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इमरजेंसी आफिसर पर कातिलाना हमला

Shahjahanpur Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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घायल के दम तोड़ने पर उत्तेजित साथियों ने दिया वारदात को अंजाम
- आधा दर्जन से अधिक के खिलाफ रिपोर्ट, चार गिरफ्तार
- अस्पताल में लटके ताले, स्वास्थ्य कर्मचारी धरने पर बैठे
- एडी के आश्वासन पर पोस्टमार्टम, इमरजेंसी सेवाएं की शुरू
- अस्पताल में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात, कोतवाल भी रहे मौजूद
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। सड़क दुर्घटना में घायल युवक ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे गुस्साएं साथियों ने इमरजेंसी आफिसर डॉ. हिमांशु शेखर पर जानलेवा हमला बोल दिया। लात घूंसों से डॉक्टर की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के विरोध में स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर चले गए। ओपीडी, इमरजेंसी आदि बंद कर दी गई। दोपहर बाद अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. आरआर त्यागी के आश्वासन पर डॉक्टर पोस्टमार्टम और इमरजेंसी सेवा शुरू करने पर सहमत हो गए। घटना के बाद अस्पताल में बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती कर दी गई।
घटना रात करीब दस बजे हुई। सड़क दुर्घटना में घायल थाना पुवायां के गांव फत्तेपुर निवासी अंकित को जिला अस्पताल लाया गया। यहां ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डॉ. हिमांशु शेखर ने प्राथमिक उपचार किया। घायल के सिर में गंभीर चोट थी, जिससे उसका खून अधिक बह चुका था और वह मरणासन्न अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था, इसलिए उसने यहां दम तोड़ दिया। इसको लेकर उसके साथ आए कुछ लोग भड़क उठे। गाली-गलौज करते हुए डॉक्टर पर हमला बोल दिया। लात घंसों से बुरी तरह से पिटाई की गई, जिससे यहां मौजूद अन्य मरीज और तीमारदार सहम गए। हमलावरों ने इमरजेंसी का सामान भी तहस-नहस कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हमलावर जागेश्वर, अमित, अरुण और लक्ष्मी को पकड़ लिया और कोतवाली ले आई। इस मामले में करीब आधा दर्जन हमलावरों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, डॉक्टर पर एक राय होकर जान लेवा हमला बोलने आदि आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
घायल डॉक्टर को अस्पताल में ही भर्ती करके उनका उपचार शुरू कर दिया गया। डॉक्टर पर हुए हमले को लेकर सेहत महकमे में भूचाल आ गया। डॉक्टर्स और कर्मी हड़ताल पर चले गए। इमरजेंसी और ओपीडी बंद कर दी गई। सभी स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए। डीएम एके बरनवाल के मौके पर पहुंचने पर भी सहमति नहीं बनी और हड़ताल जारी रही। दोपहर के समय एडी (हेल्थ) डॉ. आरआर त्यागी मौके पर पहुंचे।
डॉक्टर का हालचाल जानने के बाद एडी ने हड़ताल कर्मियों से बातचीत की। एडी के आश्वासन पर धरना खत्म कर दिया गया और इमरजेंसी तथा पोस्टमार्टम सेवा शुरू कर दी गई। इसको लेकर अस्पताल में खासा अव्यवस्था का माहौल कायम रहा।


हमलावरों को नहीं था खाकी वालों का खौफ
शाहजहांपुर। जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी है। इसी से करीब बीस-तीस कदम दूरी पर अस्पताल परिसर में ही पुलिस चौकी है। अस्पताल में रात में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगती है। सोमवार की रात घायल अंकित के दम तोड़ने के बाद उसके साथियों ने डॉ. हिमांशु पर हमला बोल दिया। हमलावरों को पास में ही स्थित पुलिस चौकी का जरा भी डर नहीं लगा। वे डॉक्टर को पीटते ही रहे। अस्पताल गेट पर मौजूद पुलिस कर्मी अंदर भी आए, लेकिन हमलावर भागने की बजाए डॉक्टर को मार डालने की फिराक में थे। पुलिस के वक्त पर पहुंचने से डॉक्टर की जान बच गई। वहीं कुछ देर बाद अधिक पुलिस फोर्स आने पर हमलावरों को दबोच लिया गया। बावजूद इसके उनके चेहरे पर पुलिस का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा था।

उपचार के अभाव में चली गई रमेश की जान
डॉ. हिमांशु पर जानलेवा हमला होने के बाद इमरजेंसी सेवा बंद कर दी गई। थाना मोहम्मदी के गांव भवानीपुर निवासी रमेश को उसका साला मदन लाल घायल हालत में यहां लाया, लेकिन इमरजेंसी बंद थी और बवाल चल रहा था। मदन लाल ने बताया कि उसके बहनोई रमेश का उपचार नहीं हो सका और उसकी मौत हो गई। इसके अलावा कई और मरीज भी उपचार के अभाव में अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते रहे। उनके साथ आए तीमारदार हड़ताल हड़ताल खत्म होने का इंतजार करते रहे।


परेशान रहे अस्पताल में भर्ती मरीज भी
जिला अस्पताल में सोमवार को हड़ताल के कारण इमरजेंसी और ओपीडी बंद होने पर यहां आने वाले मरीजों का उपचार नहीं हो सका। वहीं महिला और पुरुष अस्पताल के कर्मियों के धरने पर बैठ जाने से अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं था, जिससे तीमारदारों में रोष देखा गया।



आईएमए ने की घटना की निंदा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी डॉ. शेखर पर हुए हमले पर गहरा रोष जताया है। एसोसिएशन के तमाम पदाधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल डॉ. शेखर का हालचाल जाना। डॉक्टरों ने यहां एडी से मिलकर डॉक्टरों पर इस तरह के होने वाले हमलों को संज्ञान में लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई।


फरार हमलावरों की तलाश जारी
डॉ. शेखर पर हुए हमले की आधा दर्जन हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चार हमलावरों को मौके पर से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार हमलावरों की तलाश जारी है।
- नरेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली




मारपीट से नहीं चलती व्यवस्था
‘जिला अस्पताल में डॉ. हिमांशु शेखर पर हमला निंदनीय कृत्य है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। साथ ही अस्पताल और वहां के स्टाफ की सुरक्षा तत्काल बढ़ानी चाहिए। लोगों को भी यह समझना चाहिए कि कोई भी व्यवस्था मारपीट से संचालित नहीं हो सकती।’
- सुरेश खन्ना, विधायक


दोषियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
‘डॉक्टर का काम जान बचाना होता है न कि जान लेना। अत: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। प्रदेश सरकार से भी अनुरोध है कि वह ऐसा विधेयक लाए कि अस्पतालों में तोड़फोड़ और मारपीट करने वालों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हो और सख्त कार्रवाई की जाए।’
- डॉ. नीरज अग्रवाल, सचिव आईएमए

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