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न्यूजीलैंड से लौट रहा छात्र लापता
Shahjahanpur
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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परिजनों को लाडले के साथ अनहोनी की आशंका
- उच्च शिक्षा के लिए 30 अप्रैल, 2011 को गया था विदेश
- छात्र ने मित्र को 14 मार्च को दी थी घर पहुंचने की जानकारी
- छात्र के भाई ने दर्ज कराई गुमशुदगी, सर्विलांस से उम्मीद बंधी
अमर उजाला नेटवर्क
पुवायां। न्यूजीलैंड से घर को रवाना हुए छात्र का कई दिन बीतने के बाद भी पता नहीं चल सका है। उसके परिजन बेहद परेशान हैं। तमाम संभावित स्थानों पर तलाश के बाद भी पता नहीं चलने पर वह अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।
गांव शहजादपुर निवासी किसान बलकार सिंह ने अपने पुत्र सुखमीत को उच्च शिक्षा के लिए 30 अप्रैल, 2011 को न्यूजीलैंड रवाना किया था। डिग्री प्राप्त करने के बाद 18 मार्च को सुखमीत ने फोन करके लखनऊ पहुंचने की जानकारी दी। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रह है। कई दिन तक घर न लौटने पर उसका भाई दलजीत सिंह परिवार के अन्य लोगों को लेकर तलाशने निकला। लखनऊ जाकर इंस्टीट्यूट से पता चला कि सुखमीत कई दिन पहले डिग्री लेकर लौट गया था। इस पर दलजीत ने उसके दोस्तों के बारे में जानकारी की।
गाजीपुर के रहने वाले जनार्दन कुमार ने बताया कि सुखमीत तीन मार्च को न्यूजीलैंड से दिल्ली पहुंचा था और उसे फोन किया था। इसके बाद वह 13 मार्च तक जनार्दन के साथ हजरतगंज क्षेत्र में अंबेडकर छात्रावास के कमरा नंबर 205 में रहा, फिर घर जाने की बात कहकर चला गया। अगले दिन 14 मार्च को सुखमीत ने जनार्दन को फोन करके बताया कि वह घर पहुंच गया है। इस जानकारी से घबराए परिवार वालों ने और तहकीकात की। उनका मानना है कि वीजा का नवीनीकरण न होने के कारण सुखमीत को न्यूजीलैंड से लौटना पड़ा था।
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मामले की रिपोर्ट छात्र के भाई दलजीत सिंह की ओर से हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। छात्र का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया था। बताया जाता है कि मोबाइल कभी कभार थोड़ी देर के लिए ऑन होता है और फिर से बंद हो जाता है। मोबाइल की लोकेशन चारबाग क्षेत्र की मिल रही है, लेकिन पुलिस किसी ठोस नताजे पर नहीं पहुंच सकी है।
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- उच्च शिक्षा के लिए 30 अप्रैल, 2011 को गया था विदेश
- छात्र ने मित्र को 14 मार्च को दी थी घर पहुंचने की जानकारी
- छात्र के भाई ने दर्ज कराई गुमशुदगी, सर्विलांस से उम्मीद बंधी
अमर उजाला नेटवर्क
पुवायां। न्यूजीलैंड से घर को रवाना हुए छात्र का कई दिन बीतने के बाद भी पता नहीं चल सका है। उसके परिजन बेहद परेशान हैं। तमाम संभावित स्थानों पर तलाश के बाद भी पता नहीं चलने पर वह अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।
गांव शहजादपुर निवासी किसान बलकार सिंह ने अपने पुत्र सुखमीत को उच्च शिक्षा के लिए 30 अप्रैल, 2011 को न्यूजीलैंड रवाना किया था। डिग्री प्राप्त करने के बाद 18 मार्च को सुखमीत ने फोन करके लखनऊ पहुंचने की जानकारी दी। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रह है। कई दिन तक घर न लौटने पर उसका भाई दलजीत सिंह परिवार के अन्य लोगों को लेकर तलाशने निकला। लखनऊ जाकर इंस्टीट्यूट से पता चला कि सुखमीत कई दिन पहले डिग्री लेकर लौट गया था। इस पर दलजीत ने उसके दोस्तों के बारे में जानकारी की।
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गाजीपुर के रहने वाले जनार्दन कुमार ने बताया कि सुखमीत तीन मार्च को न्यूजीलैंड से दिल्ली पहुंचा था और उसे फोन किया था। इसके बाद वह 13 मार्च तक जनार्दन के साथ हजरतगंज क्षेत्र में अंबेडकर छात्रावास के कमरा नंबर 205 में रहा, फिर घर जाने की बात कहकर चला गया। अगले दिन 14 मार्च को सुखमीत ने जनार्दन को फोन करके बताया कि वह घर पहुंच गया है। इस जानकारी से घबराए परिवार वालों ने और तहकीकात की। उनका मानना है कि वीजा का नवीनीकरण न होने के कारण सुखमीत को न्यूजीलैंड से लौटना पड़ा था।
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मामले की रिपोर्ट छात्र के भाई दलजीत सिंह की ओर से हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। छात्र का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया था। बताया जाता है कि मोबाइल कभी कभार थोड़ी देर के लिए ऑन होता है और फिर से बंद हो जाता है। मोबाइल की लोकेशन चारबाग क्षेत्र की मिल रही है, लेकिन पुलिस किसी ठोस नताजे पर नहीं पहुंच सकी है।