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बुखार ने पांच और लोगों की ले ली जान
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:20 PM IST
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बुखार ने पांच और लोगों की ली जान
केंद्रीय राज्यमंत्री के गोद लिए गांव में बच्ची समेत दो ने तोड़ा दम
जिला अस्पताल में नहीं कम हो रही बुखार पीड़ित मरीजों की भीड़
फोटो-40,जिला अस्पताल में बुखार से भर्ती मरीज।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। रविवार को भी अलग-अलग स्थानों पर पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें दो खुदागंज क्षेत्र के केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णाराज के गोद लिए गांव नवादा दरोबस्त में दो, फूलवा में दो और निगोही के गांव बुढ़ानपुर में एक की जान चली गई। इधर, जिला अस्पताल में रविवार को भी बुखार पीड़ित मरीजों की ही भीड़ बनी रही।
गांव नवादा दरोबस्त निवासी राजकुमार सिंह की बेटी 20 वर्षीय सरिता को चार दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डॉक्टरों के पास इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शनिवार देर शाम उसकी मौत हो गई। इसी गांव के ओमवीर सिंह उर्फ कंधई की पांच वर्षीय बेटी रोली भी दो दिन से बुखार से पीड़ित थी। शनिवार शाम उसने भी बुखार में दम तोड़ दिया। गांव फूलवा निवासी फकीरे लाल की पत्नी 42 वर्षीय रामकटोरी, 42 वर्षीय लेखराज की बुखार के चलते शनिवार को मौत हो गई। निगोही क्षेत्र के गांव बुढ़ानपुर निवासी मुशर्रफ की 16 वर्षीय बेटी निशा को रविवार सुबह बुखार ने जकड़ लिया। प्राइवेट में दवा ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। परिजन उसे दूसरे डॉक्टर के पास ले जाते, इससे पहले उसने दम तोड़ दिया। इधर, जिला अस्पताल में रविवार को भी बुखार पीड़ितों की भीड़ बनी रही लेकिन शुक्र रहा कि जिला अस्पताल में किसी की बुखार से जान नहीं गई। शनिवार को जिला अस्पताल में तीन बच्चों की मौत हो गई थी।
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सीएचसी पर नहीं रुकते डॉक्टर
खुदागंज। गांव फूलवा में बुखार से पीड़ित 50 वर्षीय फकीरे लाल की शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं गांव जिगनिया में भी एक सप्ताह के अंदर 50 वर्षीय कोमिल, 35 वर्षीय मुनीश की जान जा चुकी है। बुखार से हो रहीं इन मौतों और मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के खुदागंज में सारे दावे फेल हो रहे हैं। यहां सीएचसी पर डॉक्टर नहीं रुकते हैं। उनका प्रतिदिन बरेली से आना-जाना होता है। अस्पताल में कोई रुकता नहीं, इसलिए मरीजों को प्राइवेट या झोलाछाप के जाना पड़ रहा है।
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खजुरी में लगा स्वास्थ्य शिविर, 200 की बनाई गई ब्लड स्लाइड
फोटो-41
कलान। गांव खजुरी में 24 घंटे के अंदर पांच लोगों की बुखार से मौत के बाद सीएमओ डॉ. आरपी रावत के निर्देशन में रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने गांव के स्कूल में कैंप कर 568 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा का वितरण किया गया। इनमें से 200 लोगों के ब्लड के नमूने लिए गए। सीएमओ ने गांव डुग्गी पिटवाकर लोगों को कैंप में बुलवाया और दवा वितरण के साथ ही साफ-सफाई के बारे में बताया। इसके बाद मच्छरों को नष्ट करने के लिए नालियों में दवा का छिड़काव कराया गया और फागिंग कराई गई। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर सीएमओ ने एएनएम को लापरवाही बरतने पर फटकार भी लगाई।
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लापरवाह डॉक्टरों पर गिरी गाज, रोका गया वेतन
शाहजहांपुर। सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने रविवार दोपहर अचानक मिर्जापुर के जरियनपुर में स्थित पीएचसी का निरीक्षण किया। यहां उन्हें डॉ. प्रदीप कुमार और स्टाफ नर्स गायब मिलीं। इस पर उन्होंने दोनों स्वास्थ्य कर्मचारियों के एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति करने के साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके बाद उन्होंने कलान पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। यहां पर भी डॉ. विशाल अनुपस्थित थे, उनके बारे में स्टाफ के लोग सही जानकारी भी नहीं दे पाए। इस पर उनका भी एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति करने के साथ जवाब-तलब किया है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री के गोद लिए गांव में बच्ची समेत दो ने तोड़ा दम
