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कृष्ण जन्म का प्रसंग सुन श्रोता भाव विभोर
Shahjahanpur
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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कुर्रिया कलां। गांव में चल रही श्रीमदभागवत में कथा व्यास रमण बिहारी मिश्र ने कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
श्री मिश्र ने कथा में सुनाया कि मथुरा के राजा कंस ने आकाशवाणी द्वारा अपनी मृत्यु का कारण जब अपनी बहन के पुत्र से सुना तो उसने अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को कारागार में डाल दिया। वहीं कारागार में देवकी और वासुदेव के जब सातों पुत्रों को कंस ने मार डाला तो कृष्ण जन्म से पहले देवताओं ने ऐसी व्यवस्था कर दी कि वासुदेव ने अपने पुत्र कृष्ण को नंद बाबा के यहां गोकुल पहुंचा दिया और यशोदा की पुत्री को स्वयं लाकर कंस को दे दिया।
कंस को बताया कि यही आठवां बच्चा है, जिसको उसने पत्थर पर पटककर मारना चाहा, लेकिन लड़की हाथ से छिटककर आकाश में चली गई और बताया कि तुम्हारा संहारकर्ता गोकुल में है। अब तुम्हारा अंत निकट है।
कथा के मध्य कृष्ण जन्म की झांकी निकाली गई। इस दौरान भक्तों ने अबीर गुलाल उड़ाकर कृष्ण जन्म मनाया। इस मौके पर भगवत प्रसाद, विनोद कुमार शर्मा, सुरेश कुमार, उपेंद्र सिंह ने सुंदर भजन सुनाए। आयोजन में बृजेश मिश्रा, राकेश मिश्रा, वीरप्रताप सिंह, आनंद अवस्थी, गौरव शुक्ल, सोनू मिश्र, हिमांशु, अर्चित, रिषभ, इला बाबा आदि का सहयोग रहा।
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श्री मिश्र ने कथा में सुनाया कि मथुरा के राजा कंस ने आकाशवाणी द्वारा अपनी मृत्यु का कारण जब अपनी बहन के पुत्र से सुना तो उसने अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को कारागार में डाल दिया। वहीं कारागार में देवकी और वासुदेव के जब सातों पुत्रों को कंस ने मार डाला तो कृष्ण जन्म से पहले देवताओं ने ऐसी व्यवस्था कर दी कि वासुदेव ने अपने पुत्र कृष्ण को नंद बाबा के यहां गोकुल पहुंचा दिया और यशोदा की पुत्री को स्वयं लाकर कंस को दे दिया।
कंस को बताया कि यही आठवां बच्चा है, जिसको उसने पत्थर पर पटककर मारना चाहा, लेकिन लड़की हाथ से छिटककर आकाश में चली गई और बताया कि तुम्हारा संहारकर्ता गोकुल में है। अब तुम्हारा अंत निकट है।
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कथा के मध्य कृष्ण जन्म की झांकी निकाली गई। इस दौरान भक्तों ने अबीर गुलाल उड़ाकर कृष्ण जन्म मनाया। इस मौके पर भगवत प्रसाद, विनोद कुमार शर्मा, सुरेश कुमार, उपेंद्र सिंह ने सुंदर भजन सुनाए। आयोजन में बृजेश मिश्रा, राकेश मिश्रा, वीरप्रताप सिंह, आनंद अवस्थी, गौरव शुक्ल, सोनू मिश्र, हिमांशु, अर्चित, रिषभ, इला बाबा आदि का सहयोग रहा।
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