{"_id":"123-55045","slug":"Shahjahanpur-55045-123","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात लोगों की मौत से दहला जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात लोगों की मौत से दहला जिला
Shahjahanpur
Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
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खबर सुनकर दहला बूढ़ी मां का कलेजा
- सिसकियां भरने लगे राजू के मासूम बच्चे, पत्नी दहाड़े मारकर रोई
अमर उजाला नेटवर्क
रोजा। दीपावली का अगला दिन, जहां परिजन त्योहार की खुशियां थीं, वहीं जवान बेटे की मौत की खबर आई तो बूढ़ी मां का कलेजा दहल उठा। वह बोली, हे भगवान अब किसके सहारे कटेगा यह बुढ़ापा। बुजुर्ग की जुबां से यह शब्द सुनकर घर में दुख जताने आए लोगों की आंखों से आंसू बहने लगे।
बुधवार को सुबह का समय था। रोजा के गांव नेवाजपुर के हार्डवेयर सामान के व्यापारी राजीव दीक्षित उर्फ राजू दुकान जाने की तैयारी कर रहे थे। घर में दीपावली के त्योहार की खुशियां थीं। दुकान पर जाते समय त्योहार की बात कहते हुए बुजुर्ग मां जलधारा ने जल्दी घर लौट आने की बात कही थी। बुजुर्ग को क्या पता था कि वह बेटे से जिस कलेजे के टुकड़े से जल्दी घर लौट कर आने की बात कह रही है, उसकी मौत की खबर आएगी। युवा व्यापारी की मौत की खबर आते ही बुजुर्ग मां जलधारा बदहवास हो गई। पत्नी सोनी दहाड़े मारकर रोने लगी और मासूम बेटी मिस्ती और बेटा लबी सिसकियां भर कर रोने लगे। वहीं खुशमिजाज दिल के राजू की मौत की खबर आकर आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। जिसने सुना वह राजू को देखने दौड़ पड़ा। मृतक के घर में कोहराम मचा गया।
राजाबाबू के घर की खुशियां
भी मातम में बदलीं
तिलहर। दीपावली का मंगल राजाबाबू उर्फ जितेंद्र के परिवार के लिए खुशियों की जगह पर मातम लेकर आया। दीपावली के पटाखे और मिठाईयों का इंतजार कर रहे राजाबाबू तीन बेटों निखिल, अर्पित, हर्षित तथा पत्नी रीता देवी पर उस समय कुदरत कहर टूट पड़ा, जब राजाबाबू की घर में मौत की खबर आई। पिता सत्य प्रकाश बेटी की मौत से आहत हैं। पोस्टमार्टम के बाद राजा बावू के परिजन उसके शव को अंत्योष्टि के लिए अपने पैतृक घर पिहानी (हरदोई) ले गये है।
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दीपावली पर प्रेमवती के घर
छाया गम का अंधेरा
पुवायां। गांव लालपुर के रामनिवास का परिवार दीपावली की सुबह बेटे जितेंद्र और बहू प्रेमवती का इंतजार कर रहा था। वह दोनों तो नहीं आए, लेकिन प्रेमवती की मौत की मनहूस खबर ने घर की खुशियों को मातम में तब्दील कर दिया। नगरिया मोड़ से तिलहर पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि उनका पुत्र दुर्घटना में गंभीर जख्मी हो गया है। दुर्घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहरम मच गया। घर के कई सदस्य मौके पर पहुंचे तो वहां दूसरी हृदय विदारक खबर मिली। पुत्र जितेंद्र सिंह और उसका साला हरेंद्र सिंह गंभीर जख्मी थे तो महिला प्रेमवती की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जितेंद्र सिंह चार भाई और एक बहन में दूसरे मंझला था। पांच वर्ष से वह अलीगढ़ की एक पीतल फैक्ट्री में काम कर रहा था। दो वर्ष पूर्व खीरी के मोहम्मदी थाना क्षेत्र के गांव मूड़ा खालसा की प्रेमवती से उसकी शादी हुई थी। उसका साला हरेंद्र भी कुछ समय से उसके साथ ही काम कर रहा था।