जिला अस्पताल में नहीं कम हो रही बुखार पीड़ित मरीजों की भीड़
फोटो-40,जिला अस्पताल में बुखार से भर्ती मरीज।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। रविवार को भी अलग-अलग स्थानों पर पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें दो खुदागंज क्षेत्र के केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णाराज के गोद लिए गांव नवादा दरोबस्त में दो, फूलवा में दो और निगोही के गांव बुढ़ानपुर में एक की जान चली गई। इधर, जिला अस्पताल में रविवार को भी बुखार पीड़ित मरीजों की ही भीड़ बनी रही।
गांव नवादा दरोबस्त निवासी राजकुमार सिंह की बेटी 20 वर्षीय सरिता को चार दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डॉक्टरों के पास इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शनिवार देर शाम उसकी मौत हो गई। इसी गांव के ओमवीर सिंह उर्फ कंधई की पांच वर्षीय बेटी रोली भी दो दिन से बुखार से पीड़ित थी। शनिवार शाम उसने भी बुखार में दम तोड़ दिया। गांव फूलवा निवासी फकीरे लाल की पत्नी 42 वर्षीय रामकटोरी, 42 वर्षीय लेखराज की बुखार के चलते शनिवार को मौत हो गई। निगोही क्षेत्र के गांव बुढ़ानपुर निवासी मुशर्रफ की 16 वर्षीय बेटी निशा को रविवार सुबह बुखार ने जकड़ लिया। प्राइवेट में दवा ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। परिजन उसे दूसरे डॉक्टर के पास ले जाते, इससे पहले उसने दम तोड़ दिया। इधर, जिला अस्पताल में रविवार को भी बुखार पीड़ितों की भीड़ बनी रही लेकिन शुक्र रहा कि जिला अस्पताल में किसी की बुखार से जान नहीं गई। शनिवार को जिला अस्पताल में तीन बच्चों की मौत हो गई थी।
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सीएचसी पर नहीं रुकते डॉक्टर
खुदागंज। गांव फूलवा में बुखार से पीड़ित 50 वर्षीय फकीरे लाल की शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं गांव जिगनिया में भी एक सप्ताह के अंदर 50 वर्षीय कोमिल, 35 वर्षीय मुनीश की जान जा चुकी है। बुखार से हो रहीं इन मौतों और मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के खुदागंज में सारे दावे फेल हो रहे हैं। यहां सीएचसी पर डॉक्टर नहीं रुकते हैं। उनका प्रतिदिन बरेली से आना-जाना होता है। अस्पताल में कोई रुकता नहीं, इसलिए मरीजों को प्राइवेट या झोलाछाप के जाना पड़ रहा है।
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खजुरी में लगा स्वास्थ्य शिविर, 200 की बनाई गई ब्लड स्लाइड
फोटो-41
कलान। गांव खजुरी में 24 घंटे के अंदर पांच लोगों की बुखार से मौत के बाद सीएमओ डॉ. आरपी रावत के निर्देशन में रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने गांव के स्कूल में कैंप कर 568 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा का वितरण किया गया। इनमें से 200 लोगों के ब्लड के नमूने लिए गए। सीएमओ ने गांव डुग्गी पिटवाकर लोगों को कैंप में बुलवाया और दवा वितरण के साथ ही साफ-सफाई के बारे में बताया। इसके बाद मच्छरों को नष्ट करने के लिए नालियों में दवा का छिड़काव कराया गया और फागिंग कराई गई। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर सीएमओ ने एएनएम को लापरवाही बरतने पर फटकार भी लगाई।
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लापरवाह डॉक्टरों पर गिरी गाज, रोका गया वेतन
शाहजहांपुर। सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने रविवार दोपहर अचानक मिर्जापुर के जरियनपुर में स्थित पीएचसी का निरीक्षण किया। यहां उन्हें डॉ. प्रदीप कुमार और स्टाफ नर्स गायब मिलीं। इस पर उन्होंने दोनों स्वास्थ्य कर्मचारियों के एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति करने के साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके बाद उन्होंने कलान पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। यहां पर भी डॉ. विशाल अनुपस्थित थे, उनके बारे में स्टाफ के लोग सही जानकारी भी नहीं दे पाए। इस पर उनका भी एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति करने के साथ जवाब-तलब किया है।