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चकबंदी में अनियमितताओं के खिलाफ भड़के शिव सैनिक
Shahjahanpur
Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
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कलक्ट्रेट मेें प्रदर्शन करके सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। चकबंदी कार्य में अनियमितताओं के विरोध में शिवसेना कार्यकर्ता मंगलवार को भड़ककर सड़क पर उतर आए। उन्होंने संगठन के जिला प्रमुख सुरेश सिंह राठौर के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट गौरव वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर चकबंदी में धांधली करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला प्रमुख ने कहा: बथुई अक्का, बरहा मोहब्बतपुर, पकड़िया, ईश्वरा, इटौआ आदि गांवों में दोषपूर्ण चकबंदी प्रक्रिया अपनाए जाने के विरोध में तिलहर तहसील मुख्यालय पर 14 दिन तक क्रमिक और आमरण अनशन के बावजूद विभागीय अफसरों और किसानों के बीच हुए समझौते का पालन नहीं किया गया। न तो चकबंदी निरस्त हुई और न ही किसानों के चकों की नाप की गई।
ज्ञापन में भी इसी समस्या का प्रमुखता से उल्लेख करते हुए कहा गया है: क्षेत्रीय चकबंदी अधिकारी ने विभागीय कानूनगो और लेखपाल से मिलकर 250 किसानों की छह सौ बीघा जमीन नवीन परती में घोषित करके उस पर एक प्रधान को कब्जा करा दिया। इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर जमीन से प्राप्त आय राजस्व कर की मद में जमा कराई। अन्यथा की स्थिति में शिवसेना कार्यकर्ता लखनऊ जाकर कविधान भवन केसमक्ष धरना देने को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन में साहब सिंह, मेवाराम, राजाराम, नरेंद्र पाल सिंह, बुलाकी, फूलचंद्र, मधुरई, द्रगपाल, पातीराम आदि शामिल रहे।
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सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। चकबंदी कार्य में अनियमितताओं के विरोध में शिवसेना कार्यकर्ता मंगलवार को भड़ककर सड़क पर उतर आए। उन्होंने संगठन के जिला प्रमुख सुरेश सिंह राठौर के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट गौरव वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर चकबंदी में धांधली करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला प्रमुख ने कहा: बथुई अक्का, बरहा मोहब्बतपुर, पकड़िया, ईश्वरा, इटौआ आदि गांवों में दोषपूर्ण चकबंदी प्रक्रिया अपनाए जाने के विरोध में तिलहर तहसील मुख्यालय पर 14 दिन तक क्रमिक और आमरण अनशन के बावजूद विभागीय अफसरों और किसानों के बीच हुए समझौते का पालन नहीं किया गया। न तो चकबंदी निरस्त हुई और न ही किसानों के चकों की नाप की गई।
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ज्ञापन में भी इसी समस्या का प्रमुखता से उल्लेख करते हुए कहा गया है: क्षेत्रीय चकबंदी अधिकारी ने विभागीय कानूनगो और लेखपाल से मिलकर 250 किसानों की छह सौ बीघा जमीन नवीन परती में घोषित करके उस पर एक प्रधान को कब्जा करा दिया। इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर जमीन से प्राप्त आय राजस्व कर की मद में जमा कराई। अन्यथा की स्थिति में शिवसेना कार्यकर्ता लखनऊ जाकर कविधान भवन केसमक्ष धरना देने को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन में साहब सिंह, मेवाराम, राजाराम, नरेंद्र पाल सिंह, बुलाकी, फूलचंद्र, मधुरई, द्रगपाल, पातीराम आदि शामिल रहे।
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