दीपावली पर तीनाें घर आने के लिए अलीगढ़ से ट्रेन पर बैठे थे। बरेली में ट्रेन से उतरने के बाद वह सैटेलाइट से शाहजहांपुर के लिए एक बुलेरो में सवार हो लिए। परिजनों से हुई बातचीत में जितेंद्र ने जल्द ही घर पहुंच जाने की बात भी कही थी, लेकिन तिलहर के नगरिया मोड़ पर बुलेरों और ट्रक में भिड़त से परिवार के साथ दीपावली मनाने की खुशियां चूर-चूर हो गईं। जितेंद्र की हालत बेहद गंभीर है। वह बोल नहीं पा रहा है। साले हरेंद्र को भी ज्यादा चोटें आई हैं, लेकिन वह होश में है। आज पीएम के बाद बहू प्रेमवती का शव घर पहुंचा तो गांव के सभी लोगों की आंखें नम हो उठीं। रामसागर उनकी पत्नी राममूर्ति सहित परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।
गांव वालों ने नहीं
मनाई दिपावली
गांव की महिला प्रेमवती की मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई। सूचना पर तमाम लोग उसके घर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना देने के साथ ही गांव के लोगों ने दीपावली का त्यौहार भी नहीं मनाया।
मदद की बजाए लूट खसोट में जुटे रहे लोग
मृतका प्रेमवती का भाई हरेंद्र दुर्घटना की याद करके सिहर उठता है। बरेली के एक अस्पताल में उसने दुर्घटना के बाद मानवता को शर्मसार करने की हकीकत बयां की। बकौल हरेंद्र वह लोग जिस बुलेरो गाड़ी में बैठे थे वह बिल्कुल नई थी। धनतेरस पर गाड़ी नहीं मिल पाने के कारण वाहन स्वामी उसे दीपावली पर लेकर घर जा रहा था। वाहन में उसने बरेली से सवारियां बैठा ली थीं। तिलहर के नगरिया मोड़ के पास अचानक भीषण दुर्घटना हो गई। दुर्घटना के बाद सबसे पहले आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। लगा कि वह लोग घायलों की मदद करेंगे, लेकिन वह तो लालची भेड़िए निकले। आते ही उन्होंने मौत के आगोश में समा चुके लोगों और सहाय पड़े घायलों ने जेवर, नगदी की लूटपाट शुरू कर दी। उसके और बहनोई के पास से 17 हजार की नगदी, जेवर, मोबाइल लूट लिया गया। और तो और उसकी मृत बहन के शरीर से कुंडल, पायल और नाक का फूल तक निकाल लिया।
घायल होने के कारण वह लोग उनका विरोध नहीं कर सके। बाद में पुलिस के मौके पर पहुंचने से पूर्व ही वह लोग मौके से खिसक लिए। पुलिस पहुंचने के बाद उन लोगों को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
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- सिसकियां भरने लगे राजू के मासूम बच्चे, पत्नी दहाड़े मारकर रोई
अमर उजाला नेटवर्क
रोजा। दीपावली का अगला दिन, जहां परिजन त्योहार की खुशियां थीं, वहीं जवान बेटे की मौत की खबर आई तो बूढ़ी मां का कलेजा दहल उठा। वह बोली, हे भगवान अब किसके सहारे कटेगा यह बुढ़ापा। बुजुर्ग की जुबां से यह शब्द सुनकर घर में दुख जताने आए लोगों की आंखों से आंसू बहने लगे।
बुधवार को सुबह का समय था। रोजा के गांव नेवाजपुर के हार्डवेयर सामान के व्यापारी राजीव दीक्षित उर्फ राजू दुकान जाने की तैयारी कर रहे थे। घर में दीपावली के त्योहार की खुशियां थीं। दुकान पर जाते समय त्योहार की बात कहते हुए बुजुर्ग मां जलधारा ने जल्दी घर लौट आने की बात कही थी। बुजुर्ग को क्या पता था कि वह बेटे से जिस कलेजे के टुकड़े से जल्दी घर लौट कर आने की बात कह रही है, उसकी मौत की खबर आएगी। युवा व्यापारी की मौत की खबर आते ही बुजुर्ग मां जलधारा बदहवास हो गई। पत्नी सोनी दहाड़े मारकर रोने लगी और मासूम बेटी मिस्ती और बेटा लबी सिसकियां भर कर रोने लगे। वहीं खुशमिजाज दिल के राजू की मौत की खबर आकर आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। जिसने सुना वह राजू को देखने दौड़ पड़ा। मृतक के घर में कोहराम मचा गया।
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राजाबाबू के घर की खुशियां
भी मातम में बदलीं
तिलहर। दीपावली का मंगल राजाबाबू उर्फ जितेंद्र के परिवार के लिए खुशियों की जगह पर मातम लेकर आया। दीपावली के पटाखे और मिठाईयों का इंतजार कर रहे राजाबाबू तीन बेटों निखिल, अर्पित, हर्षित तथा पत्नी रीता देवी पर उस समय कुदरत कहर टूट पड़ा, जब राजाबाबू की घर में मौत की खबर आई। पिता सत्य प्रकाश बेटी की मौत से आहत हैं। पोस्टमार्टम के बाद राजा बावू के परिजन उसके शव को अंत्योष्टि के लिए अपने पैतृक घर पिहानी (हरदोई) ले गये है।
