रशासन ने जहमत तक नही उठायी।
गांव सिसौआ की घटना को ही लें तो पुलिस के एक दरोगा तो रात ही मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन दिन के 11 बजे तक एसओ को घटना स्थल पर जाने की फुरसत नहीं मिली। इस मामले में सीओ सदर संजय कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि एसओ ने बताया है कि दो चोरों ने एक घर में चोरी की है। डकैती जैसी कोई बात नहीं है, जिससे साफ है कि उच्च स्तरीय अधिकारी भी मातहतों के दिशा-निर्देश पर काम कर रहे हैं। दो दिनों के दोनों प्रकरणों में पुलिस के पास रटारटाया जवाब है कि दोनों पीड़ित पक्ष राइफल का लाइसेंस मांग रहे थे। न लिखने पर इस तरह का नाटक रचा है। जांच चल रही है कार्रवाई की जाएगी।
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- 15 लाख नगदी और जेवर लूट ले गए डकैत
- महिलाओं को बांधकर डाला, पिटाई भी की
अमर उजाला ब्यूरो
रोजा। गांव जमुका में शनिवार की रात पड़ी डकैती के खुलासे को पुलिस अभी कोई क्लू भी नहीं तलाश पाई थी कि रविवार की रात सिसौआ गांव के दो घरों में एक और डकैती पड़ गई। दर्जन भर सशस्त्रधारी डकैतों ने गांव के दो घरों में परिवार के लोगों को बंाधकरकरीब नौ लाख रुपये नगद सहित 15 लाख रुपये का सामान आदि लूट लिया। डकैतों ने विरोध करने पर महिलाओं की पिटाई भी की।
थाना क्षेत्र के गांव सिसौआ निवासीसद्दीक और शरीफ सगे भाई हैं। सद्दीक की परचूनी की दुकान है और शरीफ बिल्ंिडग मैटेरियल एवं हार्डवेयर की दुकान के अलावा कालीन का काम भी करता है। सद्दीक ने बताया कि सोमवार की रात वह तख्त पर सो रहा था। इसी दौरान रात करीब एक बजे दो बदमाशों ने उसे तमंचों के बल पर दबोच लिया और घर का दरवाजा खुलवाया। चार डकैतों ने महिलाओं को बांध दिया। दो अन्य डकैतों ने संदूक का ताला खोला और उसमें रखे चार हजार रुपये सहित करीब दस हजार रुपये मूल्य का घरेलू सामान लूट लिया।
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सद्दीक के अनुसार डकैतों ने उसके और पत्नी के हाथ पीछे बांधकर छप्पर के नीचे डाल दिया। एक डकैत वहीं खड़ा रहा। इसके बाद वह शरीफ के घर सीढ़ी लगाकर चढ़ गए। वहां छत पर सो रहे शरीफ को उन्होंने जगाया। कहा, बाहर दीवान जी बुला रहे हैं। शरीफ ने जीने से उतरकर दरवाजा खोला ही था कि उनके घर भी करीब दस-बारह डकैत घुस गए और शरीफ को पकड़ लिया।
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शरीफ ने बताया कि डकैतों ने एक-एक करके सभी महिलाओं को बांध दिया। फिर बढ़े इत्मीनान से संदूक का ताला तोड़कर उसमें रखे नौ लाख रुपये नगद सहित 15 लाख का माल लूट लिया। शरीफ के अनुसार आठ लाख रुपये सीमेंट मंगवाने को रखे हुए थे, जबकि एक लाख रुपये बच्चों, पत्नी और मां की गोलकों से निकाल ले गए। घटना की जानकारी पर रोजा पुलिस मौके पर गई, लेकिन कोई भी हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया है।
पहने हुए जेवरात
भी ले गए डकैत
गांव सिसौआ में डकैती की घटना के बाद दहशत में आई शरीफ की पत्नी अनीशा बेगम ने पुलिस को बताया कि सीढ़ी के सहारे पहले एक डकैत मकान के पश्चिमी भाग पर लगी सीढ़ी के सहारे घर में घुसा था। उसने कहा कि बाहर दीवान जी बुला रहे हैं। जैसे ही पति ने दरवाजा खोला, तभी असलहों से लैस करीब दर्जन भर लोग उसके घर में घुस आये और सभी को बांध दिया। डकैतों ने हमारे पहने हुए जेवरात, मां अख्तरी बेगम और बेटी फूलबानों के जेवरात भी उतरवा लिए।
सभी डकैत पैंट
पर बांधे थे शर्ट
पीड़िता फूलबानों ने पुलिस को बताया कि सभी डकैत 25 से 30 के उम्र के थे, जो पैंट पर अपनी शर्टें बांधें हुए थे। यह लोग गोलक में रखे करीब 15 हजार रुपये मय गोलक के ले गए हैं। करीब दो घंटे तक डकैत घर में तांडव करते रहे।
और अब कैसे होगी
हमारे पोते की शादी
अपने दोनों बेटों के घर डकैती का मंजर देखने वाली बूढ़ी मां अख्तारी बेगम जोर-जोर से दहाड़े मारकर रो रही थी कि अब हमारे पोते की शादी कैसे होगी? बता दें कि 12 मई को शरीफ के भतीजे की बारात होनी थी, जिसकी जोर-शोर से तैयारी चल रही थी। इसी सिलसिले में सद्दीक अपने बच्चों के लिए दो दिन पहले ही पांच हजार के कपड़े खरीद कर लाया था, जो डकैत उठा ले गए। एक सप्ताह बाद होने वाली शादी में इस परिवार के अधिकतर लोग पुराने ही कपड़ों से बारात में शिरकत करेंगे।
जबावदेही से बचने को किया
अपराध का अल्पीकरण
दो दिनों में तीन घरों में पड़ी डकैती ने एक बार यह साफ कर दिया है कि रोजा थाना क्षेत्र में डकैतों पर पुलिस का कोई भय नहीं है। अपराधियों के हौसले इसलिये और भी बुलंद होते हैं कि बड़ी वारदात को भी पुलिस अपनी जबावदेही और जिम्मेदारी से बचने को अपराध का अल्पीकरण कर देती है। दोनों घरों में पड़ी तीन डकैती के मामले में सिर्फ चोरी के अपराध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और प्रगति के नाम पर परिणाम शून्य ही दिखाई दे रहे हैं। यह तो सिर्फ एक बानगी मात्र है। ऐसे पूरे जिले में दर्जनों वाकए हुए होंगे, जिनका पुलिस कार्यप्रणाली के चलते अल्पीकरण किया गया है और उनकी जबावदेही के लिये किसी जिम्मेदार अफसर को तलब करने की शासन और प्रशासन ने जहमत तक नही उठायी।
गांव सिसौआ की घटना को ही लें तो पुलिस के एक दरोगा तो रात ही मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन दिन के 11 बजे तक एसओ को घटना स्थल पर जाने की फुरसत नहीं मिली। इस मामले में सीओ सदर संजय कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि एसओ ने बताया है कि दो चोरों ने एक घर में चोरी की है। डकैती जैसी कोई बात नहीं है, जिससे साफ है कि उच्च स्तरीय अधिकारी भी मातहतों के दिशा-निर्देश पर काम कर रहे हैं। दो दिनों के दोनों प्रकरणों में पुलिस के पास रटारटाया जवाब है कि दोनों पीड़ित पक्ष राइफल का लाइसेंस मांग रहे थे। न लिखने पर इस तरह का नाटक रचा है। जांच चल रही है कार्रवाई की जाएगी।