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कृषि उपनिदेशक ने लिए धान के नमूने
Shahjahanpur
Updated Sun, 23 Nov 2014 05:30 AM IST
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- शासन से हुई शिकायत का लिया संज्ञान, रोजा मंडी पहुंचे
- धान में डैमेज की मात्रा अधिक होने की कराई जाएगी जांच
- प्रशासन और विकास विभाग के अफसरों ने किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मूल्य समर्थन योजना के तहत धान की सरकारी खरीद में एक माह तक बाधक बनी रही नमी की समस्या दूर होने के बाद अब डैमेज प्रतिशत अधिक होने से केंद्र प्रभारी शासन से तय मूल्य पर खरीद करने से कतरा रहे हैं। इस संबंध में मार्केटिंग विभाग के अधिकारियों द्वारा शासन स्तर पर शिकायत करने के बाद शनिवार को केंद्र सरकार के उप निदेशक (कृषि) आरके शाही ने रोजा मंडी से धान के कई नमूने लिए। इस बीच, प्रशासन और विकास विभाग के अधिकारियों ने कई धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं जांचीं।
किसानों द्वारा क्रय केंद्रों पर धान की खरीद में केंद्र प्रभारियों पर मनमानी के आरोपों पर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके खरीद में पिछड़े केंद्र प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए और कई मंडी सचिवों का वेतन रोक दिया। इस कारण शनिवार को रोजा मंडी समेत विभिन्न तहसीलों में धान खरीद में तेजी आई, लेकिन इसी के साथ किसान मौसम की मार से खराब हुआ धान भी बिक्री के लिए लाने लगे।
इस संबंध में पिछले दिनों उप संभागीय विपणन अधिकारी कौशल देव ने खाद्य निदेशालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी। डिप्टी आरएमओ के अनुसार शासन ने पिछले साल किसानों को सात प्रतिशत डैमेज छूट दी थी जिसे इस वर्ष घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया। बावजूद इसके मंडियों में आ रहे धान में 9.8 से लेकर 10.8 प्रतिशत तक की खराबी निकल रही है। निदेशक को भेजी गई इसी रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने डीडीआर शाही को यहां भेजा। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि डीडीआर ने फसल में डैमेज जांच के लिए रोजा मंडी से धान के कई नमूने लिए। इस बीच, धान खरीद के प्रभारी अधिकारी बनाए गए एडीएम पीके श्रीवास्तव सहित सभी तहसीलों में एसडीएम, तहसीलदार और बीडीओ ने क्रय केंद्रों के निरीक्षण का अभियान चलाया। जांच में मिले तथ्यों की रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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पैक्स सचिवों ने दोहराई
बारदाना की मांग
पैक्स सचिव वेलफेयर सोसाइटी से जुड़े सहकारी समितियों के सचिवों ने शनिवार को फिर बैठक करके सभी केंद्रों पर खरीदे गए धान की लोडिंग कराने के लिए बोरे उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। इस संबंध में डीएम के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि पीसीएफ और यूपीएसएस के जिला प्रबंधक न तो केंद्र प्रभारियों को भुगतान के लिए धनराशि दे रहे और न ही खाली बोरे उपलब्ध करा रहे हैं।
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- धान में डैमेज की मात्रा अधिक होने की कराई जाएगी जांच
- प्रशासन और विकास विभाग के अफसरों ने किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मूल्य समर्थन योजना के तहत धान की सरकारी खरीद में एक माह तक बाधक बनी रही नमी की समस्या दूर होने के बाद अब डैमेज प्रतिशत अधिक होने से केंद्र प्रभारी शासन से तय मूल्य पर खरीद करने से कतरा रहे हैं। इस संबंध में मार्केटिंग विभाग के अधिकारियों द्वारा शासन स्तर पर शिकायत करने के बाद शनिवार को केंद्र सरकार के उप निदेशक (कृषि) आरके शाही ने रोजा मंडी से धान के कई नमूने लिए। इस बीच, प्रशासन और विकास विभाग के अधिकारियों ने कई धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं जांचीं।
किसानों द्वारा क्रय केंद्रों पर धान की खरीद में केंद्र प्रभारियों पर मनमानी के आरोपों पर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके खरीद में पिछड़े केंद्र प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए और कई मंडी सचिवों का वेतन रोक दिया। इस कारण शनिवार को रोजा मंडी समेत विभिन्न तहसीलों में धान खरीद में तेजी आई, लेकिन इसी के साथ किसान मौसम की मार से खराब हुआ धान भी बिक्री के लिए लाने लगे।
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इस संबंध में पिछले दिनों उप संभागीय विपणन अधिकारी कौशल देव ने खाद्य निदेशालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी। डिप्टी आरएमओ के अनुसार शासन ने पिछले साल किसानों को सात प्रतिशत डैमेज छूट दी थी जिसे इस वर्ष घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया। बावजूद इसके मंडियों में आ रहे धान में 9.8 से लेकर 10.8 प्रतिशत तक की खराबी निकल रही है। निदेशक को भेजी गई इसी रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने डीडीआर शाही को यहां भेजा। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि डीडीआर ने फसल में डैमेज जांच के लिए रोजा मंडी से धान के कई नमूने लिए। इस बीच, धान खरीद के प्रभारी अधिकारी बनाए गए एडीएम पीके श्रीवास्तव सहित सभी तहसीलों में एसडीएम, तहसीलदार और बीडीओ ने क्रय केंद्रों के निरीक्षण का अभियान चलाया। जांच में मिले तथ्यों की रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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पैक्स सचिवों ने दोहराई
बारदाना की मांग
पैक्स सचिव वेलफेयर सोसाइटी से जुड़े सहकारी समितियों के सचिवों ने शनिवार को फिर बैठक करके सभी केंद्रों पर खरीदे गए धान की लोडिंग कराने के लिए बोरे उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। इस संबंध में डीएम के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि पीसीएफ और यूपीएसएस के जिला प्रबंधक न तो केंद्र प्रभारियों को भुगतान के लिए धनराशि दे रहे और न ही खाली बोरे उपलब्ध करा रहे हैं।