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दीपावली पर प्रेमवती के घर
छाया गम का अंधेरा
पुवायां। गांव लालपुर के रामनिवास का परिवार दीपावली की सुबह बेटे जितेंद्र और बहू प्रेमवती का इंतजार कर रहा था। वह दोनों तो नहीं आए, लेकिन प्रेमवती की मौत की मनहूस खबर ने घर की खुशियों को मातम में तब्दील कर दिया। नगरिया मोड़ से तिलहर पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि उनका पुत्र दुर्घटना में गंभीर जख्मी हो गया है। दुर्घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहरम मच गया। घर के कई सदस्य मौके पर पहुंचे तो वहां दूसरी हृदय विदारक खबर मिली। पुत्र जितेंद्र सिंह और उसका साला हरेंद्र सिंह गंभीर जख्मी थे तो महिला प्रेमवती की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जितेंद्र सिंह चार भाई और एक बहन में दूसरे मंझला था। पांच वर्ष से वह अलीगढ़ की एक पीतल फैक्ट्री में काम कर रहा था। दो वर्ष पूर्व खीरी के मोहम्मदी थाना क्षेत्र के गांव मूड़ा खालसा की प्रेमवती से उसकी शादी हुई थी। उसका साला हरेंद्र भी कुछ समय से उसके साथ ही काम कर रहा था।
दीपावली पर तीनाें घर आने के लिए अलीगढ़ से ट्रेन पर बैठे थे। बरेली में ट्रेन से उतरने के बाद वह सैटेलाइट से शाहजहांपुर के लिए एक बुलेरो में सवार हो लिए। परिजनों से हुई बातचीत में जितेंद्र ने जल्द ही घर पहुंच जाने की बात भी कही थी, लेकिन तिलहर के नगरिया मोड़ पर बुलेरों और ट्रक में भिड़त से परिवार के साथ दीपावली मनाने की खुशियां चूर-चूर हो गईं। जितेंद्र की हालत बेहद गंभीर है। वह बोल नहीं पा रहा है। साले हरेंद्र को भी ज्यादा चोटें आई हैं, लेकिन वह होश में है। आज पीएम के बाद बहू प्रेमवती का शव घर पहुंचा तो गांव के सभी लोगों की आंखें नम हो उठीं। रामसागर उनकी पत्नी राममूर्ति सहित परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।
गांव वालों ने नहीं
मनाई दिपावली
गांव की महिला प्रेमवती की मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई। सूचना पर तमाम लोग उसके घर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना देने के साथ ही गांव के लोगों ने दीपावली का त्यौहार भी नहीं मनाया।
मदद की बजाए लूट खसोट में जुटे रहे लोग
मृतका प्रेमवती का भाई हरेंद्र दुर्घटना की याद करके सिहर उठता है। बरेली के एक अस्पताल में उसने दुर्घटना के बाद मानवता को शर्मसार करने की हकीकत बयां की। बकौल हरेंद्र वह लोग जिस बुलेरो गाड़ी में बैठे थे वह बिल्कुल नई थी। धनतेरस पर गाड़ी नहीं मिल पाने के कारण वाहन स्वामी उसे दीपावली पर लेकर घर जा रहा था। वाहन में उसने बरेली से सवारियां बैठा ली थीं। तिलहर के नगरिया मोड़ के पास अचानक भीषण दुर्घटना हो गई। दुर्घटना के बाद सबसे पहले आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। लगा कि वह लोग घायलों की मदद करेंगे, लेकिन वह तो लालची भेड़िए निकले। आते ही उन्होंने मौत के आगोश में समा चुके लोगों और सहाय पड़े घायलों ने जेवर, नगदी की लूटपाट शुरू कर दी। उसके और बहनोई के पास से 17 हजार की नगदी, जेवर, मोबाइल लूट लिया गया। और तो और उसकी मृत बहन के शरीर से कुंडल, पायल और नाक का फूल तक निकाल लिया।
घायल होने के कारण वह लोग उनका विरोध नहीं कर सके। बाद में पुलिस के मौके पर पहुंचने से पूर्व ही वह लोग मौके से खिसक लिए। पुलिस पहुंचने के बाद उन लोगों को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई।